प्रगति पर पूर्वोत्तर रेलवे का मल्टी-ट्रैकिंग कार्य

मल्टी-ट्रैकिंग से लाइन क्षमता में वृद्धि होने से गाड़ियों के समयपालन में सुधार

गोरखपुर: पूर्वोत्तर रेलवे पर इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के अन्तर्गत मल्टी-ट्रैकिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में छपरा ग्रामीण-बाराबंकी मुख्य रेल मार्ग पर तीसरी लाइन के निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे पर अभी तक छपरा ग्रामीण-छपरा एवं कुसम्ही-डोमिनगढ़ रेल खंडों में तीसरी लाइन कमीशन हो चुकी है।

गोंडा-बुढ़वल (61.72 किमी) तीसरी लाइन निर्माण के अन्तर्गत गोंडा कचहरी-घाघरा घाट (45.42 किमी) तीसरी लाइन कमीशन हो चुकी है। इसके अगले चरण में घाघरा घाट-बुढ़वल तक तीसरी लाइन के निर्माण, जिसमें घाघरा नदी पर महत्वपूर्ण पुल का निर्माण सम्मिलित है, पूर्ण कर लिया गया है। इससे लाइन क्षमता में वृद्धि होने से गाड़ियों के समय पालन में सुधार होगा तथा जनआकांक्षाओं के अनुरूप अधिक गाड़ियों का संचलन किया जा सकेगा। गोंडा-बुढ़वल तीसरी लाइन निर्माण परियोजना की कुल लागत ₹1117 करोड़ आई है।

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घाघरा घाट-चौकाघाट स्टेशनों के मध्य घाघरा नदी पर बना यह तीसरा महत्वपूर्ण पुल है। पहले पुल का कार्य वर्ष 1898 में घाघरा घाट-चौकाघाट मीटर गेज लाइन के निर्माण के साथ ही पूरा हुआ। इस पुल का नाम भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड एल्गिन के नाम पर एल्गिन ब्रिज पड़ा। इस पुल को 1981 में गोंडा-बाराबंकी खंड के आमान परिवर्तन के दौरान बड़ी लाइन मानक के अनुरूप बनाया गया।

दूसरे पुल का निर्माण घाघरा घाट-चौकाघाट खंड के दोहरीकरण के दौरान वर्ष 2012-13 में हुआ और इसकी ओपनिंग 14 अप्रैल, 2013 को हुई।

तीसरा पुल कमीशनिंग के लिए तैयार है। इस पुल की लम्बाई 1037 मीटर है, जिसमें 17 स्पैन है। इस पुल का फाउंडेशन डबल लाइन के अनुरूप किया गया है, जिससे यहाँ चौथी लाइन निर्माण के समय चौथे पुल के लिए फाउंडेशन की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय, संसाधन एवं धन की बचत होगी।