लेवल क्रॉसिंग गेटों की संरक्षा की जांच हेतु 15 दिवसीय निरीक्षण अभियान
रेलमंत्री ने किया रिव्यू, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने समपार फाटकों की सुरक्षा व्यवस्था को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और बोर्ड के सदस्यों तथा जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों के साथ रिव्यू किया। अपने पिता के निधन के एक दिन बाद ही व्यक्तिगत शोक और अंतिम संस्कार की व्यस्तताओं के बीच रेलमंत्री ने रेलवे की महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

समीक्षा में ‘लेवल क्रॉसिंग गेट सुरक्षा’ के विषय पर गहन विचार-विमर्श किया गया। रेलमंत्री ने इस संबंध में 11 महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं-
- सभी लेवल क्रॉसिंग गेटों (#LC) पर सीसीटीवी कैमरे तथा रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाए जाएं।
- बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सौर पैनल, बैटरी बैकअप, यूपीएस आदि के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। यह कार्य मिशन मोड में पूरा किया जाए।
- “सड़क यातायात के लिए बंद” (Close to Road Traffic) गेटों को “सड़क यातायात के लिए खुले” (Open to Road Traffic) गेटों में बदलने के लिए नीति की समीक्षा की जाएगी।
- LC गेटों के इंटरलॉकिंग कार्यों को मिशन मोड में त्वरित गति से पूरा किया जाएगा। रेलवे पीएसयू को इंटरलॉकिंग कार्यों और निर्माण कार्यों में शामिल किया जाएगा।
- टीवीयू (TVU) की सीमा घटाई गई है। अब 10,000 TVU पर ही इंटरलॉकिंग प्रारंभ की जाएगी। पहले यह सीमा 20,000 थी।
- 10,000 TVU से अधिक वाले सभी गेटों पर ROB/RUB/LHS योजनाओं से भिन्न होकर भी इंटरलॉकिंग अनिवार्य होगी।
- गैर-इंटरलॉक गेटों पर प्रतिदिन दो यादृच्छिक आवाज रिकॉर्डिंग जांच प्रति डिवीजन की जाएगी।
- गैर-इंटरलॉक गेटों पर वॉयस लॉगर सिस्टम की कार्यशीलता की पुष्टि सभी DRM द्वारा की जाएगी।
- सभी LC गेटों पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड आदि को मानकीकृत किया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
- लेवल क्रॉसिंग गेटों को समाप्त करने हेतु रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज तथा लो हाइट पुलों के निर्माण कार्यों को तेज किया जाएगा।
- उन गेटों की सूची तैयार की जाएगी जहां विवाद या जनता द्वारा दबाव/मारपीट की घटनाएं होती हैं। वहां रेल सुरक्षा बल/होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही ब्लॉक सेक्शनों में लेबल क्रासिंग गेटों पर 15-दिवसीय सुरक्षा निरीक्षण अभियान भी शुरू कर दिया गया है।

