उत्तर प्रदेश रेल अवसंरचना का कायाकल्प: बजट में ₹20,012 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन
प्रयागराज ब्यूरो: रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा बजट 2026-27 में रेल मंत्रालय को आवंटित बजट के संबंध में प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया। रेलमंत्री द्वारा विभिन्न राज्यों में चल रही परियोजनाओं के विषय में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने तुलनात्मक अध्ययन के माध्यम से बताया कि सभी राज्यों को पूर्व में आवंटित होने वाले बजट से कई गुना अधिक धनराशि आवंटित की गई है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण में एक अभूतपूर्व क्रांति देखी जा रही है। केंद्रीय बजट 2026 में भारतीय रेल के लिए ₹2.93 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के लिए ₹20,012 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन शामिल है। यह आवंटन वर्ष 2009-14 के औसत वार्षिक बजट ₹1,109 करोड़ की तुलना में 18 गुना अधिक है।
बुनियादी ढ़ाँचे में व्यापक निवेश और विस्तार राज्य में वर्तमान में ₹92,056 करोड़ की कुल लागत वाले कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा संवर्धन शामिल हैं। वर्ष 2014 के बाद से लगभग 5,500 किमी नए ट्रैक का निर्माण किया गया है और राज्य ने 100% विद्युतीकरण का गौरवपूर्ण लक्ष्य हासिल कर लिया है। बुनियादी ढ़ाँचे को और गति देते हुए रेल बजट 2026 में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। हाल ही में अलीगढ़-दाउद खां के बीच तीसरी लाइन कमीशन की गई है और सबलगढ़-बीरपुर के बीच गेज कन्वर्जन का कार्य भी अंतिम चरण में है।
अमृत स्टेशन योजना और विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं यात्री अनुभव को आधुनिक बनाने के लिए ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशनों की पहचान की गई है, जिस पर ₹7,746 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। अयोध्या धाम, गोमती नगर और सहारनपुर जं. जैसे 22 स्टेशनों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) परिक्षेत्र में प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और ग्वालियर जैसे प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास तीव्र गति से जारी है। इसके अतिरिक्त, अलीगढ़, आगरा और मथुरा स्टेशनों के पुनर्विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
सुरक्षा तकनीक ‘कवच’ और निर्बाध यात्रा रेलवे संरक्षा के लिए बजट 2026 में ₹1.20 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को तेजी से लागू किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पलवल-मथुरा सेक्शन के 83 रूट किमी में कवच प्रणाली का कमीशनिंग किया जाएगा। अब तक 297 लोकोमोटिव में यह प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। साथ ही, आवाजाही को सुगम बनाने के लिए राज्य में 1,694 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है।
बढ़ती कनेक्टिविटी: वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस राज्य में प्रीमियम ट्रेन सेवाओं का विस्तार करते हुए वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 17 जोड़ी वंदे भारत और 18 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनें संचालित हैं। विशेष रूप से उत्तर मध्य रेलवे जोन में 16 वंदे भारत और 20 अमृत भारत एक्सप्रेस अपनी सेवाएं दे रही हैं।
रेलमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेल सेवाओं का यह विस्तार न केवल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति और यात्री सुरक्षा में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।

