करनैलगंज-घाघरा घाट तीसरी रेल लाइन सेक्शन का विद्युतकर्षण सहित संरक्षा परीक्षण संपन्न

गोरखपुर ब्यूरो: पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं परिचालनिक सुगमता हेतु मूलभूत ढ़ांचे में विस्तार के क्रम में गोंडा-बुढ़वल खंड (61.72 किमी) पर तीसरी रेल लाइन निर्माण के द्वितीय चरण में करनैलगंज-घाघरा घाट (21.77 किमी) का 25,000 वोल्ट एसी क्षमता की नई विद्युतकर्षण लाइन सहित तीसरी रेल लाइन खंड के संरक्षा परीक्षण के दूसरे दिन 4 जुलाई, 2025 को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), पूर्वोत्तर परिमंडल, प्रणजीव सक्सेना ने पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अभय कुमार गुप्ता, मुख्य विद्युत इंजीनियर/निर्माण ओ. पी. सिंह, मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर सुरेश कुमार, मुख्य इंजीनियर/टीएमसी संजय यादव, मुख्य इंजीनियर (निर्माण) अखिलेश त्रिपाठी तथा लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबन्धक गौरव अग्रवाल समेत मंडल और निर्माण संगठन के अधिकारियों की उपस्थिति में सरयू-करनैलगंज खंड का निरीक्षण किया।

दूसरे दिन 4 जुलाई, 2025 को सीआरएस ने अन्य अधिकारियों के साथ मोटर ट्राली से सरयू-करनैलगंज रेल खंड के मध्य विद्युतीकृत तीसरी नई लाइन का संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरयू-करनैलगंज स्टेशनों के मध्य स्टेशन यार्ड पर पॉइंट एवं क्रॉसिंग, समपार संख्या 287सी एवं 286, मेजर ब्रिज संख्या 383, एलएचएस संख्या-385, समपार संख्या-284 स्पेशल, 283सी एवं 281 का व्यापक संरक्षा निरीक्षण किया तथा विद्युतीकृत रेल खंड की कार्य प्रणाली के अनुरुप समपारों की कार्यशीलता एवं संरक्षा को परखा।

तत्पश्चात, सीआरएस ने करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन एवं विद्युतीकृत रेल खंड के मानक के अनुरूप सेफ्टी अभिलेखों, यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रुल के अपडेशन, प्लेटफार्म क्लियरेंस, प्वाइंट क्रासिंग, सिगनलिंग, बैलास्ट, इलेक्ट्रॉनिक इन्टरलॉकिंग, बैटरी रूम, रिले रूम आदि का संरक्षा निरीक्षण किया तथा ट्रेन परिचालन से संबन्धित रेलकर्मियों से संरक्षा संबंधी प्रश्न पूछकर संरक्षा कार्य कुशलता परखी।

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निरीक्षण के पश्चात अधिकतम गति से तीसरी विद्युतीकृत लाइन पर स्पेशल ट्रेन से 130 किमी प्रति घंटे की गति से करनैलगंज-घाघरा घाट स्टेशनों के मध्य स्पीड ट्रायल किया गया। यह गति परीक्षण सफल रहा।

गोंडा-बुढ़वल रेलखंड (61.72 किमी) पर तीसरी रेल लाइन निर्माण परियोजना के अंतर्गत सरयू नदी पर एक महत्वपूर्ण रेल पुल सहित 10 बड़े एवं 36 छोटे पुलों का कार्य सम्मिलित है। गोंडा से बुढ़वल तक तीसरी लाइन बन जाने से यात्रा समय में कमी आएगी तथा लाइन क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी, जिससे इस रूट पर और अधिक ट्रेनों का संचालन हो सकेगा।

इस अवसर पर लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक प्रसन्न कात्यायन, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ शिल्पी कन्नौजिया, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक/कोचिंग अरिजित सिंह, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर वैभव श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी) धनन्जय मिश्रा, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (परिचालन) अनिल श्रीवास्तव, मंडल वाणिज्य प्रबंधक रितिका, सहायक मंडल इंजीनियर/लाइन जी.बी. सिंह एवं अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।