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मेंबर ट्रैफिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जा सकता है अजय शुक्ला को    ||    नेशनल जॉइंट काउंसिल ऑफ एक्शन का राज्य स्तरीय अधिवेशन    ||    महाप्रबंधक/द.म.रे. पी. के. श्रीवास्तव ने किया ‘रेल कलारंग’ भवन का उदघाटन    ||    महाप्रबंधक राजीव मिश्रा ने पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय में किया ध्वजारोहण    ||    बी. एल. साह को पूरे भुगतान के साथ रिटायर करने की तैयारी    ||    मनचाही पोस्टिंग पाने वाले अधिकारी क्या रेलमंत्री की इच्छानुरूप परिणाम दे पाएंगे?    ||    राजीव गांधी मेमोरियल फेस्टिवल आयोजकों को आखिर जमा करानी पड़ी लाइसेंस फीस    ||    स्वच्छता, समयपालन और यात्री सुविधा को अपना ध्येय बनाएं रेलकर्मी    ||    बरवाला-धांसू स्टेशन के बीच हुई रेल दुर्घटना की जांच शुरू    ||    रेलवे में फिजूल खर्ची रोकने और वास्तविक सुधार किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव    ||    आरपीएफ के उच्च पदों पर हुई अदला-बदली    ||    पपिया लाहिड़ी के जाने से कटा द.पू.रे. के अधिकारियों/कर्मचारियों का पाप    ||    तीव्र ढ़ांचागत विकास हेतु सभी संभावित स्रोतों से निवेश लाने की जरुरत है -सुरेश प्रभु    ||    रेलवे में समाप्त होनी चाहिए अंग्रेजों की बंगला प्यून की कुप्रथा    ||    रेल परिसर में राजीव गांधी के नाम पर कथित मेले के आयोजन से करोड़ों का घोटाला    ||    फिरोजपुर मंडल, उत्तर रेलवे के पांच अधिकारियों के घरों पर सीबीआई का छापा    ||    रेलवे में एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था का कोई विकल्प नहीं !    ||    मध्य रेलवे को लगी मानवीय पनौती    ||    सेवा के अंतिम दिन किसी महाप्रबंधक द्वारा कोई निर्णय क्यों लिए जाने चाहिए?    ||    हावड़ा-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस में एसडीजीएम/सीवीओ/द.पू.म.रे. की अवैध यात्रा?

Suresh Tripathi, Editor, 105, Doctor House, 1st Floor, Raheja Complex, Kalyan (West) - 421301. Distt. Thane (Maharashtra). Contact:+919869256875 Email : editor@railsamachar.com, railwaysamachar@gmail.com

एआईएफओडीई का प्रतिनिधि मंडल सातवें वेतन आयोग से मिला    ||    रेलमंत्री ने किया टाटानगर-यशवंतपुर साप्ताहिक गाड़ी का शुभारम्भ    ||    दक्षिण पश्चिम रेलवे ने मनाया 66वां गणतंत्र दिवस    ||    रेलकर्मियों की सुविधा हेतु ‘इरिमी’ परिसर में एटीएम की स्थापना    ||    बी. एल. साह को पूरे भुगतान के साथ रिटायर करने की तैयारी    ||    मनचाही पोस्टिंग पाने वाले अधिकारी क्या रेलमंत्री की इच्छानुरूप परिणाम दे पाएंगे?    ||    रेलवे में फिजूल खर्ची रोकने और वास्तविक सुधार किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव    ||    आरपीएफ के उच्च पदों पर हुई अदला-बदली    ||    पपिया लाहिड़ी के जाने से कटा द.पू.रे. के अधिकारियों/कर्मचारियों का पाप    ||    तीव्र ढ़ांचागत विकास हेतु सभी संभावित स्रोतों से निवेश लाने की जरुरत है -सुरेश प्रभु    ||    रेलवे में समाप्त होनी चाहिए अंग्रेजों की बंगला प्यून की कुप्रथा    ||    रेल परिसर में राजीव गांधी के नाम पर कथित मेले के आयोजन से करोड़ों का घोटाला    ||    फिरोजपुर मंडल, उत्तर रेलवे के पांच अधिकारियों के घरों पर सीबीआई का छापा    ||    रेलवे में एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था का कोई विकल्प नहीं !    ||    मध्य रेलवे को लगी मानवीय पनौती    ||    रेलवे बोर्ड को अपना आदेश लागू करवाने की कोई चिंता नहीं !    ||    हावड़ा-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस में एसडीजीएम/सीवीओ/द.पू.म.रे. की अवैध यात्रा?    ||    ‘सीट्रैम’ का वार्षिक समारोह 19 जनवरी को सिकंदराबाद में    ||    रेल की सुरक्षा पर रेल मंत्रालय की जो भी संस्तुति होगी, गृह मंत्रालय उसको अक्षरशः स्वीकार करेगा -राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्री    ||    यात्री सुविधा के कार्यों को निर्धारित समय में पूरा किया जाए -राजीव मिश्र

