डबल्यू-मेटल बीम क्रैश बैरियर कार्यों में जीएसटी चोरी—एक गंभीर वित्तीय अनियमितता
डब्ल्यू-मेटल बीम क्रैश बैरियर कार्य—सड़क एवं रेलवे सुरक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। यह कार्य उच्च गुणवत्ता वाले स्टील, मानक निर्माण प्रक्रिया, हॉट-डिप गैल्वनाइजेशन, ट्रांसपोर्टेशन, कुशल श्रम और वैधानिक कर अनुपालन की मांग करता है।
परंतु हाल के वर्षों में, विशेषकर #IndianRailways एवं अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं में असामान्य रूप से कम दरों पर टेंडर लेने के बाद जीएसटी चोरी एक संगठित प्रवृत्ति के रूप में सामने आई है।
समस्या का स्वरूप
जब ठेकेदार अव्यावहारिक रूप से कम दरों पर W-Metal Beam का कार्य लेते हैं, तो वैध लागत—स्टील, गैल्वनाइजेशन, परिवहन, मजदूरी, ओवरहेड्स और 18% जीएसटी—निकालना संभव नहीं रहता। परिणामस्वरूप ठेकेदार निम्नलिखित तरीकों से कर चोरी करते हैं।
डब्ल्यू-मेटल बीम कार्यों में जीएसटी चोरी के प्रमुख तरीके-
अंडर-बिलिंग (कम मूल्य पर बिलिंग)
- वास्तविक आपूर्ति मूल्य से कम मूल्य के इनवॉइस जारी करना
- स्टील की ग्रेड/मोटाई कम दिखाना
- गैल्वनाइजेशन चार्ज को अलग न दिखाना या दबा देना
- परिणाम: सरकार को कम जीएसटी प्राप्त होता है।
फर्जी/एंट्री-ऑपरेटर इनवॉइस
- बिना वास्तविक आपूर्ति के बिल
- केवल #ITC (Input Tax Credit) लेने के लिए कागजी कंपनियाँ
- एक ही सामग्री पर बार-बार इनवॉइस
- परिणाम: फर्जी ITC के माध्यम से कर भुगतान से बचाव।
कैश में स्टील व मजदूरी भुगतान
- स्टील, बोल्ट-नट, पोस्ट, ट्रांसपोर्टेशन कैश में
- असंगठित श्रमिकों को नकद भुगतान
- कोई #GST रिकॉर्ड नहीं
- परिणाम: टैक्स नेटवर्क से पूरा खर्च बाहर।
जीएसटी वसूल कर जमा न करना
- विभाग से जीएसटी सहित भुगतान प्राप्त करना
- परंतु सरकार के खाते में GST जमा न करना
- रिटर्न फाइलिंग में देरी या शून्य रिटर्न
- परिणाम: प्रत्यक्ष राजस्व चोरी।
ITC का दुरुपयोग
- वास्तविक कार्य से असंबंधित ITC का उपयोग
- एक परियोजना का ITC दूसरी परियोजना में समायोजन
- बंद/डमी फर्मों से ITC ट्रांसफर
- परिणाम: संगठित कर अपवंचन।
कम दरों और जीएसटी चोरी का सीधा संबंध
- असामान्य कम दर = वैध टैक्स भुगतान असंभव
- कर चोरी = ठेकेदार की “लागत प्रबंधन” रणनीति
- ईमानदार, टैक्स-कंप्लायंट ठेकेदार बाहर
- सिस्टम में केवल कर-चोर जीवित
- परिणाम: यह प्रतिस्पर्धा नहीं, कर-आधारित चयन (Tax-Evasive Selection) है।
राष्ट्रीय नुकसान
- राजस्व हानि—करोड़ों रुपये का जीएसटी नुकसान
- घटिया सुरक्षा संरचनाएँ—पतली शीट, कम गैल्वनाइजेशन
- दुर्घटनाओं का खतरा—कमजोर क्रैश बैरियर
- ईमानदार उद्योग का विनाश
- करप्शन का कॉरपोरेटाइजेशन
जिम्मेदारी और जवाबदेही का अभाव
- असामान्य कम दरों की कोई अनिवार्य जांच नहीं
- जीएसटी अनुपालन को टेंडर मूल्यांकन से नहीं जोड़ा गया
- पोस्ट-अवार्ड GST ऑडिट का अभाव
- माप-तौल और आपूर्ति का स्वतंत्र सत्यापन नहीं
—Editorial Desk

