रेलवे आपदा प्रतिक्रिया और “गोल्डन आवर” तत्परता को सशक्त करने हेतु RPF, NDRF और IRIDM ने किया समझौता
नई दिल्ली: रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) के पंचवटी कॉन्फ्रेंस कक्ष में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (#RPF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (#NDRF) और भारतीय रेलवे आपदा प्रबंधन संस्थान (#IRIDM), बेंगलुरु के बीच सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (#MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता RPF की ओर से बी. वी. राव, महानिरीक्षक (प्रशिक्षण); NDRF की ओर से नरेंद्र सिंह बुंदेला, महानिरीक्षक; तथा IRIDM की ओर से निदेशक श्रीनिवास द्वारा किया गया। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन एंड रोलिंग स्टॉक) आर. राजगोपाल; महानिदेशक (मानव संसाधन) अरुणा नायर; महानिदेशक (NDRF) पीयूष आनंद; महानिदेशक (RPF) सोनाली मिश्रा; और NDRF एवं RPF के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यह साझेदारी रेल दुर्घटनाओं के दौरान एकीकृत राहत अभियानों और क्षमता निर्माण के लिए स्पष्ट संस्थागत ढ़ाँचा स्थापित करती है, जिसमें “गोल्डन आवर” यानि दुर्घटना के बाद का महत्वपूर्ण पहला घंटा — जब जीवन बचाने के अवसर सर्वाधिक होते हैं — पर विशेष बल दिया गया है।
RPF की महानिदेशक सोनाली मिश्रा ने कहा कि सभी हितधारकों के बीच प्रभावी सहयोग और समन्वय आवश्यक है तथा इस संदर्भ में मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs) तैयार की जानी चाहिए।

अपने संबोधन में रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन एंड रोलिंग स्टॉक) आर. राजगोपाल ने कहा कि मानवजनित आपदाओं के साथ-साथ चक्रवात, भारी वर्षा और हीटवेव जैसी प्राकृतिक आपदाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने JR RPF अकादमी और IRIDM की क्षमता निर्माण से जुड़ी पहलों की सराहना की, विशेषकर “गोल्डन आवर” पर केंद्रित बचाव और राहत कार्यों के लिए।
NDRF के महानिदेशक पीयूष आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा प्रबंधन में शामिल सभी एजेंसियों को एक टीम के रूप में कार्य करना चाहिए। रेलवे की अन्य एजेंसियों को भी क्षमता निर्माण के प्रयासों में शामिल किया जाना चाहिए।
यह सहयोग एक विस्तारणीय और दोहराने योग्य व्यवस्था को सक्रिय करता है जो राष्ट्रीय रेलवे आपदा तैयारी को सुदृढ़ बनाएगा — यात्रियों और कर्मचारियों को तेज, सुरक्षित और समन्वित राहत प्रदान करेगा, जब हर मिनट कीमती होता है।
मुख्य विशेषताएँ
- “गोल्डन आवर” बचाव पर मुख्य ध्यान: हर ड्रिल और प्रोटोकॉल का उद्देश्य महत्वपूर्ण मिनटों की बचत कर तेज़ पहुँच, प्राथमिक चिकित्सा और कोचों से निकासी सुनिश्चित करना है।
- रेलवे-विशिष्ट प्रथम प्रतिक्रिया: RPF को कोच और ट्रैक से संबंधित, विशेषकर संकुचित स्थानों में बचाव कार्यों की दक्षता विकसित करनी होगी ताकि घटना स्थल पर पहली कार्रवाई ही सही दिशा में हो।
- मानक और साझा कोच-निकासी SOPs: IRIDM प्रवेश अनुक्रम, स्थिरीकरण, कटिंग प्लान, रोगी पैकेजिंग और हस्तांतरण की प्रक्रियाओं का एकीकरण करेगा।
- डिजाइन द्वारा इंटरऑपरेबिलिटी: सामान्य रेडियो शिष्टाचार, साझा चेकलिस्ट और संयुक्त ड्रिल्स के माध्यम से सभी एजेंसियाँ एक एकीकृत इकाई के रूप में कार्य करेंगी।
त्रिस्तरीय प्रगतिशील प्रशिक्षण कार्यक्रम
- मॉड्यूल A: JRRPFA में आधारभूत प्रशिक्षण
- मॉड्यूल B: नामित NDRF बटालियनों में फील्ड संवेदनशीलता
- मॉड्यूल C: IRIDM में संयुक्त उन्नत सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण
यह व्यवस्था दोहराने योग्य और मापनीय दक्षताओं को विकसित करेगी।
MoU में भूमिकाओं की स्पष्ट परिभाषा
- जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी (JRRPFA) को नोडल केंद्र के रूप में नामित किया गया है।
- NDRF बटालियन-स्तरीय संवेदनशीलता सत्र आयोजित करेगा और IRIDM के संयुक्त पाठ्यक्रमों में भाग लेगा।
- IRIDM उन्नत, परिदृश्य-आधारित पाठ्यक्रमों का डिज़ाइन, अद्यतन और प्रलेखन करेगा।
यह ढ़ाँचा सभी जोनल रेलों पर लागू किया जा सकता है और आने वाले वर्षों में समीक्षा और सतत सुधार के लिए संरचित है।