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मेंबर ट्रैफिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जा सकता है अजय शुक्ला को

मेंबर ट्रैफिक का चार्ज ट्रैफिक अधिकारी के पास होना ही भारतीय रेल के हित में होगा
अपने पूर्ववर्तियों से बेहतर ट्रैफिक विभाग को संभालने में सक्षम हैं वर्तमान ट्रैफिक अधिकारी
अकर्मण्य, खुदगर्ज, नाकाबिल, जोड़तोड़ करने वाले ट्रैफिक अधिकारियों का समय बीत चुका है

सुरेश त्रिपाठी

मेंबर ट्रैफिक, रेलवे बोर्ड के पद से देवी प्रसाद पांडेय के 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद हालांकि इसका चार्ज फिलहाल मेंबर इंजीनियरिंग वी. के. गुप्ता को सौंप दिया गया है. तथापि वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारियों में हो रही चर्चा के अनुसार जल्दी ही मेंबर ट्रैफिक की पोस्ट को डाउन ग्रेड करके इसका अतिरिक्त चार्ज एडवाइजर कमर्शियल के पद पर कार्यरत वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी अजय शुक्ला को सौंपा जा सकता है.

रेलवे बोर्ड के हमारे विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड में फिलहाल एडवाइजर कमर्शियल के पद पर कार्यरत श्री शुक्ला को अगले हफ्ते एडीशनल मेंबर के पद पर पदोन्नत करके उन्हें मेंबर ट्रैफिक का अतिरिक्त चार्ज दिया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि रेलवे बोर्ड की कार्य-प्रणाली की यह बहुत बड़ी विडंबना है कि मेंबर ट्रैफिक के पद पर देवी प्रसाद पांडेय के रहते श्री शुक्ला को एडीशनल मेंबर के पद पर पदोन्नत किए जाने की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सका.

सूत्रों का कहना है कि श्री शुक्ला को एडीशनल मेंबर के पद पर पदोन्नत किए जाने की प्रक्रिया काफी पहले ही शुरू हो चुकी थी. परंतु जब मेंबर इंजीनियरिंग को मेंबर ट्रैफिक के पद का अतिरिक्त चार्ज सौंपे जाने की फाइल रेलमंत्री के समक्ष उनकी संस्तुति के लिए प्रस्तुत की गई, तब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी. सूत्रों का कहना है कि जब रेलमंत्री ने इस बारे में पूछा और यह कहा कि ट्रैफिक का काम विशेष प्रकार का है, और वह चाहते हैं कि यह काम कोई वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी ही देखे, तब सम्बंधित बोर्ड अधिकारियों को इसका कोई जवाब देते नहीं बना.

एआईएफओडीई का प्रतिनिधि मंडल सातवें वेतन आयोग से मिला

ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स (एआईएफओडीई) का एक प्रतिनिधि मंडल 30 जनवरी को नई दिल्ली में सातवें वेतन आयोग से मिला और डिप्लोमा इंजीनियर्स के वेतनमान संबंधी तमाम तथ्यों से आयोग को अवगत करवाया तथा इंजीनियर्स के प्रस्तावित वेतनमानों का एक लिखित विस्तृत ज्ञापन भी आयोग को सौंपा. इस प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व महेश सी. यादव ने किया. प्रतिनिधि मंडल में सतनाम सिंह, ब्रम्हदत्त, आर. सी. श्रीवास्तव, एस. एन. दुबे और आर. के. सिंह शामिल थे.


सातवें वेतन आयोग के समक्ष चर्चा करते हुए ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के प्रतिनिधि मंडल में शामिल (दाएं से) महेश सी. यादव, सतनाम सिंह, ब्रम्हदत्त, आर. सी. श्रीवास्तव, एस. एन. दुबे और आर. के. सिंह.

