RDSO: इंटीग्रेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम वेंडर अप्रूवल विवाद और बेनतीजा रही वेंडर्स की हाई-प्रोफाइल बैठक

भारतीय रेल में इंटीग्रेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (#IPIS) के वेंडर अप्रूवल और उससे जुड़े कथित विवाद इन दिनों रेलवे के गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हाल ही में आरडीएसओ (#RDSO) और टेलीकॉम डायरेक्टोरेट की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। इस संदर्भ में हाल ही में #Railwhispers की कई मीडिया रिपोर्ट्स और #RailVisionTV के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें इस पूरे प्रशासनिक और तकनीकी घालमेल की परतें खोली गई हैं।

सोमवार, 1 नवंबर को आरडीएसओ के ईडी/टेली (Executive Director/Telecommunication) द्वारा एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में केवल नॉन-अप्रूव्ड वेंडर्स ही नहीं, बल्कि उन सभी वेंडर्स को बुलाया गया था जो इस प्रणाली से जुड़े हुए हैं। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में लगभग 19 फर्मों (वेंडर्स) ने हिस्सा लिया, जिनमें वे 8 फर्में भी शामिल थीं जिन्हें पहले ही इसका अप्रूवल मिल चुका है। इस बैठक से केवल तीन वेंडर अनुपस्थित रहे।

सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि मीडिया में IPIS वेंडर अप्रूवल को लेकर फैली खबरों और उजागर हुई जोड़तोड़ के बाद पीईडी/टेली (Principal Executive Director/Telecommunication) इस मीटिंग में शामिल होने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। हालांकि, बाद में ईडी/टेली द्वारा अपनी स्थिति और इज्जत का हवाला देकर उन्हें थोड़े समय के लिए मीटिंग में चलने के लिए राजी किया गया। उन्हें यह कहकर मनाया गया कि वे शिष्टाचार के नाते शुरुआत में वेंडर्स के साथ केवल औपचारिकता वश चाय पिएं, मीटिंग की शुरुआत करवाएं और फिर किसी अन्य आवश्यक कार्य का बहाना बनाकर वहां से निकल जाएं। हालांकि, उनकी यह असहज और लाचारी भरी स्थिति वहां मौजूद किसी भी वेंडर से छिपी नहीं रह सकी।

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बताते हैं कि पीईडी/टेली के बैठक से जाने के बाद, ईडी/टेली ने मीडिया में वेंडर अप्रूवल को लेकर सामने आई बातों पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विशेष रूप से उन वेंडर्स पर अपनी भड़ास निकाली जो इस मीटिंग में मौजूद नहीं थे। साथ ही, उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि आज की इस बैठक में जो कुछ भी चर्चा हो रही है, वह मीडिया तक नहीं पहुंचनी चाहिए।
मीटिंग में एक दिलचस्प वाकया यह भी सामने आया कि हालांकि ज्यादातर फर्मों के मालिक (ओनर्स) स्वयं उपस्थित थे, लेकिन एक फर्म ने अपने डायरेक्टर को अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा था। इस प्रतिनिधि को ईडी/टेली द्वारा यह कहकर मीटिंग में शामिल होने से रोक दिया गया कि अन्य फर्मों के ओनर उसका विरोध कर सकते हैं।

बैठक के दौरान ईडी/टेली ने यह सफाई देने की कोशिश की कि उन्होंने किसी भी फर्म के साथ कोई भेदभाव या पक्षपात नहीं किया है, और इसके बावजूद उन्हें बेवजह टारगेट किया जा रहा है। लेकिन एक फर्म के ओनर के अनुसार, उनके इस कथन को उनके चेहरे के हावभाव और बॉडी लैंग्वेज का बिल्कुल भी समर्थन नहीं मिल रहा था। उस फर्म ओनर ने स्पष्ट रूप से यह आरोप लगाया कि इन आठ फर्मों के तथाकथित ‘कार्टेल’ का मुख्य केंद्रबिंदु स्वयं ईडी/टेली ही हैं। अब हालाँकि स्थिति यह है कि स्पेसिफिकेशन तैयार करने और अप्रूवल देने में थोड़ी जल्दबाजी करने को लेकर उन्हें पछतावा हो रहा है।

इसके अलावा, यह भी बात सामने आई है कि जिन आठ फर्मों को अप्रूव किया गया है, अर्थात जिनका ‘कार्टेल’ बनाया गया है, उनमें से लगभग सभी के प्रोटोटाइप निर्माण से लेकर हर प्रकार की तकनीकी सहायता (Technical Help) एक ही कंपनी द्वारा प्रदान की गई है, और यह सब भी ईडी/टेली के निर्देशों के अनुसार ही हुआ है। वेंडर्स का मानना है कि ईडी/टेली की मनमानी और कार्टेलाइजेशन की यह तिकड़म यहीं रुकने वाली नहीं है, क्योंकि उनका दावा है कि उनकी पहुंच बहुत ऊपर तक है और इसका ‘हिस्सा’ ऊपर—एएम/टेली एवं मेंबर इंफ्रास्ट्रक्चर—तक जाता है। ऐसे में यह पूरा विवाद और इससे जुड़ी प्रशासनिक खींचतान अभी कुछ और दिनों तक जारी रहने के आसार हैं।

इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी और विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए निम्नलिखित संदर्भों और लिंक्स का अध्ययन किया जा सकता है:

#Ep271: RDSO | IPIS वेंडर अप्रूवल में पक्षपात?

“RDSO Telecom Scam: Cartelization, Monopolies, and the IPIS Controversy”

“आईपीआईएस टेंडर और कार्टेल विवाद: आरडीएसओ के टेलीकॉम विंग पर गंभीर आरोप”

“Allegations of Discrimination in IPIS Testing: A Question Mark on RDSO’s Functioning!”

“IPIS परीक्षण में भेदभाव के आरोप: आरडीएसओ की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह!”

“Serious Questions on RDSO’s IPIS Vendor Approval and Specification Changes: Demand for Independent Inquiry”

“RDSO के IPIS वेंडर अप्रूवल और विनिर्देश परिवर्तन पर गंभीर प्रश्न: स्वतंत्र जांच की मांग”

https://x.com/railwhispers/status/2113036724280692923?a=D0pXwKPcX2W2zJB155g&s=46
https://x.com/railwhispers/status/2117065149786083553?a=UABJzzTGeVhx7v3eaaU&s=12