निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं दक्षता के साथ किया जाना चाहिए-नीलमणि, PCE/NER
पीसीई कार्यालय सभागार में 15 सितम्बर, 2025 को भारतरत्न एम. विश्वेश्वरैया की जयन्ती पर ‘इंजीनियर्स डे‘ का आयोजन
गोरखपुर ब्यूरो: प्रमुख मुख्य इंजीनियर कार्यालय, गोरखपुर के सभागार में 15 सितम्बर, 2025 को भारतरत्न एम. विश्वेश्वरैया की जयन्ती पर ‘इंजीनियर्स डे‘ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर नीलमणि, मुख्य इंजीनियर/टीएमसी संजय यादव सहित अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर (पीसीई) नीलमणि ने समारोह को सम्बोधित करते हुए इंजीनियरिंग निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं दक्षता के साथ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे में संरक्षा सर्वोपरि है और इसी को ध्यान में रखते हुए सभी को दैनिक कार्यों में संरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
पीसीई नीलमणि ने पूर्वोत्तर रेलवे पर चल रहे निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
ज्ञातव्य है कि इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संरक्षा के दृष्टिकोण से ट्रेनों की गति बढ़ाने तथा यात्रा समय में कमी लाने हेतु रेलपथ सुदृढ़ीकरण के लिए कम्प्लीट ट्रैक रिन्यूअल, रेल एवं स्लीपर नवीनीकरण, सपाट ट्रैक एवं टर्नआउट की डीप स्क्रीनिंग, टर्नआउट का नवीनीकरण, थिक वेब स्विच का प्रावधान तथा चैनल स्लीपर का एच-बीम स्लीपर से बदलाव इत्यादि कार्य नियमित किए जाते हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे पर रेलपथ के बेहतर अनुरक्षण हेतु मशीनों के माध्यम से मेंटेनेंस पर फोकस किया जाता है, जिसके फलस्वरूप संरक्षा, सुरक्षा एवं राइडिंग कम्फर्ट में उल्लेखनीय सुधार होता है।
पूर्वोत्तर रेलवे पर ट्रैक के सुदृढ़ीकरण हेतु डीटीई, सीएसएम, ड्योमेटिक, यूनीमेट, एमएफआई/एमपीटी, बीसीएम, डीजीएस/डीटीएस, टी28, पीक्यूआरएस, यूटीवी, एमडीयू, एफआरएम, बीआरएम इत्यादि प्रमुख मशीनें मेकैनाइज्ड तरीके से कार्य करती हैं।
इन मशीनों का उपयोग प्लेन ट्रैक की टैम्पिंग एवं स्टेब्लाइजिंग, टर्नआउट की टैम्पिंग, प्लेन ट्रैक एवं टर्नआउट की डीप स्क्रीनिंग तथा ट्रैक, रेल, स्लीपर एवं टर्नआउट के नवीनीकरण इत्यादि के लिए किया जाता है।