इस अवसर पर आयोग की तरफ से आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ए. के. माथुर, सेक्रेटरी मीरा अग्रवाल, जॉइंट सेक्रेटरी जयंत सिन्हा एवं एस. के. सिन्हा और एडवाइजर राजीव मिश्रा उपस्थित थे. श्री यादव ने बताया कि वेतन आयोग के अध्यक्ष जस्टिस श्री माथुर ने 16 मार्च को प्रस्तावित सेमिनार में आने का उनका आमंत्रण भी स्वीकार कर लिया है, जो कि केंद्रीय वेतन आयोग में इंजीनियर्स के वेतनमानों का मूल्यांकन विषय पर आधारित होगा. इसका आयोजन एआईएफओडीई द्वारा किया जा रहा है.

रेलमंत्री ने किया टाटानगर-यशवंतपुर साप्ताहिक गाड़ी का शुभारम्भ

टाटानगर : रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने 29 जनवरी को रिमोट द्वारा बंगलौर सिटी स्टेशन से 18111/18112 टाटानगर-यशवंतपुर साप्ताहिक गाड़ी का शुभारम्भ किया. इस अवसर पर टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए सांसद बिद्युत बरन महतो. उनके साथ स्थानीय विधयक श्रीमती मेनका सरदार और सरयू राय सहित दक्षिण पूर्व रेलवे के अपर महाप्रबंधक डी. कामिला भी उपस्थित थे.

नेशनल जॉइंट काउंसिल ऑफ एक्शन का राज्य स्तरीय अधिवेशन

सिकंदराबाद : नेशनल जॉइंट काउंसिल ऑफ एक्शन के अंतर्गत तेलंगाना राज्य के सभी केंद्रीय कर्मचारियों का राज्य स्तरीय अधिवेशन 28 जनवरी को सिकंदराबाद में हुआ. इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित केंद्रीय कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) के राष्ट्रीय महामंत्री एम. राघवैया. मंच पर विराजमान एनएफआईआर के राष्ट्रीय महामंत्री एम. राघवैया, अध्यक्ष गुमान सिंह, ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के राष्ट्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा और जे. आर. भोसले सहित केंद्रीय कर्मचारियों के अन्य सभी संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारीगण.

महाप्रबंधक/द.म.रे. पी. के. श्रीवास्तव ने किया ‘रेल कलारंग’ भवन का उदघाटन

हैदराबाद : दक्षिण मध्य रेलवे, हैदराबाद मंडल द्वारा नव-निर्मित ‘रेल कलारंग’ भवन का उदघाटन करते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक पी. के. श्रीवास्तव. उनके साथ हैं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) के राष्ट्रीय महामंत्री एम. राघवैया, अपर महाप्रबंधक/द.म.रे. सुनील कुमार अग्रवाल, मंडल रेल प्रबंधक/हैदराबाद एवं अन्य अधिकारीगण.

दक्षिण पश्चिम रेलवे ने मनाया 66वां गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस पर एसडब्ल्यूआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ का सराहनीय कार्य

दक्षिण पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन (एसडब्ल्यूआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ) ने 26 जनवरी को 66वां गणतंत्र दिवस गदग रोड, हुबली स्थित द. प. रेलवे के अंग्रेजी माध्यम स्कूल के विद्यार्थियों के साथ मनाया. इस अवसर पर संगठन की अध्यक्ष श्रीमती नीलिमा सक्सेना ने स्कूल प्रांगण में ध्वजारोहण किया. तत्पश्चात उन्होंने संगठन की तरफ से हाई स्कूल को प्रदान किए गए सीसीटीवी का उदघाटन किया. इस मौके पर स्कूल के बच्चों द्वारा एक रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया.


66वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को आयोजित समारोह में ध्वजारोहण और आरपीएफ परेड की सलामी लेने के बाद उपस्थित रेलकर्मियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पी. के. सक्सेना
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महाप्रबंधक राजीव मिश्रा ने पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय में किया ध्वजारोहण

गोरखपुर : 66वें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय, गोरखपुर में ध्वजारोहण के पश्चात् राष्ट्रगान करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा और उनके सभी विभाग प्रमुख एवं कर्मचारीगण.

