स्क्रैप की बिक्री से मध्य रेल ने अर्जित की ₹459.52 करोड़ की आय, पिछले 2 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ राजस्व प्राप्ति

मुंबई: मध्य रेल ने “जीरो स्क्रैप स्टेटस” प्राप्त करने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को पुनः सिद्ध किया है। यह एक प्रमुख मिशन है, जिसका उद्देश्य स्क्रैप को मूल्यवान राजस्व उत्पन्न करने वाली संपत्ति में परिवर्तित करना तथा संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना है।

दिनांक 31 मार्च 2026 तक, मध्य रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्क्रैप बिक्री से ₹459.52 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, जो वित्त वर्ष 2023-24 के बाद सर्वाधिक है। इस उपलब्धि के साथ, मध्य रेल ने न केवल रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित ₹450 करोड़ के लक्ष्य को पार किया है, बल्कि पिछले 2 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया है।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि विभिन्न प्रकार के स्क्रैप एवं अपशिष्ट सामग्रियों के सुव्यवस्थित निपटान के माध्यम से प्राप्त की गई है, जिनमें शामिल हैं:

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  • रेल स्थायी पथ (Permanent Way) स्क्रैप: 47,502 मीट्रिक टन
  • लौह (Ferrous) स्क्रैप: 31,298 मीट्रिक टन
  • अलौह (Non-Ferrous) स्क्रैप: 3,616 मीट्रिक टन
  • स्लीपर: 2,65,625 संख्या
  • रोलिंग स्टॉक: 50 इंजन, 78 कोच एवं 137 वैगन

मध्य रेल के स्टोर्स विभाग ने कुर्ला कटिंग यार्ड, ट्रैक्शन मशीन वर्कशॉप (नासिक), परेल वर्कशॉप, मनमाड वर्कशॉप सहित विभिन्न दूरस्थ एवं बिखरे हुए स्थानों तथा मध्य रेल के सभी पांच मंडलों में पड़े स्क्रैप की पहचान एवं निपटान हेतु सघन एवं समन्वित अभियान चलाए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप बिक्री प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

भुसावल मंडल ने ₹105.39 करोड़ की स्क्रैप बिक्री के साथ सर्वोच्च प्रदर्शन किया, इसके बाद माटुंगा वर्कशॉप ₹68.39 करोड़, नागपुर मंडल ₹64.02 करोड़, मुंबई मंडल ₹55.49 करोड़, पुणे मंडल ₹50 करोड़ तथा अन्य मंडल एवं उत्पादन इकाइयों का योगदान रहा।

मध्य रेल ने उन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया, जो उपयोग में नहीं थे लेकिन कार्यशील स्थिति में थे। इसी क्रम में, एक रोटाटेक प्रिंटिंग मशीन, जो उपयोग में नहीं थी किंतु चालू अवस्था में थी, उसे स्क्रैप के रूप में निपटान करने के बजाय ₹8.75 करोड़ के मूल्य पर नासिक प्रिंटिंग प्रेस को सफलतापूर्वक हस्तांतरित किया गया। यह पहल संसाधनों के कुशल उपयोग एवं विवेकपूर्ण निर्णय के माध्यम से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ये उपलब्धियां मध्य रेल की “जीरो स्क्रैप मिशन” को सफलतापूर्वक पूरा करने, वित्तीय अनुशासन, परिचालन दक्षता एवं पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।