ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन के पुनर्गठन के लिए न्यायिक आदेश के अनुपालन की तत्काल आवश्यकता

नई दिल्ली: माननीय मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के एक निर्णायक आदेश के बाद ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन (#AIRPFA) के भीतर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही है। 21 नवंबर, 2025 को जारी न्यायिक निर्देश ने एसोसिएशन के कानूनी और लोकतांत्रिक कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए इसके पुनर्गठन का एक सख्त रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है।

न्यायिक अधिदेश (The Judicial Mandate)

हाईकोर्ट के आदेश (W.P.(MD) No. 2470 of 2020) में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि AIRPFA एक तदर्थ समिति (Ad Hoc Committee) का गठन करे, जिसमें केवल बल के सेवारत सदस्य ही शामिल हों। इस आदेश का एक प्रमुख प्रावधान समिति से सेवानिवृत्त कर्मियों को पूरी तरह बाहर रखना है, ताकि पूर्व के विवादों और अनधिकृत उपनियम संशोधनों को हल किया जा सके।

तदर्थ समिति की मुख्य जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं:

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  • उन पिछले उपनियम संशोधनों में संशोधन करना या उन्हें वापस लेना जो स्थापित नियमों के अनुरूप नहीं थे।
  • रेलवे बोर्ड द्वारा नामित तीन पर्यवेक्षकों की देखरेख में पुनर्गठन के लिए उचित प्रस्ताव पारित करना।
  • एसोसिएशन के स्थायी पदाधिकारियों के चयन के लिए नए चुनाव आयोजित करवाना।

हाईकोर्ट ने इसके लिए एक सख्त समय सीमा निर्धारित की है, जिसके अनुसार यह पूरी प्रक्रिया 31 जुलाई, 2026 या उससे पहले पूरी की जानी चाहिए।

अनुपालन की दिशा में उठाए गए कदम

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में, AIRPFA ने 14 दिसंबर, 2025 को एक विशेष वर्चुअल कन्वेंशन (मीटिंग) आयोजित किया। गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस मीटिंग में केवल आरपीएफ के सेवारत सदस्यों ने भाग लिया, ताकि सेवानिवृत्त कर्मियों पर न्यायिक प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित हो सके।

इस कन्वेंशन के दौरान, सर्वसम्मति से 16 सदस्यीय तदर्थ कार्यकारिणी का चुनाव किया गया। प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल हैं:

  • अध्यक्ष: ए.एस. सिद्दीकी (IPF, हाजीपुर, ECR)
  • महासचिव: सुरेश कुमार स्वामी (IPF, ZI, HQ, NWR)
  • कार्यकारी अध्यक्ष: डॉ. विजय एस. साल्वे (SI, BSL, CR)

AIRPFA द्वारा इस बैठक की कार्यवाही और अंतरिम पदाधिकारियों की सूची 21 दिसंबर, 2025 को महानिदेशक, रेलवे सुरक्षा बल (#DGRPF) को आधिकारिक समीक्षा के लिए सौंपी गई थी।

तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता

AIRPFA के पुनर्गठन का अंतिम चरण अब रेलवे बोर्ड की कार्रवाई पर निर्भर है। 16 अप्रैल, 2026 के एक पत्र के माध्यम से, AIRPFA ने महानिदेशक और रेलवे बोर्ड से तीन अनिवार्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति में तेजी लाने का आग्रह किया है।

तदर्थ समिति के लिए उपनियमों में संशोधन और चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए इन पर्यवेक्षकों की उपस्थिति कानूनी रूप से और हाईकोर्ट के आदेशानुसार अनिवार्य है। 31 जुलाई, 2026 की समय सीमा को देखते हुए, एसोसिएशन ने ज़ोर दिया है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का अनुपालन और लोकतांत्रिक रूप से संगठनात्मक वैधता बहाल करने के लिए रेलवेa बोर्ड की त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई आवश्यक है।