रेल मंत्रालय ने देवगढ़ मदारिया-मारवाड़ जंक्शन ब्रॉड गेज रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को दी मंजूरी
नई दिल्ली: रेल मंत्रालय ने देवगढ़ मदारिया से मारवाड़ जंक्शन तक 72 किमी लंबी नई ब्रॉड गेज रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे (#FLS) को मंजूरी दे दी है। स्वीकृति पश्चात यह नई रेल लाइन परियोजना जोधपुर और बीकानेर से होकर चित्तौड़गढ़ और उदयपुर तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे यात्रा का समय और दूरी दोनों कम होंगे।
यह नई ब्रॉड गेज रेल लाइन राजसमंद, उदयपुर और पाली जिलों में यात्रा समय को काफी कम करेगी और यात्री व माल ट्रेनों की क्षमता को बेहतर बनाएगी। इससे इन क्षेत्रों के उन हिस्सों तक भी आधुनिक रेल सुविधाएं पहुँचेंगी जहाँ अब तक यह सुविधाएं सीमित थीं। इसके माध्यम से, देवगढ़ मदारिया के किसानों की फसलें, जैसे फल और सब्जियाँ, मारवाड़ क्षेत्र के नए बाजारों तक पहुँच सकेंगी।
यह लाइन मारवाड़ क्षेत्र में तेज ट्रेनों के संचालन का मार्ग सुनिश्चित करेगी, जिससे पहले की धीमी और संकरी लाइनें तेज और अधिक सुगम संपर्क का मार्ग बन जाएँगी।

यह विकास कार्य दिल्ली–मुंबई औद्योगिक गलियारे (#DMIC) के रणनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप हैं और विशेष रूप से जोधपुर–पाली औद्योगिक क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित होंगे, जो पश्चिमी भारत में एक उभरता हुआ निर्माण और लॉजिस्टिक्स हब है।
बेहतर रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर न केवल आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा, बल्कि निवेश भी आकर्षित करेगा, व्यापार का विस्तार करेगा और औद्योगिक केंद्रों को देश भर के बंदरगाहों और बाजारों से अधिक कुशलता से जोड़ेगा।
पर्यटन की दृष्टि से भी इसका बड़ा लाभ होगा। इस मार्ग से कुंभलगढ़ किला, चारभुजा मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर (कंकरोली) जैसे प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों तक रेल के माध्यम से पहुँचना और आसान हो जाएगा। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके साथ ही, यह क्षेत्र संगमरमर, ग्रेनाइट और सीमेंट उद्योगों के लिए भी प्रसिद्ध है, जिन्हें भारतीय रेल के मिशन 3000 मीट्रिक टन के तहत माल ढुलाई क्षमता के बढ़ने से बड़ा लाभ मिलेगा। इससे कच्चे माल और पूर्ण रूप से तैयार उत्पादों की ढुलाई तेज, अधिक विश्वसनीय और किफायती हो सकेगी, जिससे औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
एफएलएस की मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना के साथ-साथ , ₹969 करोड़ की लागत से चल रही 82 किमी लंबी नाथद्वारा–देवगढ़ मदारिया ब्रॉडगेज परिवर्तन परियोजना भी क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक लाभ लेकर आएगी।
यह परियोजना भील, गरासिया और सहारिया जनजाति समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच को बेहतर बनाकर उनके जीवन स्तर में सुधार करेगी।