रेलकर्मियों की सुविधा हेतु ‘इरिमी’ परिसर में एटीएम की स्थापना

जमालपुर वर्कशॉप एवं इंडियन रेलवे इंस्टिट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) परिसर में बैंक ऑफ बड़ोदा द्वारा स्थापित किए गए एटीएम का उदघाटन मंडल रेल प्रबंधक, मालदा रवीन्द्र गुप्ता ने किया. इस अवसर पर श्री गुप्ता के साथ मंडल एवं वर्कशॉप के अधिकारी. इस एटीएम की परिकल्पना तत्कालीन सीएमई/पू.रे. और वर्तमान मेंबर मैकेनिकल, रे. बो. हेमंत कुमार ने की थी.

बी. एल. साह को पूरे भुगतान के साथ रिटायर करने की तैयारी

उमेश शर्मा, ब्यूरो प्रमुख/एनसीआर/इलाहाबाद

उत्तर मध्य रेलवे के सर्वाधिक विवादस्पद रहे पूर्व डिप्टी सीपीओ/आरआरसी और वर्तमान डिप्टी सीपीओ/मुख्यालय बी. एल. साह को पूरे भुगतान के साथ 31 जनवरी को रिटायर किए जाने की तैयारी कर ली गई है. यह जानकारी हमारे विश्वसनीय सूत्रों ने दी है. सूत्रों का कहना है कि साह के खिलाफ सीबीआई और विजिलेंस की संयुक्त जांच चल रही है. सूत्रों ने बताया कि 29 जनवरी को भी सीबीआई द्वारा उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के 16 कर्मचारियों को पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया गया है. यह कर्मचारी 2007 एवं 2010 में साह के मातहत ली गई आरआरसी परीक्षा की परीक्षा पुस्तिकाओं की जांच से जुड़े रहे हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गई थीं. सीबीआई इन्हीं दोनों परीक्षाओं की जांच कर रही है.

सूत्रों ने बताया कि साह के खिलाफ पहले से चल रही विजिलेंस जांच को पूर्व जीएम/उ.म.रे. और वर्तमान मेंबर स्टाफ, रेलवे बोर्ड प्रदीप कुमार ने सीबीआई को सौंप दिया था. इसी सिलसिले में 29 जनवरी को 16 कर्मचारियों को सीबीआई ने जांच के लिए लखनऊ बुलाया है. सूत्रों ने बताया कि साह को कार्मिक विभाग से क्लीन चिट मिलने के बाद ही एकाउंट्स विभाग ने उनके पूरे समापक भुगतान की फाइल तैयार कर दी है. इस संबंध में नाम न उजागर करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि जब सीबीआई जांच चल रही है, तो ऐसे में नियमानुसार साह का समापक भुगतान नहीं किया जा सकता है.

मनचाही पोस्टिंग पाने वाले अधिकारी क्या रेलमंत्री की इच्छानुरूप परिणाम दे पाएंगे?

पंकज जैन बने आरडब्ल्यूएफ के नए महाप्रबंधक

सुरेश त्रिपाठी

रेलवे बोर्ड द्वारा शुक्रवार, 23 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार एडिशनल मेंबर/सीई/रे.बो. रहे पंकज जैन (आईआरएसई) को रेल व्हील फैक्ट्री (आरडब्ल्यूएफ), बंगलुरु का नया महाप्रबंधक बनाया गया है. श्री जैन ने तत्काल अपना नया कार्यभार संभाल लिया है. 31 दिसंबर को हुए जीएम पोस्टिंग ऑर्डर्स में श्री जैन का नाम किन्हीं कारणों से रह गया था. देर से ही सही पर अब उनके साथ न्याय किया गया है. मगर मुश्किल से महीना भर पहले ही पूर्वोत्तर रेलवे से ट्रांसफर होकर म. रे. में सीओएम बनकर आए अरविंद कुमार को पुनः ट्रांसफर करके सीओएम/उ.प.रे., जयपुर के पद पर भेज दिया गया है. जबकि सीओएम/उ.प.रे. रहे दीपक दवे को पू.म.रे., हाजीपुर का अपर महाप्रबंधक बनाकर भेजा गया है. अरविंद कुमार की जगह पर मध्य रेलवे में सीओएम के पद पर मुकुल मारवाह को पदस्थ किया गया है, जो कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, गुवाहाटी से अपना कार्यकाल पूरा करके वापस आए हैं.

