एआई/एमएल आधारित निरीक्षण प्रणाली के साथ ट्रेन सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारतीय रेल और डीएफसी के बीच समझौता

मशीन विजन आधारित निरीक्षण प्रणाली ट्रेन सुरक्षा को बढ़ावा देगी, मैनुअल निरीक्षण को कम करेगी और सेवा व्यवधान को रोकेगी

नई दिल्ली (पीआईबी): सेवा दक्षता में सुधार करने और रोलिंग स्टॉक के रखरखाव को स्वचालित करने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के अंतर्गत भारतीय रेल ने रोलिंग स्टॉक के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मशीन विजन आधारित निरीक्षण प्रणाली (#एमवीआईएस) की स्थापना के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के साथ 10 जुलाई 2025 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

एमवीआईएस एक आधुनिक, एआई/एमएल-आधारित प्रौद्योगिकी समाधान है, जो चलती ट्रेनों के अंडर-गियर के उच्च-रिजॉल्यूशन छवियों को कैप्चर करता है और स्वचालित रूप से किसी भी हैंगिंग, ढ़ीले या लापता घटकों का पता लगाता है। विसंगतियों का पता लगाने पर, सिस्टम त्वरित प्रतिक्रिया और कार्रवाई के लिए वास्तविक समय के अलर्ट चेतावनी देता है।

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समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से रेलवे बोर्ड के निदेशक (परियोजना एवं विकास) सुमित कुमार और डीएफसीसीआईएल के जीजीएम (मैकेनिकल) जवाहर लाल ने रेल भवन नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) बी.एम. अग्रवाल, डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार और रेलवे बोर्ड तथा डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

एमओयू की शर्तों के अंतर्गत डीएफसीसीआईएल चार एमवीआई इकाईयों की खरीद, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशन के लिए जिम्मेदार होगा। यह प्रणाली भारतीय रेलवे में पहली है। प्रौद्योगिकी से ट्रेन संचालन की सुरक्षा को बढ़ाने, मैनुअल निरीक्षण प्रयासों को कम करने और संभावित दुर्घटनाओं/सेवा व्यवधानों से बचने में मदद करने की उम्मीद है।

यह पहल रेलवे इकोसिस्टम के लिए आधुनिक, बुद्धिमान प्रणालियों को प्रस्तुत करने के भारतीय रेल के व्यापक उद्देश्य के साथ भी संरेखित करती है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर भविष्य के लिए तैयार रेल बुनियादी ढ़ाँचे के निर्माण में रेल सुरक्षा में डिजिटल परिवर्तन के लिए नई राह खोलेगी।