दक्षिण पूर्व रेलवे के क्षेत्राधिकार में पुलों का पुनरुद्धार एवं सुदृढ़ीकरण

कोलकाता, 5 अक्टूबर 2026: भारतीय रेल की माल ढुलाई क्षमता को मिशन-3000 एमटी के अंतर्गत बढ़ाने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, दक्षिण पूर्व रेलवे ने अपने क्षेत्राधिकार में चिन्हित रेलवे पुलों के उन्नयन का कार्य शुरू किया है। पुलों के पुनर्वास, सुदृढ़ीकरण एवं रेट्रोफिटिंग के साथ-साथ उनके पुनर्निर्माण के कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इस संबंध में अब तक लगभग ₹4,500 करोड़ के पुल संबंधी कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है।

25 टन एक्सल लोडिंग के अनुरूप पुलों के उन्नयन के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा किए जा रहे कार्य निम्नलिखित हैं:

  • मौजूदा मेगा एवं मेजर पुलों के स्टील गर्डरों को 25T-2008 लोडिंग के अनुरूप नए स्टील गर्डरों से बदलना, साथ ही पुलों के सब-स्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण एवं अन्य संबद्ध कार्य। अब तक री-गर्डरिंग कार्य के लिए 41 पुलों को मंजूरी दी गई है।
  • मौजूदा मेगा एवं मेजर पुलों के स्टील गर्डरों को 25T-2008 लोडिंग के अनुरूप नए बैलास्टेड डेक कम्पोजिट गर्डरों से बदलना, साथ ही पुलों के सब-स्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण एवं अन्य सहायक कार्य। अब तक कम्पोजिट गर्डरों में रूपांतरण के लिए 38 पुलों को मंजूरी दी गई है।
  • 12.2 मीटर तक के स्पैन वाले मौजूदा स्टील गर्डरों को बैलास्टेड डेक पीएससी स्लैब से बदलना, साथ ही रेलवे बोर्ड के इंडियन रेलवे ब्रिज मैनुअल-2024 के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुलों के सब-स्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण। अब तक पीएससी स्लैब में रूपांतरण के लिए 137 पुलों को मंजूरी दी गई है।
  • मौजूदा मेगा एवं मेजर पुलों का डायवर्टेड एलाइनमेंट पर नए पुलों के रूप में पुनर्निर्माण। पुनर्निर्माण के लिए 20 पुल चिन्हित किए गए हैं। हावड़ा-खड़गपुर खंड में रूपनारायण नदी पर स्थित ब्रिज संख्या 57 डाउन, मिड एवं अप, जो दक्षिण पूर्व रेलवे के सबसे लंबे मेगा पुलों में शामिल हैं, डायवर्टेड एलाइनमेंट पर पुनर्निर्माण के लिए नियोजित पुलों में शामिल है।
  • माइनर पुलों एवं सुरंगों का सुदृढ़ीकरण/पुनर्वास/पुनर्निर्माण। अब तक लगभग 1,550 माइनर पुलों और 4 सुरंगों के पुनर्वास के लिए मंजूरी दी गई है।

दक्षिण पूर्व रेलवे के ब्रिज ऑर्गनाइजेशन ने गर्डर पुलों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं, जैसे साइड पाथवे का प्रावधान तथा मैन रिफ्यूज की संख्या बढ़ाने का कार्य भी शुरू किया है। अब तक दक्षिण पूर्व रेलवे में 199 पुलों पर साइड पाथवे उपलब्ध कराए जा चुके हैं। 35 पुलों पर कार्य प्रगति पर है।

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