एसीएम/लखनऊ/उ.रे. की वसूली के विरुद्ध एटीवीएम संचालक ने दर्ज कराई सीबीआई में शिकायत

वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एटीवीएम संचालक विनोद कुमार सिंह ने 06.04.2026 को सहायक वाणिज्य प्रबंधक (#एसीएम), लखनऊ मंडल, उत्तर रेलवे, #विनीतकटियार के विरुद्ध सीबीआई, लखनऊ में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है कि वे उत्तर रेलवे में #टीटीई के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एटीवीएम का संचालन कर रहे हैं और एटीवीएम को जारी रखने के लिए उन्होंने लखनऊ मंडल कार्यालय में नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है।

#Ep206: #ACM/LKO/NR के विरुद्ध #CBI में FIR: ये तो होना ही था! #DRMLKO #NortherRailway

उन्होंने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि इस संबंध में अनुमति पत्र जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक उन्हें सौंपा नहीं गया है। उनका यह भी आरोप है कि उत्तर रेलवे, लखनऊ डिवीजन के सहायक वाणिज्य प्रबंधक (एसीएम) विनीत कटियार ने शिकायतकर्ता को उक्त अनुमति पत्र सौंपने के लिए ₹50,000/- की रिश्वत की मांग की है और धमकी दी है कि यदि रिश्वत की राशि का भुगतान नहीं किया गया तो उक्त अनुमति पत्र रद्द कर दिया जाएगा।

शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की सीबीआई द्वारा सावधानीपूर्वक जांच की गई, जिससे उत्तर रेलवे के सहायक वाणिज्य प्रबंधक विनीत कटियार द्वारा ₹40,000/- की अनुचित मांग/रिश्वत की पुष्टि हुई है। सीबीआई की एफआईआर से ली गई शिकायतकर्ता की उक्त शिकायत की कॉपी यहां संलग्न है:

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CBI को दी गई शिकायत

बताते हैं कि विनीत कटियार जब उत्तर रेलवे विजिलेंस में विजिलेंस इंस्पेक्टर थे, तब भी ये और एक अन्य विजिलेंस इंस्पेक्टर—जिसे हाल ही में उत्तर रेलवे विजिलेंस से पैरेंट कैडर में वापस किया गया है—के साथ पूरे वाणिज्य स्टाफ से हफ्ता वसूली करते थे। आरोप है कि तब इन दोनों विजिलेंस इंस्पेक्टरों ने मिलकर बहुत कमाई की थी।

लखनऊ मंडल, उत्तर रेलवे के वाणिज्य स्टाफ की फीडबैक

दिल्ली मंडल के कमर्शियल स्टाफ के लोगों ने बताया कि जब विनीत कटियार दिल्ली मंडल में एसीएम थे तब ये नई दिल्ली स्टेशन के टिकट बुकिंग से प्रति काउंटर प्रति शिफ्ट प्रतिदिन ₹500 की मांग सीबीएस/नई दिल्ली से कर रहे थे, जिसकी शिकायत सीबीएस ने तत्कालीन सीनियर डीसीएम से की थी। तब सीनियर डीसीएम ने तत्कालीन पीसीसीएम से इनकी लिखित रिपोर्ट की थी, जिसके बाद इन्हें आरसीटी/दिल्ली में शिफ्ट किया गया था।

तथापि इन्होंने मात्र तीन महीने में ही सिस्टम को मैनेज कर लिया और इन्हें पुनः इनके होम डिवीजन लखनऊ में पोस्टिंग दे दी गई। आरोप है कि लखनऊ मंडल में ये भिन्न-भिन्न नए तरीकों से अवैध वसूली कर रहे थे। विनीत कटियार पर स्टाफ का आरोप है कि ये स्टाफ की फर्जी कंप्लेन करवाकर, जांच स्वयं करके मोटी रकम लेकर कंप्लेन मैनेज करते थे।

दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे के वाणिज्य स्टाफ की फीडबैक

बताते हैं कि स्टाफ की कम्प्लेन पर जब विनीत कटियार को कम्प्लेंट विषय से हटाकर एटीवीएम विषय दिया गया तब ये एटीवीएम संचालकों से मासिक वसूली करने लगे। इसी वसूली से तंग आकर रिटायर्ड टीटीई और वाराणसी के एटीवीएम संचालक विनोद कुमार सिंह ने सीबीआई में उनके विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सीनियर डीसीएम/लखनऊ इनके विषय में सब जानते थे, इसीलिए इन्हें कोई महत्वपूर्ण विषय इनकी ड्यूटी में नहीं दिया था। उल्लेखनीय है कि विनीत कटियार लखनऊ डिवीजन में ही रिजर्वेशन क्लर्क (#ECRC) हुआ करते थे और रेलवे में जॉइनिंग से लखनऊ मंडल में ही रहे हैं। केवल ग्रुप ‘बी’ में पदोन्नत होकर कुछ समय के लिए दिल्ली मंडल में रहे, जहां इन्हें इनकी वसूली की आदत के चलते एसीएम के पद से हटाया गया था।