झाँसी से गोविंदपुरी रेलखंड के विद्युत कर्षण उन्नयन को मिली मंजूरी
Railway Electrification
प्रयागराज ब्यूरो: उत्तर मध्य रेलवे के बुनियादी ढ़ाँचे को आधुनिक बनाने और रेल संचालन की दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी से गोविंदपुरी रेलखंड की विद्युत कर्षण प्रणाली के उन्नयन (Up-gradation) के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है।
इस परियोजना के तहत वर्तमान 1 X 25 kV विद्युत कर्षण प्रणाली को 2 X 25 kV प्रणाली में उन्नत किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर ₹403.20 करोड़ की लागत अनुमानित है।
यह कार्य वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी से गोविंदपुरी (कानपुर) के बीच किया जाएगा, जो 213 रूट किलोमीटर (RKM) / 426 ट्रैक किलोमीटर (TKM) के क्षेत्र को कवर करता है।
यह कार्य भारतीय रेल की ‘पिंक बुक 2024-25’ में शामिल ₹12,000 करोड़ के अम्ब्रेला कार्य (PH-35) का हिस्सा है।
उत्तर मध्य रेलवे के इस प्रस्ताव को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव की स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
उल्लेखनीय है कि इस ओएचई उन्नयन कार्य से रेल परिचालन की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे उच्च गति वाली ट्रेनों और भारी मालगाड़ियों के संचालन में सुगमता आएगी। साथ ही, यह प्रणाली विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता को और बेहतर करेगी।

