SER घूसकांड: जेल से बचने की फील्डिंग तैयार, क्या शनिवार को मिल जाएगी जमानत?
दक्षिण पूर्व रेलवे रिश्वतकांड: DyCSTE सत्यम कुमार समेत 5 आरोपियों की पुलिस रिमांड 2 दिन बढ़ी, 1 अगस्त को जमानत पर होगी सुनवाई
कोलकाता: दक्षिण पूर्व रेलवे (#SER) में सिग्नलिंग प्रोजेक्ट्स और बिल क्लीयरेंस के नाम पर चल रहे बड़े रिश्वतखोरी के खेल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (#CBI) की कार्रवाई लगातार जारी है। सीबीआई एफआईआर (RC0102026A0005) के तहत हावड़ा स्टेशन से रंगे हाथों पकड़े गए उप मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (#DyCSTE/Chakradharpur) सत्यम कुमार और मेसर्स एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों समेत कुल 5 आरोपियों को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार, 30 जुलाई को और दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (कोलकाता) ने 24 जुलाई 2026 को बीएनएस की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद 25 जुलाई की सुबह सीबीआई ने जाल बिछाकर सत्यम कुमार को ₹4 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जो वह हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़ने से ठीक पहले ले रहे थे। एफआईआर के अनुसार, यह घूस #एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्राइस वेरिएशन क्लॉज (#PVC), रनिंग अकाउंट (#RA) बिलों और सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट को अनुचित तरीके से पास कराने के एवज में दी जा रही थी।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस मामले के तार रेलवे के बड़े सिग्नलिंग और बुनियादी ढ़ांचागत परियोजनाओं से जुड़े होने के कारण प्रशासनिक गलियारों में काफी हलचल है। चर्चा यह भी है कि यदि इस मामले की जांच निष्पक्ष और गहराई से आगे बढ़ती है, तो पीवीसी और अन्य तकनीकी प्रणालियों में जारी अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हो सकता है।
गुरुवार को कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कई वरिष्ठ वकील उपस्थित रहे, जबकि अभियोजन पक्ष के रुख को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं बनी रहीं। अब दो दिन की विस्तारित रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद शनिवार, 1 अगस्त को सभी पांचों आरोपियों को पुनः सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहाँ उनकी जमानत और अदालत के रुख पर सबकी नजरें टिकी होंगी।

