‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’: “वास्तविक जीवन में पारदर्शिता और विचारों में सत्यनिष्ठा का भाव होना चाहिए” -उदय बोरवणकर, GM/NER

गोरखपुर: पूर्वोत्तर रेलवे पर सतर्कता विभाग के तत्वावधान में ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह‘ के अन्तर्गत महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे उदय बोरवणकर के मुख्य आतिथ्य में सोमवार, 2 नवम्बर, 2026 को ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि‘ विषय पर “सतर्कता संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी आदर्श खरे, सभी विभाग प्रमुख, सतर्कता विभाग के सभी अधिकारी, निरीक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे। सेमीनार में मुख्य वक्ता मुख्य कॉर्पोरेट कोच एवं ट्रेनर हिमाशु विश्नोई थे।
 
इस अवसर पर महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा कि आमंत्रित मुख्य वक्ता हिमांशु विश्नोई ने सत्यनिष्ठा से समृद्धि विषय पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विवेचना शब्द पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें वास्तविक जीवन में क्या करना चाहिए, इस पर पारदर्शिता होनी चाहिए। रेलवे में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रेल मदद एप का उपयोग किया जा रहा है। श्री बोरवणकर ने कहा कि हमें युवा पीढ़ी के अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों के विचारों में सत्यनिष्ठा का भाव जागृत करने की आवश्यकता है। हमे जीवन में सत्यनिष्ठ होना चाहिए। हम सभी को विश्वास के साथ सोच-समझकर कार्य करना चाहिए। हम किसी कार्य को करते समय जल्दबाजी करते हैं, जिससे गलत निर्णय ले लेते हैं, इन सभी से बचना चाहिए। हमे कार्य करते समय सत्यनिष्ठा, ईमानदारी के भाव को जागृत कर कार्य करना चाहिए तथा यह तय करना चाहिए की कार्य सही हो रहा है या नहीं।
 
महाप्रबंधक श्री बोरवणकर ने ओशो के विचारों से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि हम किस दिशा में जा रहे हैं, यह हमें तय करना है। उन्होंने मनुष्य और अन्य जीवों की तुलना, समझ और महत्व का उल्लेख करते हुए ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि‘ विषय को विस्तार से चरितार्थ किया। महाप्रबंधक ने मार्तण्ड और देवी भागवत पुराण से जुड़े शब्द शुंभ, निशुंभ और धूम्रलोचन शब्दों को चारितार्थ करते हुए सत्यनिष्ठा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने श्री विश्नोई को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
 
इससे पूर्व, आमंत्रित मुख्य वक्ता मुख्य कॉर्पोरेट कोच एवं ट्रेनर हिमाशु विश्नोई ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि‘ विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वास सफलता की कुंजी है। उन्होंने विश्वास के आधारभूत सिद्धान्त, उद्देश्य, प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया तथा कहा कि हमें कार्य के दौरान लालच या लोभ को तिरष्कृत करना चहिए। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा के आधारभूत सिद्धान्तों का चुनाव कर कार्य करना चहिए, जिससे हमारी आवश्यकता बनी रहे। श्री विश्नोई ने सत्यनिष्ठा एवं नैतिकता पर जोर देते हुए कहा कि हमें शक्ति का सदुपयोग करना चाहिए, इससे हमारी विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने कार्य के दौरान जबावदेही, उतरदायित्व, जिम्मेदारी, पारदर्शिता, विश्वसनीयता, हित संघर्ष आदि के बारे में विस्तार से बताते हुए ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि‘ विषय पर जानकारी दी।
 
वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी आदर्श खरे ने कहा कि सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रेलकर्मियों से कहा कि अपने कार्यक्षेत्र में सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करें, जिससे भ्रष्टाचार को दूर किया जा सके। हमें कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए सत्यनिष्ठा आवश्यक है।

कार्यक्रम का संचालन उप मुख्य सतर्कता अधिकारी/भंडार कृष्ण चन्द्र सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन उप मुख्य सतर्कता अधिकारी/सिगनल एवं दूर संचार अमित कुमार ने किया।

फोटो परिचय: ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि‘ विषय पर आयोजित सतर्कता संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए महाप्रबंधक उदय बोरवणकर।

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स्क्रैप निस्तारण से पूर्वोत्तर रेलवे को ₹155 करोड़ से अधिक की आय

गोरखपुर: पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में निरन्तर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है। स्क्रैप निस्तारण से रेल राजस्व की प्राप्ति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नई गति मिली है। स्क्रैप निस्तारण के परिणामस्वरूप रेल परिसर तथा रेल लाइनों के किनारे पड़ी अनुपयोगी सामग्रियों के निस्तारण से यह स्थल स्वच्छ एवं साफ-सुथरे हो रहे हैं। वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के माह अक्टूबर, 2026 तक ‘मिशन जीरो स्क्रैप‘ के तहत स्क्रैप निस्तारण से ₹155.77 करोड़ के रेल राजस्व की प्राप्ति हुई तथा माह अक्टूबर, 2026 में स्क्रैप निस्तारण से ₹20.92 करोड़ की आय हुई।

भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन के तहत रेल परिसरों और रेल पटरियों के किनारे पड़े हुए अवांछित एवं निष्प्रयोज्य सामग्रियों तथा परित्यक्त इमारतों एवं आवासों की पहचान कर उनका निस्तारण किया जा रहा है, जिससे रेल राजस्व प्राप्त होने के साथ ही रेल परिसर तथा रेल पटरियों को स्वच्छ रखने में भी सफलता मिली है।

माल लदान में पूर्वोत्तर रेलवे को ₹299 करोड़ से अधिक की आय

गोरखपुर: रेल प्रशासन द्वारा व्यापारियों तथा औद्यौगिक प्रतिष्ठानों को दी जा रही उन्नत सुविधाओं तथा मुख्यालय एवं मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिटों के सुनियोजित प्रयासों से पूर्वोत्तर रेलवे पर माल लदान में वृद्धि का क्रम जारी है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के माह अक्टूबर, 2026 तक कुल 2.555 मिलियन टन माल लदान हुआ, जिससे ₹299.25 करोड़ की आय हुई तथा माह अक्टूबर, 2026 में कुल 0.397 मिलियन टन माल का लदान हुआ, जिससे ₹46.84 करोड़ के रेल राजस्व की प्राप्ति हुई।

रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समेकित प्रयासों के फलस्वरूप पूर्वोत्तर रेलवे पर चालू वित्त वर्ष 2026-27 के माह अक्टूबर, 2026 तक माल लदान से ₹299.25 करोड़ की आय हुई, जो गत वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में इसी मद से हुई ₹289.45 करोड़ की आय की तुलना में 3.38 प्रतिशत अधिक है।

इसी प्रकार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के माह अक्टूबर, 2026 में माल लदान से ₹46.84 करोड़ की आय हुई, जो गत वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में इसी मद से हुई ₹34.92 करोड़ की आय की तुलना में 34.13 प्रतिशत अधिक है। साथ ही माह अक्टूबर, 2026 में कुल 0.397 मिलियन टन माल का लदान हुआ, जो गत वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में इसी मद से हुए 0.32 मिलियन टन माल लदान की तुलना में 24.06 प्रतिशत अधिक है।