रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बनाए गए अत्याधुनिक यात्री सुविधा केंद्र का निरीक्षण
त्योहारों के मौसम में यात्रियों को अधिक सुविधा और आराम मिलेगा: रेलमंत्री
देशभर के अन्य स्टेशनों पर भी ऐसे यात्री सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे: अश्विनी वैष्णव
नया यात्री सुविधा केंद्र तीन ज़ोन—प्री-टिकटिंग, टिकटिंग और पोस्ट-टिकटिंग—में विभाजित है, ताकि भीड़ कम हो और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके
केंद्र में 22 टिकट काउंटर, 25 एटीवीएम, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और बैठने, ठंडक, स्वच्छता व सूचना जैसी सभी यात्री सुविधाएं उपलब्ध हैं
नई दिल्ली (पीआईबी): देश के सबसे व्यस्त टर्मिनलों में से एक नई दिल्ली पर यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (एनडीएलएस) पर नव-निर्मित यात्री सुविधा केंद्र (स्थायी होल्डिंग क्षेत्र) का निरीक्षण किया। यह केंद्र एक समय में लगभग 7,000 यात्रियों को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यात्रियों को प्रस्थान से पहले अधिक आराम और सुविधा मिलेगी।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “त्योहारों के मौसम में यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। यह अत्याधुनिक यात्री सुविधा केंद्र यात्रियों को अधिक आराम प्रदान करेगा। ऐसे केंद्र देश के अन्य स्टेशनों पर भी विकसित किए जाएंगे।”
यह नया यात्री सुविधा केंद्र यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए तीन ज़ोन में विभाजित किया गया है-
- टिकटिंग क्षेत्र: 2,860 वर्गमीटर
- पोस्ट टिकटिंग क्षेत्र: 1,150 वर्गमीटर
- प्री-टिकटिंग क्षेत्र: 1,218 वर्गमीटर
इस प्रकार के क्षेत्रीय विभाजन से भीड़ कम करने और यात्रियों के आराम को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उत्तरी रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र में आधुनिक सुविधाओं का प्रावधान किया है।
मुख्य विशेषताएँ
टिकटिंग
- 22 आधुनिक टिकट काउंटर
- 25 स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें (#ATVMs)
क्षमता एवं आराम
- 200 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था
- 18 हाई वॉल्यूम लो स्पीड (#HVLS) फैन, जो प्रभावी ठंडक प्रदान करते हैं
स्वच्छता एवं पेयजल
- 652 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्मित शौचालय ब्लॉक
- आरओ आधारित पेयजल प्रणाली
सूचना एवं सुरक्षा
- 24 स्पीकर वाला यात्री उद्घोषणा तंत्र
- 3 एलईडी ट्रेन सूचना डिस्प्ले
- 7 आधुनिक अग्निशमन इकाइयाँ
सुरक्षा
- 18 सीसीटीवी कैमरे
- 5 सामान स्कैनर
- 5 दरवाजा फ्रेम मेटल डिटेक्टर (#DFMDs)
निर्माण के दौरान उत्तरी रेलवे ने कई जटिल चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया, जिनमें एटीएम, दिल्ली पुलिस के केबिन और होर्डिंग बोर्ड जैसे मौजूदा ढांचों का ध्वस्तीकरण और स्थानांतरण शामिल था। साथ ही, जल लाइन, ड्रेनेज सिस्टम और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी आवश्यक सुविधाओं का स्थानांतरण बिना किसी व्यवधान के किया गया।
साथ ही, फुट ओवर ब्रिज-1 (#FOB 1) का विस्तार भी पूरा किया गया, जिससे अब एनडीएलएस पर ट्रेन से उतरने वाले यात्री सीधे मेट्रो स्टेशन की ओर जा सकते हैं। इससे प्लेटफॉर्म की भीड़ कम होगी और बहु-मोडल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
निरीक्षण के दौरान श्री वैष्णव के साथ रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ श्री सतीश कुमार, उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस निरीक्षण ने रेलवे मंत्रालय की उस प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया जो यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने और देश के रेलवे बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए की गई है।

