एडीईएन/बिक्रमगंज को रिश्वतखोरी में CBI ने धरा, ठेकेदार से मांगा था इन्वर्टर-बैटरी

मुगलसराय: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), पटना ने पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (#DDU) मंडल के तहत बिक्रमगंज में तैनात सहायक मंडल अभियंता (#ADEN) भोला शंकर कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक औपचारिक प्राथमिकी (#FIR) दर्ज की है। आरोपी अधिकारी पर रेल ट्रैक मरम्मत कार्य के निष्पादन के बाद ठेकेदार की बकाया प्रतिभूति जमा राशि और परफॉर्मेंस गारंटी जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग करने और अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा है।

यह पूरा मामला सुरभि एंटरप्राइजेज नामक फर्म से जुड़ा हुआ है, जिसकी प्रोपराइटर श्रीमती नंदनी पांडेय हैं और उनके पति राकेश कुमार पांडेय फर्म के परिचालन का काम संभालते हैं। उक्त फर्म को पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आरा और सासाराम के बीच रेलवे लाइन के किनारे बाउंड्री वॉल की मरम्मत का ठेका दिया गया था। ठेके का कार्य निर्धारित समयावधि के भीतर 19 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था, जिसका प्रमाण पत्र वरिष्ठ खंड अभियंता (#SSE) द्वारा भी जारी किया जा चुका था। हालांकि, कार्य पूरा होने के बावजूद विभाग द्वारा फर्म का लगभग 1,35,000 रुपये का अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD), सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) और परफॉर्मेंस गारंटी (PG) रोक कर रखा गया था।

शिकायतकर्ता राकेश कुमार पांडेय के अनुसार, जब उन्होंने रोकी गई जमा राशि को मुक्त कराने के लिए बार-बार लिखित आवेदन दिए और व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया, तो सहायक मंडल अभियंता भोला शंकर कुमार ने बकाया राशि जारी करने के बदले स्पष्ट रूप से अनुचित लाभ के रूप में एक इन्वर्टर सेट और बैटरी उपलब्ध कराने की मांग की। अधिकारी द्वारा लगातार यह दबाव बनाया जा रहा था कि ठेके में काफी मुनाफा हुआ है, इसलिए मांग पूरी न होने तक बकाया राशि का भुगतान निरस्त कर दिया जाएगा।

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रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने 28 जुलाई 2026 को सीबीआई मुख्यालय पटना को ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 29 जुलाई 2026 को औपचारिक लिखित शिकायत सौंपी गई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद सीबीआई पटना के पुलिस उप-निरीक्षक सिया राम मीणा को आरोपों की प्रामाणिकता की जांच का जिम्मा सौंपा गया। सीबीआई द्वारा की गई त्वरित सत्यापन जांच में यह पुष्टि हुई कि आरोपी अधिकारी ने बकाया राशि रिलीज करने के बदले 7,000 रुपये के मूल्य के बराबर अनुचित लाभ (इन्वर्टर और बैटरी) की मांग की थी और स्वीकार करने की सहमति जताई थी, जो कि कानूनन एक संज्ञेय अपराध है।

सत्यापन रिपोर्ट में अपराध की पुष्टि होने के बाद, सीबीआई पटना शाखा प्रमुख एवं पुलिस अधीक्षक प्रांजल रुंडला (IPS) के आदेशानुसार सहायक मंडल अभियंता भोला शंकर कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की विस्तृत जांच का प्रभार सीबीआई निरीक्षक संजीव कुमार को सौंपा गया है। साथ ही, मामले की आधिकारिक सूचना विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) पटना, पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) तथा रेलवे बोर्ड को प्रेषित कर दी गई है।