पश्चिम मध्य रेलवे: संरक्षा के प्रति इंजीनियरिंग विभाग की गंभीर लापरवाही

भोपाल: पश्चिम मध्य रेलवे (#WCR) के अंतर्गत भोपाल मंडल के बियावरा राजगढ़ स्टेशन यार्ड में सोमवार, 13.04.2026 को एक टैम्पिंग मशीन, पॉइंट एवं क्रॉसिंग पर पटरी से उतर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना स्थल पर ट्रैक का गेज मानक से अधिक (#SlackGauge) पाया गया, जो ट्रैक मेंटेनेंस में गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

यह घटना पश्चिम मध्य रेलवे के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है और रेल परिसंपत्तियों एवं कर्मचारियों की संरक्षा एवं सुरक्षा के प्रति उसकी लापरवाहीपूर्ण उदासीनता को उजागर करती है।

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि उक्त घटना की सूचना रेलवे बोर्ड को नहीं भेजी गई, यह भी अत्यंत चिंताजनक है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर संदेह उत्पन्न होता है।

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इसी क्रम में, रविवार, 12.04.2026 को पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के ब्योहारी स्टेशन साइडिंग में एक कैंपिंग कोच में आग लगने की घटना भी सामने आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक तथ्यों से स्पष्ट होता है कि कोच की सुरक्षा एवं रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरती गई तथा संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों द्वारा समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ और लापरवाहियाँ रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में प्रणालीगत कमजोरियों की ओर सीधा संकेत करती हैं, दूसरी तरफ जोन के शीर्ष इंजीनियरिंग अधिकारी एक-दूसरे की टांग खिंचाई करने की विभागीय राजनीति में लिप्त हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। जानकारों का कहना है कि रेल संरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकती। यात्रियों, कर्मचारियों एवं रेल संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उधर, फील्ड सुपरवाइजर्स का कहना है कि यार्डों, शेडों (लोको/कारशेड) इत्यादि में पचासों साल पुरानी रेलें लगी हुई हैं, कितनी ही जगह तो रेल लाइनों के नीचे गिट्टी भी नहीं मिलेगी। सब भगवान भरोसे कारोबार चल रहा है।