“21वीं सदी के भारत में, 21वीं सदी की परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता है!” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने कोलकाता, पश्चिम बंगाल में ₹5,200 करोड़ से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री ने कहा: “कोलकाता जैसे शहर भारत के इतिहास और भविष्य दोनों की समृद्ध पहचान का प्रतीक हैं।”
“जैसे-जैसे भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, वैसे-वैसे दमदम और कोलकाता जैसे शहर इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
“21वीं सदी का भारत, 21वीं सदी की परिवहन प्रणाली की मांग करता है। इसलिए, आज पूरे देश में रेल से लेकर सड़क, मेट्रो से लेकर एयरपोर्ट तक आधुनिक परिवहन सुविधाओं को न केवल विकसित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें एक-दूसरे से जोड़ा भी जा रहा है ताकि निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।”
नई दिल्ली (पीआईबी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 22.08.2025 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में ₹5,200 करोड़ से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें एक बार फिर पश्चिम बंगाल के विकास को गति देने का अवसर मिला है। उन्होंने नोआपाड़ा से जय हिंद एयरपोर्ट तक कोलकाता मेट्रो की यात्रा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई लोगों से बातचीत की और सभी ने कोलकाता के सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण पर प्रसन्नता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने छह लेन वाले एलिवेटेड कोना एक्सप्रेसवे का भी शिलान्यास किया और कोलकाता एवं पश्चिम बंगाल के नागरिकों को इन बहु-हजार करोड़ की परियोजनाओं के लिए हार्दिक बधाई दी।
श्री मोदी ने कहा, “कोलकाता जैसे शहर भारत के इतिहास और भविष्य दोनों का समृद्ध प्रतीक हैं। जैसे-जैसे भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे दमदम और कोलकाता जैसे शहर इस विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” उन्होंने कहा कि आज का यह कार्यक्रम केवल मेट्रो का उद्घाटन या हाइवे का शिलान्यास नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक भारत अपने शहरी परिदृश्य को कैसे बदल रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट्स और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में वृद्धि की जा रही है। ‘वेस्ट टू वेल्थ’ योजना के तहत शहरी कचरे से बिजली बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत के पास अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। 2014 से पहले देश में केवल 250 किलोमीटर मेट्रो रूट थे, जबकि आज यह नेटवर्क 1,000 किलोमीटर से अधिक हो गया है। कोलकाता में भी मेट्रो नेटवर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। कोलकाता मेट्रो में लगभग 14 किमी की नई लाइनें जोड़ी जा रही हैं और सात नए स्टेशन शामिल किए जा रहे हैं। इससे लोगों की जीवनशैली और यात्रा अनुभव में व्यापक सुधार होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “21वीं सदी का भारत, 21वीं सदी की परिवहन व्यवस्था की मांग करता है। इसलिए देशभर में आधुनिक परिवहन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं और उन्हें एक-दूसरे से जोड़ा जा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का प्रयास केवल शहरों को आपस में जोड़ने का नहीं है, बल्कि लोगों के घरों के पास तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने का भी है।
उन्होंने बताया कि देश के दो व्यस्ततम रेलवे स्टेशन—हावड़ा और सियालदह—अब मेट्रो से जुड़े हुए हैं। पहले जहां इस दूरी को तय करने में डेढ़ घंटे लगते थे, अब यह यात्रा मेट्रो से कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी। हावड़ा स्टेशन का नया सबवे भी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि अब कोलकाता एयरपोर्ट भी मेट्रो नेटवर्क से जुड़ गया है, जिससे शहर के दूरस्थ हिस्सों से हवाई अड्डे तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल अब उन राज्यों में शामिल है जहां 100% रेलवे विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि पुरुलिया और हावड़ा के बीच मेमू ट्रेन की पुरानी मांग को केंद्र सरकार ने पूरा किया है। राज्य में 9 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और दो अमृत भारत ट्रेनें भी शुरू की गई हैं। पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण राजमार्ग परियोजनाएं पूरी की हैं और कई अन्य पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कोना एक्सप्रेसवे के छह लेन बनने से बंदरगाहों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पृष्ठभूमि: अपने विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और उन्नत शहरी कनेक्टिविटी के संकल्प के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने कोलकाता में कई मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन किया। एक 13.61 किमी लंबा नया मेट्रो नेटवर्क शुरू किया गया और इन रूटों पर सेवाएं प्रारंभ की गईं। उन्होंने जेसोर रोड मेट्रो स्टेशन का दौरा किया और वहां से नोआपाड़ा–जय हिंद विमानबंदर मेट्रो सेवा को हरी झंडी दिखाई। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सियालदह–एस्प्लानेड मेट्रो सेवा और बेलघरिया–हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो सेवा की भी शुरुआत की।
प्रधानमंत्री ने जेसोर रोड से जय हिंद विमानबंदर तक मेट्रो यात्रा भी की। इसके अलावा, हावड़ा मेट्रो स्टेशन पर नव-निर्मित सबवे का उद्घाटन भी किया गया।
- नोआपाड़ा–जय हिंद विमानबंदर मेट्रो सेवा हवाई अड्डे तक की पहुंच को बेहतर बनाएगी।
- सियालदह–एस्प्लानेड मेट्रो सेवा यात्रा समय को 40 मिनट से घटाकर केवल 11 मिनट कर देगी।
- बेलघरिया–हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो खंड आईटी हब से कनेक्टिविटी को सशक्त करेगा।
इन परियोजनाओं से कोलकाता के व्यस्त क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा, यात्रा का समय घटेगा और लाखों दैनिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
सड़क परियोजना: प्रधानमंत्री ने ₹1,200 करोड़ की लागत से बनने वाले 7.2 किमी लंबे छह लेन वाले एलिवेटेड कोना एक्सप्रेसवे का भी शिलान्यास किया। इससे हावड़ा, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा, यात्रा समय घटेगा और क्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

