भटनी-औंड़िहार (117 किमी) दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत छह खंडों सहित कुल 89.47 किमी का कार्य हुआ पूरा

इस दोहरीकरण परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश में देवरिया, बलिया, मऊ एवं गाजीपुर जनपद होंगे लाभान्वित

पिवकोल-बेलथरा रोड 27.53 किमी खंड का दोहरीकरण कार्य पूरा हो जाने पर गोरखपुर से वाराणसी तक पूरा रेलखंड दोहरीकृत हो जाएगा

गोरखपुर ब्यूरो: पूर्वोत्तर रेलवे पर इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में, ट्रेनों की गति बढ़ाने, संचालन समय में बचत करने एवं अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन हेतु भटनी-औंड़िहार (117 किमी) खंड के विद्यतीकरण सहित दोहरीकरण कार्य ₹1177.96 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।

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इस परियोजना को 8 चरणों में पूरा किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत कीड़िहरापुर-इन्दारा, सादात-औंड़िहार, भटनी-पिवकोल, बेलथरा रोड-कीड़िहरापुर, दुल्लहपुर-सादात, मऊ-दुल्लहपुर खंडों सहित कुल 89.47 किमी का कार्य पूरा हो चुका है।

शेष पिवकोल से बेलथरा रोड (27.53 किमी) खंड के दोहरीकरण का कार्य, जिसमें घाघरा नदी पर तुर्तीपार रेल पुल का निर्माण कार्य शामिल है, तीव्र गति से चल रहा है। यह दोहरीकरण परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश में देवरिया, बलिया, मऊ एवं गाजीपुर जनपदों में अवस्थित है।

पिवकोल-बेलथरा रोड (27.53 किमी) खंड के दोहरीकरण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इस खंड के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण रेल पुल सहित दो बड़े एवं 24 छोटे पुलों का कार्य सम्मिलित है, जिसमें दो बड़े एवं 23 छोटे पुलों का कार्य पूरा हो चुका है।

इसके अतिरिक्त घाघरा नदी पर बन रहे महत्वपूर्ण पुल संख्या 31 का कार्य अंतिम चरण में हैं। पिवकोल-बेलथरा रोड 27.53 किमी खंड का दोहरीकरण कार्य पूरा हो जाने पर गोरखपुर से वाराणसी तक पूरा रेलखंड दोहरीकृत हो जाएगा।

भटनी-औंड़िहार खंड के दोहरीकरण का कार्य पूर्ण होने से लाइन क्षमता में सुधार होगा तथा इस खंड पर जन आकांक्षाओं के अनुरूप अधिक ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। भटनी से औंड़िहार तक दोहरीकरण हो जाने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी तथा क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ेगा। विद्युतीकरण सहित इस दोहरी रेल लाइन का निर्माण होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।