बैलेंस वर्क टेंडर की जांच करें सीएजी-विजिलेंस-सीवीसी
इस जांच से टेंडरिंग सिस्टम में पारदर्शिता आएगी, भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों की तय होगी जवाबदेही
भारतीय रेल में बैलेंस वर्क्स टेंडर की जांच के लिए #सीएजी, रेलवे #विजिलेंस और #सीवीसी को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। यह जांच #टेंडरिंग सिस्टम में भ्रष्टाचार को उजागर करेगी और रेल अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ को सामने लाएगी।
सीवीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में रेल कर्मचारियों के खिलाफ 10,447 भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 9,881 शिकायतों का निपटारा किया गया और 566 अभी भी लंबित हैं।
जानकारों का मानना है कि इस जांच से टेंडरिंग सिस्टम में पारदर्शिता आएगी, भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों को जवाबदेह ठहराया जा सकेगा और लंबित शिकायतों का निपटारा होगा।
हाल ही में सीबीआई की कार्रवाई में सात रेल अधिकारियों की गिरफ्तारी ने इस बात को उजागर किया है कि इस तरह की जांच की आवश्यकता है।
सीएजी, रेलवे विजिलेंस और सीवीसी को बैलेंस वर्क्स टेंडर की जांच करनी चाहिए और टेंडरिंग सिस्टम में पारदर्शिता लानी चाहिए। इससे भारतीय रेल में जनता का विश्वास बहाल होगा और अधिकारियों के बीच जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
इस जांच से भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होगा, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों को न्याय के दायरे में लाया जा सकेगा और टेंडरिंग प्रक्रिया में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

