गार्ड की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
इटारसी: रविवार, 12 अप्रैल 2026 को, पश्चिम मध्य रेलवे (#WCR) के इटारसी डिपो के गार्ड हिमांशु अग्रवाल की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। जब वह खंडवा यार्ड में ट्रेन संख्या LPBG का चार्ज लेने इंजन से ब्रेकवान तक जाते हुए प्रत्येक वैगन का निरीक्षण करते जा रहे थे, तब उन्होंने देखा कि सातवें वैगन (संख्या BPCL 10262 BTPGLN) से असामान्य रिसाव की आवाज आ रही थी। यह ट्रेन #POL गैस से लदी हुई थी, जो रेल परिवहन में अत्यंत ज्वलनशील एवं जोखिमपूर्ण सामग्री मानी जाती है।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत उस वैगन का गहन निरीक्षण किया और देखा कि रिसाव ब्रेक प्रेशर (BP/FP) से नहीं, बल्कि वैगन के ऊपर स्थित डोम कवर से हो रहा था। साथ ही गैस की हल्की गंध ने संभावित खतरे की पुष्टि कर दी। इस गंभीर परिस्थिति में उन्होंने बिना समय गंवाए त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने तुरंत स्टेशन अधीक्षक, खंडवा को सूचना दी तथा उप स्टेशन अधीक्षक को निर्देशित किया कि सभी आने वाली सवारी गाड़ियों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि और बड़े हादसे से बचा जा सके।
उन्होंने घटना के फोटो एवं वीडियो बनाकर सभी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया तथा औपचारिक रूप से उप-स्टेशन अधीक्षक, खंडवा को लिखित मेमो भी प्रस्तुत किया। स्टेशन अधीक्षक, खंडवा द्वारा कैरेज एंड वैगन (C&W) स्टाफ को मौके पर भेजा गया, किंतु रिसाव बढ़ने के कारण उन्होंने इसे ठीक करने में असमर्थता जताई और बताया कि इसे केवल पेट्रोलियम कंपनी के विशेषज्ञ ही ठीक कर सकते हैं।
लगातार गैस रिसाव को देखते हुए सभी सवारी गाड़ियों को खंडवा स्टेशन के बाहर ही रोक दिया गया। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय किए गए:
- OHE सप्लाई को बंद किया गया, जिससे किसी भी विद्युत जोखिम से बचा जा सके।
- रिसाव वाले वैगन के डोम पर गीले बारदान और कंबल लपेटकर अस्थायी रूप से रिसाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
- आसपास के क्षेत्र में सभी लाइट और मोबाइल फोन बंद करवाए गए, ताकि किसी भी प्रकार की चिंगारी या आग लगने की संभावना समाप्त हो सके।
घटना स्थल पर जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, RPF, GRP, TRD, C&W तथा TRO इत्यादि सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत पहुंचे। साथ ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ भी तैनात की गईं। अत्यंत सावधानी और समन्वय के साथ प्रभावित वैगन को काटकर रेक से अलग किया गया और एक अलग लाइन पर सुरक्षित रूप से खड़ा किया गया। इसके पश्चात शेष ट्रेन को सुरक्षित रूप से रवाना किया गया।
इस पूरी घटना के दौरान लगभग तीन घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा, लेकिन यह अस्थायी असुविधा एक बड़े संभावित हादसे को टालने के लिए अत्यंत आवश्यक थी। गार्ड हिमांशु अग्रवाल द्वारा दर्शाई गई सतर्कता, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा अत्यंत सराहनीय है। समय पर की गई उनकी त्वरित कार्रवाई, संरक्षा-सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन और दृढ़ निर्णय क्षमता ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया तथा एक बड़े जान-माल सहित रेल संपत्ति की रक्षा की। उनकी यह जिम्मेदार कार्यशैली भारतीय रेल की संरक्षा-सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाती है।

