कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी
दिल्ली (पीआईबी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (#CCEA) ने 24 फरवरी, 2026 को रेल मंत्रालय की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹9,072 करोड़ है और इन्हें 2030-31 तक पूरा किया जाएगा।
स्वीकृत परियोजनाएँ
- गोंदिया – जबलपुर डबलिंग
- पुनारख – किऊल तीसरी एवं चौथी लाइन
- गम्हरिया – चांडिल तीसरी एवं चौथी लाइन
ये तीनों परियोजनाएँ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के कुल 8 जिलों में फैली हुई हैं और इनके माध्यम से भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
प्रमुख लाभ
- लगभग 5,407 गांवों (करीब 98 लाख जनसंख्या) को बेहतर रेल संपर्क।
- लाइन क्षमता बढ़ने से संचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार।
- भीड़भाड़ में कमी और माल एवं यात्री ट्रेनों की सुगम आवाजाही।
- PM-Gati Shakti राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत मल्टी-मॉडल।
- कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ावा।
- क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
पर्यटन को बढ़ावा
इन परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा, जैसे—
- कचनार शिव मंदिर
- कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
- पेंच राष्ट्रीय उद्यान
- धुआंधार जलप्रपात
- बारगी बांध
- चांडिल बांध
- दलमा वन्यजीव अभयारण्य
- माल परिवहन में वृद्धि
ये मार्ग कोयला, स्टील, लौह अयस्क, सीमेंट, खाद, चूना पत्थर, मैंगनीज, डोलोमाइट, खाद्यान्न, पेट्रोलियम उत्पाद (POL) आदि के परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता: 52 मिलियन टन प्रति वर्ष
- तेल आयात में कमी: लगभग 6 करोड़ लीटर
- CO₂ उत्सर्जन में कमी: लगभग 30 करोड़ किलोग्राम—जो लगभग 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
रेलवे एक पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम है, जिससे देश की लॉजिस्टिक लागत कम होगी और जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलेगी।

