“प” से ‘पेगासस’

व्यंग्य: डाॅ रवीन्द्र कुमार आज शाम में चौकी रखी है। अगले शुक्रवार जगराता है। माता…

रेलमंत्री जी, यात्री भेड़-बकरियों की तरह यात्रा करने को क्यों मजबूर हो रहे हैं? पूछते हैं यात्री!

यात्रियों ने रेलमंत्री से निवेदन किया है कि यदि किराया राजधानी के बराबर लिया जा…

समाजवाद और समानता

अगर जल्दी ही जनसंख्या में समानुपातिक नियंत्रण नहीं किया गया और शिक्षा एवं रोजगार में…