गोंडा-बुढ़वल खंड पर तीसरी लाइन निर्माण के द्वितीय चरण में करनैलगंज-घाघरा घाट सेक्शन का सीआरएस निरीक्षण

गोरखपुर ब्यूरो: पूर्वोत्तर रेलवे पर यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए आधारभूत संरचना एवं रेल सम्पर्क को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ मंडल के बुढ़वल-गोंडा के बीच तीसरी लाइन परियोजना के अन्तर्गत करनैल गंज-घाघरा घाट के मध्य तीसरी लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस नवनिर्मित तीसरी लाइन पर रेल संचालन आरम्भ करने हेतु रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल द्वारा 3 एवं 4 जुलाई, 2025 को सीआरएस निरीक्षण तथा स्पीड ट्रायल किया जा रहा है, जिसके बाद इस नवनिर्मित लाइन को रेल संचालन हेतु खोल दिया जाएगा।

यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं परिचालनिक सुगमता हेतु मूलभूत ढ़ांचे में विस्तार के क्रम में गोंडा-बुढ़वल खंड (61.72 किमी) पर तीसरी रेल लाइन निर्माण के द्वितीय चरण में करनैलगंज-घाघरा घाट (21.77 किमी) का 25,000 वोल्ट एसी क्षमता की नई विद्युतकर्षण लाइन युक्त तीसरी रेल लाइन खंड के संरक्षा परीक्षण के पहले दिन 3 जुलाई, 2025 को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), पूर्वोत्तर परिमंडल, प्रणजीव सक्सेना द्वारा पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अभय कुमार गुप्ता, मुख्य विद्युत इंजीनियर/निर्माण ओ. पी. सिंह, मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर सुरेश कुमार, मुख्य इंजीनियर/टीएमसी संजय यादव, मुख्य इंजीनियर (निर्माण) अखिलेश त्रिपाठी तथा मंडल रेल प्रबन्धक/लखनऊ गौरव अग्रवाल समेत मंडल और निर्माण संगठन के अधिकारियों की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान रेल सीआरएस प्रणजीव सक्सेना ने घाघरा घाट रेलवे स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के मानक के अनुरूप सेफ्टी अभिलेखों, यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रूल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, पॉइंट क्रासिंग, सिगनलिंग, बर्थिंग ट्रैक बैलास्ट, फाउलिंग मार्क, पैनल इन्टरलॉकिंग, बैटरी रूम, रिले रूम आदि का संरक्षा के दृष्टिगत निरीक्षण किया तथा स्टेशन मास्टर से संरक्षा संबंधी प्रश्न पूछकर संरक्षा संबंधी कार्य कुशलता परखी। उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ मोटर ट्राली से घाघरा घाट – करनैलगंज रेल खंड के मध्य बनी तीसरी नई लाइन का संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान सक्सेना ने घाघरा घाट-जरवल रोड स्टेशनों के मध्य एलएचएस का संरक्षा निरीक्षण किया तथा जरवल रोड स्टेशन पर मानकों के अनुरूप स्टेशन यार्ड, अधीक्षक कार्यालय, पैनल रूम, रिले रूम, बैटरी रूम तथा स्टेशन वर्किंग रुल के अपडेशन और नई रेलवे लाइन का व्यापक निरीक्षण किया।

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इसी क्रम में जरवल रोड-करनैलगंज स्टेशनों के मध्य समपारों का संरक्षा निरीक्षण किया तथा कार्य प्रणाली के अनुरुप सभी गेटमैनों की कार्यशीलता एवं संरक्षा सजगता को परखा। सीआरएस ने सरयू स्टेशन पर मानकों के अनुरूप स्टेशन यार्ड, अधीक्षक कार्यालय, पैनल रूम, रिले रूम, बैटरी रूम तथा स्टेशन वर्किंग रुल के अपडेशन और नई रेलवे लाइन का व्यापक निरीक्षण किया और संरक्षा के सभी बिन्दुओं को परखा। निरीक्षण के दूसरे दिन 4 जुलाई, 2025 को सरयू-करनैलगंज के मध्य सीआरएस द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया जा रहा है तथा करनैलगंज-घाघरा घाट के मध्य स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रायल भी किया जाएगा।

इस तीसरी लाइन के निर्माण से लाइन क्षमता में वृद्धि होगी तथा मांग के अनुरूप अधिक संख्या में तीव्र गति से गाड़ियाँ चलाई जा सकेंगी, जिससे यात्री एवं मालगाड़ियों का संचलन और अधिक सुचारू रूप से होगा तथा समय-पालन में और सुधार होगा। इससे मालगाड़ियों के संचालन समय में कमी आएगी, जो व्यापारियों एवं उद्यमियों के लिए उपयोगी सिद्ध होने के साथ रेल राजस्व में वृद्धि भी होगी। इस परियोजना से स्थानीय सामाजिक एवं आर्थिक विकास होगा तथा कृषि, व्यापार, वाणिज्य, पर्यटन तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा जैसे अन्य क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी तथा यात्री ट्रेनों का परिचालन बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

नवनिर्मित बुढ़वल-गोण्डा (61.72 किमी) के मध्य करनैलगंज-घाघरा घाट (21.77 किमी) नई विद्युतीकृत तीसरी लाइन पर सीआरएस द्वारा ट्रेन संचालन की अनुमति मिलने के बाद यात्रियों एवं स्थानीय जनता को इसका विशेष लाभ मिलेगा।