पूर्व मध्य रेलवे: कृष्णशिला भवन निर्माण घोटाले पर उच्चस्तरीय जांच की मांग
भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और सत्यनिष्ठ लोगों को निशाना बनाने वाली कार्यशैली के बीच, पूर्व मध्य रेलवे (#ECR) में एक बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला सामने आया है। आरोप है कि ईसीआर के निर्माण संगठन द्वारा “कृष्णशिला” में एक नई रेलवे बिल्डिंग का निर्माण किया गया था, जो उद्घाटन के तुरंत बाद ही धंस गई और एक तरफ झुक गई। व्हिसलब्लोअर्स का दावा है कि इस बिल्डिंग को केवल उद्घाटन के दिखावे के लिए ही निर्मित किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना का सुपरविजन करने वाले उप मुख्य अभियंता (#DyCE) को मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (#CAO) द्वारा मलाईदार पदों से उपकृत किया गया, जिसके बाद उसने जमकर भ्रष्टाचार किया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि साइट का दौरा करने वाले लगभग सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने बिल्डिंग की इस घटिया स्थिति को देखा, लेकिन किसी में भी संबंधित उप मुख्य अभियंता से कोई प्रश्न करने की हिम्मत नहीं हुई। स्थानीय सतर्कता विभाग (विजिलेंस) भी सब कुछ जानता था, लेकिन अपना हिस्सा और कमीशन मिलने के बाद उसने इन गड़बड़ियों पर अपनी आंखें मूंद लीं।

व्हिसलब्लोअर्स का कहना है कि रेलवे का कंस्ट्रक्शन ऑर्गेनाइजेशन अब केवल एक “कॉन्ट्रैक्टर ऑर्गेनाइजेशन” बनकर रह गया है और CAO अब “करप्ट एक्टिविटी ऑफिसर” (Corrupt Activity Officer) बन चुके हैं। उनका एकमात्र एजेंडा मात्र अपना हिस्सा लेना और अगले लक्ष्य की ओर बढ़ जाना रह गया है। वे स्टेटस सिंबल के तौर पर रेलवे सुरक्षा बल (#RPF) के जवानों को अवैध तरीके से सुरक्षा गार्ड के रूप में इस्तेमाल करते हैं। CAO के झूठे अहंकार को संतुष्ट करने के लिए आरपीएफ कर्मियों की अवैध तैनाती से सरकारी धन और संसाधनों की बर्बादी हो रही है, जिससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और रेलवे संपत्ति दांव पर लगी है।
इस पूरे मामले में “कृष्णशिला धोखाधड़ी और दोषपूर्ण निर्माण” की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाने की जोरदार मांग की गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि न केवल दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, बल्कि उन लोगों को भी उचित रूप से दंडित किया जाना चाहिए जिन्होंने इस कुकृत्य में दोषियों को बचाया। इसके अलावा, इस भ्रष्टाचार के प्रकरण को अनदेखा करने और छिपाने के लिए ईसीआर के एसडीजीएम (#SDGM) के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।

