प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदा में ₹3,250 करोड़ से अधिक की अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
आज भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है, देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत हो रही है: प्रधानमंत्री
यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है, जो मां काली की भूमि को मां कामाख्या की भूमि से जोड़ती है। आने वाले समय में यह आधुनिक ट्रेन पूरे देश में विस्तारित होगी। इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन के लिए मैं बंगाल, असम और पूरे देश को बधाई देता हूँ: प्रधानमंत्री
आज बंगाल को चार और आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं—न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुरद्वार–बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुरद्वार–मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस। इससे बंगाल, विशेषकर उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी: प्रधानमंत्री
दिल्ली (पीआईबी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2026 को मालदा, पश्चिम बंगाल में ₹3,250 करोड़ से अधिक की लागत वाली अनेक रेल एवं सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में संपर्क को मजबूत करना तथा विकास को गति देना है।
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मालदा से पश्चिम बंगाल की प्रगति को तेज़ करने के अभियान को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का आज उद्घाटन और लोकार्पण किया गया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि राज्य के लिए नई रेल सेवाएँ शुरू की गई हैं, जिससे आम लोगों की यात्रा आसान होगी और व्यापार व वाणिज्य को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहाँ स्थापित नई ट्रेन रखरखाव सुविधाएँ बंगाल के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करेंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की पवित्र धरती से आज भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। आज से देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत हो रही है। यह नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्राओं को अधिक आरामदायक और शानदार बनाएगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में ट्रेनों की जैसी कल्पना है, वह इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने मालदा स्टेशन पर यात्रियों से बातचीत की और सभी ने इस ट्रेन में यात्रा को एक असाधारण अनुभव बताया। उन्होंने याद दिलाया कि पहले लोग विदेशी ट्रेनों की तस्वीरें देखकर इच्छा करते थे कि ऐसी ट्रेनें भारत में भी हों, और आज वह सपना साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में विदेशी पर्यटक भी भारतीय रेल में हो रहे बदलावों के वीडियो बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वंदे भारत ट्रेन ‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक है और भारतीयों की मेहनत व समर्पण से बनी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मां काली की भूमि को मां कामाख्या की भूमि से जोड़ती है। आने वाले समय में यह आधुनिक ट्रेन पूरे देश में विस्तारित होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए बंगाल, असम और पूरे देश को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल में व्यापक परिवर्तन हो रहा है, जिसमें रेल लाइनों का विद्युतीकरण और स्टेशनों का आधुनिकीकरण शामिल है। उन्होंने बताया कि आज पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। साथ ही, आधुनिक और उच्च गति की ट्रेनों का एक संपूर्ण नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे बंगाल के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि बंगाल को चार और आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं—
- न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
- न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
- अलीपुरद्वार–बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
- अलीपुरद्वार–मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस
उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें बंगाल, विशेषकर उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। साथ ही, ये ट्रेनें गंगासागर, दक्षिणेश्वर और कालीघाट जैसे तीर्थ स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं तथा तमिलनाडु और महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा को आसान बनाएँगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल न केवल आधुनिक बन रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भी हो रही है। आज भारत अमेरिका और यूरोप से अधिक लोकोमोटिव का निर्माण करता है और कई देशों को यात्री ट्रेन व मेट्रो कोच का निर्यात करता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को लाभ मिल रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को जोड़ना हमारी प्राथमिकता है और दूरियों को कम करना हमारा मिशन है, जो आज के कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन का दौरा किया, जहाँ उन्होंने हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने गुवाहाटी (कामाख्या)–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी वर्चुअली रवाना किया।
आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई यह पूर्णतः वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराए पर विमान जैसी यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। यह लंबी दूरी की यात्राओं को अधिक तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर यात्रा समय को लगभग 2.5 घंटे कम करके यह ट्रेन धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा देगी।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में चार प्रमुख रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में अत्याधुनिक मालगाड़ी रखरखाव सुविधाएँ, सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन तथा जलपाईगुड़ी ज़िले में वंदे भारत ट्रेन रखरखाव सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। ये परियोजनाएँ यात्री और माल ढुलाई संचालन को मजबूत करेंगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाएँगी और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी।
प्रधानमंत्री ने न्यू कूचबिहार–बामनहाट तथा न्यू कूचबिहार–बॉक्सिरहाट रेल लाइनों के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित किया, जिससे तेज़, स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल रेल परिचालन संभव होगा।
प्रधानमंत्री ने चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी वर्चुअली हरी झंडी दिखाई—
- न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल
- न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली
- अलीपुरद्वार–एसएमवीटी बेंगलुरु
- अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल)
इनसे सस्ती और भरोसेमंद लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा और आम नागरिकों, छात्रों, प्रवासी श्रमिकों व व्यापारियों की यात्रा आवश्यकताओं को समर्थन मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने एलएचबी कोचों से सुसज्जित दो नई ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई—
- राधिकापुर–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस
- बलुरघाट–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस
ये ट्रेनें क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आईटी पेशेवरों को बेंगलुरु जैसे प्रमुख रोजगार और आईटी केंद्रों से सीधी, सुरक्षित और आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31डी के धुपगुड़ी–फलकाटा खंड के पुनर्वास और चार लेन निर्माण की आधारशिला भी रखी, जिससे उत्तर बंगाल में सड़क संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों तथा माल की आवाजाही सुगम बनेगी।
ये सभी परियोजनाएँ आधुनिक अवसंरचना निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी तथा पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों को राष्ट्र के प्रमुख विकास इंजन के रूप में सशक्त बनाएँगी।

