प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में रेल बजट 18 गुना बढ़ा -अश्विनी वैष्णव, रेलमंत्री

उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 5,200 किमी नई रेल पटरियाँ बिछाई गईं -अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली (पीआईबी): रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार अश्विनी वैष्णव ने 3 फरवरी, 2025 को बजट 2025-26 हेतु उत्तर प्रदेश में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु रिकार्ड बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में रेल के विकास के लिए कुल ₹1,04,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। जिससे प्रदेश में दोहरी लाइन, तीसरी लाइन, अमृत भारत स्टेशन आदि का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 19,858 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है, जो कि यूपीए सरकार (वर्ष 2009-14) की तुलना में 18 गुना ज्यादा है।
रेलमंत्री श्री वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर, उत्तर-मध्य एवं पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधकों एवं मंडल रेल प्रबंधकों की उपस्थिति में बजटीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 5,200 किमी के रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं, जो कि पूरे स्विट्जरलैंड अथवा बेल्जियम के रेलवे ट्रैक की लंबाई से अधिक है। उन्होनें मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होनें उत्तर प्रदेश हेतु स्वीकृत रेल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए विशेष रूचि ली और उन्हें पूरा कराने में सराहनीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कानपुर में एलिवेटेड ट्रैक परियोजना में आ रही अड़चनों को दूर कर विशेष योगदान दिया है।
रेलमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 157 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित कर उनकी क्षमता बढ़ाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में 14 वंदे भारत ट्रेनों का संचलन 20 जिलों से होकर किया जा रहा है तथा उनका ठहराव 25 स्टेशनों पर दिया गया है। दरभंगा-आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस का उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में अवस्थित 10 स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। गोरखपुर, लखनऊ एवं वाराणसी से अमृत भारत एक्सप्रेस के संचलन संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमृत भारत ट्रेनों के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जा रहा है। पुणे, बैंग्लोर, चेन्नई, दिल्ली में नये टर्मिनल बनाये जा रहे है। आगामी चार वर्षों में इन स्टेशनों से/के लिए कई गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक यात्रा टिकट पर 55 प्रतिशत की रियायत दी जाती है। इस वर्ष 740 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेल पर यात्रा की। जुलाई,2024 से अबतक 40,000 करोड़ के लागत की रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
श्री वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4800 किमी रेल नेटवर्क में कवच प्रणाली लागू करने हेतु कार्यवाही तेजी से चल रही है और आगामी छः वर्षों में सम्पूर्ण भारतीय रेल पर कवच प्रणाली लागू कर दी जायेगी।
ज्ञातव्य है कि वर्ष 2009-14 में आवंटित पूंजीगत व्यय ₹45,900 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में भारतीय रेल पर पूंजीगत व्यय के लिए ₹2,65,200 करोड़ आवंटित किया गया है। भारतीय रेल पर संरक्षा हेतु बजट में ₹1,16,514 करोड़ का आवंटन किया गया। रोड ओवर ब्रिज/रोड अण्डर ब्रिज के लिए वर्ष 2009-14 में औसतन प्रतिवर्ष आवंटित ₹916 करोड़ की तुलना में वर्ष 2025-26 हेतु ₹7,000 करोड़ का आवंटन किया गया। वर्ष 2025-26 में ट्रैक रिन्यूवल हेतु ₹22,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भारतीय रेल के आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु वर्ष 2009-14 में नई लाइन निर्माण हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित ₹5,075 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में ₹32,235.24 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे नई लाइन निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
वर्ष 2009-14 में आमान परिवर्तन कार्य हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित ₹3,088 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में ₹4,550 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे आमान परिवर्तन परियोजनाओं को समय से पूरा किया जा सकेगा। वर्ष 2009-14 में दोहरीकरण, तीसरी/चौथी लाइन निर्माण हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित ₹2,461 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में इन कार्यो के लिए ₹32,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे इन निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर आवश्यकतानुसार गाड़ियों का संचलन किया जा सके। वर्ष 2009-14 में रोलिंग स्टाक हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित ₹16,029 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹57,693 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
यात्रियों की सुविधाजन्य यात्रा हेतु 17,500 गैर वातानुकूलित सामान्य कोचों का निर्माण किया जायेगा। अगले पॉच वर्षों में सभी आईसीएफ कोचों के स्थान पर एलएचबी कोच लगा दिये जायेंगे। पहली वंदे स्लीपर ट्रेन का परीक्षण किया जा रहा है। 50 नमो भारत ट्रेन, आधुनिक सुविधाओं से युक्त 100 गैर वातानुकूलित अमृत भारत ट्रेनों तथा 200 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। खान-पान की गुणवत्ता में सुधार हेतु 600 बेस किचन चालू किये जा रहे हैं।