यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर को मिला आईआरआईएस संशोधन 4.0 ब्रॉन्ज प्रमाणन
गोरखपुर ब्यूरो: यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर को यूरोपीय रेल उद्योग संघ यूनीफे (यूएनआईएफई), बेल्जियम की ओर से 20 फरवरी, 2026 को अन्तर्राष्ट्रीय रेलवे उद्योग मानक (आईआरआईएस)- आईएसओ/टीएस 22163:2017, संस्करण-4.0 (ब्रॉन्ज लेवल) प्रमाणन, डीक्यूएस, जर्मनी के अधिकृत मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा प्रदान किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर नरेश कुमार, मुख्य कारखाना प्रबन्धक/यांत्रिक कारखाना डॉ. सुनील कुमार शर्मा, वरिष्ठ रेल अधिकारी, डीक्यूएस जर्मनी के सलाहकार सुधीर माहेश्वरी एवं आईएसओ/कोऑर्डिनेटर सोनू सिंह उपस्थित थे।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि हेतु प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर नरेश कुमार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कोच अनुरक्षण की गुणवत्ता के क्षेत्र में नवाचार एवं सतत सुधार करने पर बल दिया। पीसीएमई नरेश कुमार ने कहा कि इस प्रमाणन से यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आरामदायक कोच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर मुख्य कारखाना प्रबन्धक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने भारतीय रेल के कारखानों में यह प्रमाणन प्राप्त करने में योगदान देने वाले सभी इंजीनियरों तथा कर्मचारियों के समर्पण, कठिन परिश्रम एवं टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर अब तक लगभग 2,347 संगठनों को आईआरआईएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिनमें से लगभग 175 भारतीय—निजी एवं सरकारी—संगठन सम्मिलित हैं। भारतीय रेल में संस्करण-4.0 के अंतर्गत यह प्रमाणन प्राप्त करने वाला यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर एकमात्र कार्यशाला है। इसके अतिरिक्त भारतीय रेल की केवल कुछ उत्पादन इकाईयों/रेलवे सार्वजनिक उपक्रमों को ही यह उपलब्धि प्राप्त हुई है।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (प्लांट) श्री एच.आर. खान ने आईएसओ/टीएस 22163:2017 प्रमाणन प्राप्त करने हेतु पिछले दो वर्षों में किये गये कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
आईआरआईएस प्रमाणन हेतु यूनीफे द्वारा निर्धारित विभिन्न मानकों के अन्तर्गत परियोजना प्रबन्धन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रक्रिया प्रबन्धन, लागत दक्षता, निरीक्षण प्रणाली, ग्राहक शिकायत निवारण तथा सतत सुधार व्यवस्थाओं का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। साथ ही उपभोक्ता अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु नियमित फीडबैक प्रणाली भी अपनाई जाती है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के उपरान्त यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर भारतीय रेल में कोच अनुरक्षण की गुणवत्ता, दक्षता एवं कार्य संस्कृति को और सुदृढ़ करने की दिशा में अग्रसर हुआ है तथा वैश्विक रेलवे उद्योग के गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्यप्रणालियों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
यह प्रमाणन भविष्य में उन्नत तकनीकों के समावेशन, प्रक्रिया नवाचार एवं अन्तर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के क्रमिक अनुप्रयोग हेतु एक सशक्त आधार प्रदान करेगा तथा संगठन की संस्थागत क्षमता एवं विश्वसनीयता को और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

