पूर्वोत्तर रेलवे को माल लदान से कुल ₹387 करोड़ की आय
गोरखपुर ब्यूरो: रेल प्रशासन द्वारा व्यापारियों तथा औद्यौगिक प्रतिष्ठानों को दी जा रही उन्नत सुविधाओं तथा मुख्यालय एवं मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिटों के सुनियोजित प्रयासों से पूर्वोत्तर रेलवे पर माल लदान में वृद्धि का क्रम जारी है। वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी, 2026 तक कुल 3.52 मिलियन टन माल लदान हुआ, जिससे ₹387.101 करोड़ की आय हुई है तथा केवल जनवरी, 2026 में कुल 0.273 मिलियन टन माल का लदान हुआ, जिससे ₹26.291 करोड़ की आय हुई।
रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समेकित प्रयासों के फलस्वरूप पूर्वोत्तर रेलवे पर वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी, 2026 तक कुल 3.52 मिलियन टन माल लदान हुआ, जो गत वित्त वर्ष की इसी अवधि में कुल माल लदान 3.366 मिलियन टन की तुलना में 4.58 प्रतिशत अधिक है।
स्क्रैप निस्तारण ₹169.33 करोड़ की आय
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है। स्क्रैप निस्तारण से रेल राजस्व की प्राप्ति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को गति मिली है। स्क्रैप निस्तारण के परिणामस्वरूप रेल परिसर एवं रेल लाइनों के किनारे पड़ी निराकृत सामग्रियों को हटाने से ये स्थल स्वच्छ एवं साफ-सुथरे हो रहे हैं। वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी, 2026 तक स्क्रैप निस्तारण से ₹169.33 करोड़ की आय हुई है तथा केवल जनवरी, 2026 में स्क्रैप निस्तारण से ₹23.14 करोड़ की आय प्राप्त हुई है।
भारत सरकार के कार्यक्रम ‘स्वच्छ भारत मिशन‘ के तहत रेल परिसरों तथा रेल पटरियों के किनारे पड़ी हुई निष्प्रयोज्य सामग्री, परित्यक्त इमारतों एवं आवासों की पहचान कर निस्तारण किया गया है, जिससे रेल राजस्व प्राप्त होने के साथ ही रेल परिसर तथा रेल पटरियों को स्वच्छ रखने में भी सफलता मिली है।

