ट्रैक क्षमता विस्तार की बड़ी पहल: पूर्व रेलवे के पाकुड़–गुमानी खंड पर चौथी लाइन के निर्माण की अनुमति
नई दिल्ली: भारत सरकार, रेल मंत्रालय ने पूर्व रेलवे के पाकुड़ से गुमानी (18.48 किमी) के बीच चौथी लाइन के निर्माण की अनुमति प्रदान की है। इस परियोजना पर लगभग ₹343.98 करोड़ की लागत आएगी। इसे वर्ष 2024-25 की बहु-लाइन, फ्लाईओवर और बाईपास जैसी क्षमता-वृद्धि योजनाओं में समाहित किया गया है। जिससे गुरु हरगोबिंद ताप विद्युत संयंत्र और घाटमपुर ताप विद्युत संयंत्र तक पहुँच और भी आसान हो जाएगी।
पाकुड़–गुमानी खंड, खाना–रामपुरहाट–गुमानी–बड़हरवा मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहाँ प्रतिदिन भारी संख्या में यात्री चलते हैं और मालगाड़ियों की आवाजाही होती हैं। हाल के वर्षों में इस पूरे कॉरिडोर पर लगातार नई लाइनों की स्वीकृति हुई है, जिससे यह कॉरिडोर इस क्षेत्र का एक प्रमुख माल–गलियारा बन चुका है। पाकुड़–गुमानी दोहरी रेल लाइन का उपयोग वर्तमान में क्षमता से अधिक हो चुका है। अतः चौथी लाइन के निर्माण की आवश्यकता अनिवार्य हो गई है।
यह परियोजना विशेष रूप से कोयला परिवहन को गति देगी। गोड्डा–पाकुड़/नगर क्षेत्र से 2030 तक रेलमार्ग के माध्यम से लगभग 41 एमटीपीए कोयले के परिवहन की संभावना है। प्रतिदिन करीब 14 रेक कोयले की आपूर्ति गुरु हरगोबिंद ताप विद्युत संयंत्र और घाटमपुर ताप विद्युत संयंत्र तक की जाएगी। वहीं गुमानी स्टेशन पर पहले से ही प्रतिदिन 29 से अधिक मालगाड़ियों और 35 से अधिक यात्री गाड़ियों का इंटरचेंज होता है।
पूर्व रेलवे, कोलकाता के इस पाकुड़-गुमानी रेल खंड की चौथी लाइन की स्वीकृति के साथ रेल मंत्रालय ने रेल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने, मार्गों की भीड़ को कम करने और माल एवं यात्री परिवहन को सशक्त कर आर्थिक विकास को गति देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

