फुल प्रोडक्शन फॉर्म में है सिग्नल कारखाना, गोरखपुर

गोरखपुर ब्यूरो: पूर्वोत्तर रेलवे सिग्नल कारखाना, गोरखपुर छावनी द्वारा गत वित्त वर्ष 2024-25 में ₹117.56 करोड़ की लागत के सिग्नलिंग उपकरणों का उत्पादन किया गया। सिग्नल कारखाना में सिग्नलिंग रिले, इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन (ईपीएम), आपरेटस केस एवं इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर (ईएलबी) का उत्पादन बहुतायत में किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि रेल संचालन में सिग्नलिंग रिले, इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन एवं आपरेटस केस अति महत्वपूर्ण संरक्षा उपकरण हैं, जिसे सिग्नल कारखाना, गोरखपुर द्वारा पूर्वोत्तर रेलवे के अतिरिक्त पूर्व रेलवे, पश्चिम रेलवे, उत्तर रेलवे, दक्षिण रेलवे, मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, दक्षिण मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, दक्षिण पश्चिम रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे, पूर्व तटीय रेलवे इत्यादि को आपूर्ति की जा रही है।

सिग्नल कारखना, गोरखपुर में गत वर्ष 2024-25 में 35,200 अदद सिग्नलिंग रिले तथा 3,695 अदद इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन का उत्पादन किया गया। इसके अतिरिक्त पुराने शियरिंग मशीन के स्थान पर जनवरी, 2025 में स्थापित नई लेजर कटिंग मशीन से आपरेटस केस के उत्पादन हेतु शीट कटिंग का कार्य किया जा रहा है।

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आपरेटस केस का गत वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 3,218 अदद उत्पादन किया गया, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 2,819 अदद की तुलना में 14.15 प्रतिशत अधिक है।

इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर शॉप को ₹2.5 करोड़ की लागत से नवनिर्मित शेड में स्थानान्तरित कर यहाँ नियमित उत्पादन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्मिथ शॉप में फोर्जिंग हेतु पुराने कोयले की भट्टियों के स्थान पर 2 अदद नये इंडक्शन हीटिंग सिस्टम से उत्पादन किया जा रहा है, जिससे कार्य पद्धति में सुधार के साथ उत्पादकता बढ़ी है। इस शॉप में आपरेटस केस, स्क्रू क्लैम्प लॉक एवं अन्य शॉपों के लिए आवश्यक कलपुर्जों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे हार्ड कोक की खपत में कमी आई है।

वर्ष 2025 में नये उत्पाद ‘यूनिवर्सल डिफ्लेक्टर प्लेट फॉर एक्सल काउंटर’ को विकसित करके सिग्नल कारखाने में इसका नियमित उत्पादन किया जा रहा है। अब तक 275 सेट ‘यूनिवर्सल डिफ्लेक्टर प्लेट फॉर एक्सल काउंटर’ का उत्पादन कर विभिन्न मंडलों में उनकी आपूर्ति की जा चुकी है तथा ट्रेन के सुरक्षित संचालन हेतु कवर फॉर पी. ब्रैकेट विकसित कर विभिन्न मंडलों में नियमित आपूर्ति की जा रही है।