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में कार्यरत रहे अमृतांशु (आईआरटीएस) को उनके निवेदन पर उ.म.रे. में ट्रांसफर करते हुए उनकी पोस्टिंग दिल्ली में बतौर सीपीएम/आईआरपीएमयू की गई है. जबकि सीटीएम/आईआरपीएमयू सत्येंद्र कुमार का ट्रांसफर रद्द कर दिया गया है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में सीसीएम के तौर पर कार्यरत रहे सुरजीत कुमार दास को श्री मारवाह की जगह सीओएम बनाया गया है. एम. पी. सिंह (आईआरएसई) को मुख्य पुल अभियंता/उ.रे. बनाया गया है. प्रतिनियुक्ति से वापस आए पियूष कान्त चतुर्वेदी (जेएजी/आईआरएसई) को मध्य रेलवे में पदस्थ किया गया है. सुभाष चंदर (एसएस/आईआरएसई/उ.रे.) को 1.1.14 से दिया गया जे.ए. ग्रेड किन्हीं कारणों से रद्द कर दिया गया है.

रेलवे बोर्ड द्वारा 28 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार डीएफसी में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रहे संजय फुलवरिया (आईआरएसईई) अब प्रतिनियुक्ति पर मुंबई मेट्रो रेल कारपोरेशन (एमएमआरसी) में कार्यकारी निदेशक/रोलिंग स्टॉक बनकर जा रहे हैं. इसी प्रकार म.रे. के डिप्टी सीएसटीई पी. आर. पाटनकर (आईआरएसएसई) राइट्स में जेजीएम/नागपुर, डिप्टी सीएसटीई/द.पू.म.रे. एम. के. श्रीवास्तव (आईआरएसएसई) राइट्स में जेजीएम/इलाहाबाद, डीएसटीई/पू.रे. अविजीत हालदार राइट्स में डीजीएम/कोलकाता और डीएसटीई/पू.त.रे. पी. के. पंडा के राइट्स में डीजीएम/भुवनेश्वर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर जाने के आदेश हुए हैं.

राजीव गांधी मेमोरियल फेस्टिवल आयोजकों को आखिर जमा करानी पड़ी लाइसेंस फीस

‘रेलसामाचारडॉटकॉम’ की खबर पर रेल प्रशासन ने की कार्यवाई
मंडल रेल प्रबंधक, आद्रा मंडल ने मामले की जांच के लिए गठित की जांच समिति
आद्रा मंडल के अनारा रेलवे स्टेशन परिसर में राजीव गांधी स्मारक मेले एवं क्रिकेट के आयोजन का मामला
आयोजकों ने जमा कराए 72 हजार रुपए, और एक लाख जमा कराने पर ही हो पाएगा क्रिकेट का आयोजन

संतोष वर्मा, विशेष प्रतिनिधि/जमशेदपुर

एक सप्ताह पहले 22 जनवरी को ‘रेलवे सामाचार’ की इसी वेबसाइट ‘रेलसमाचारडॉटकॉम’ पर दक्षिण पूर्व रेलवे, आद्रा मंडल के अनारा रेलवे स्टेशन के पास 15वें राजीव गांधी मेमोरियल यूथ फेस्टेवल के आयोजन से सम्बंधित खबर के प्रकाशन के तुरंत बाद रेल प्रशासन हरकत में आ गया. खबर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मंडल रेल प्रबंधक, आद्रा मंडल ने इसकी जांच समिति गठित कर दी. समिति की रिपोर्ट पर मेला आयोजकों से तुरंत 72 हजार रुपए बतौर लैंड लाइसेंस फीस जमा करने को कहा गया, जो कि आयोजकों ने भी फौरन जमा करा दिया. इसके बावजूद रेल प्रशासन ने मेला आयोजकों से कहा है कि एक लाख रुपए की एडवांस लाइसेंस फीस जमा कराने के बाद ही मेला स्थल पर क्रिकेट का आयोजन करने की अनुमति दी जाएगी, अन्यथा क्रिकेट का आयोजन नहीं किया जा सकेगा.

उल्लेखनीय है कि कथित तौर पर एक मान्यताप्राप्त संगठन से जुड़े कुछ लोगों, जो खुद को उक्त संगठन की कल्याण एवं सांस्कृतिक शाखा से जुड़े होने का दावा करते हैं, द्वारा पिछले करीब 15 सालों से राजीव गांधी के नाम पर रेलवे लैंड पर मेला एवं क्रिकेट का आयोजन किया जाता रहा है. लेकिन इस मेले और क्रिकेट के आयोजन की एवज में तथाकथित राजीव गांधी मेमोरियल यूथ फेस्टिवल कमेटी द्वारा रेलवे को आज तक एक भी रुपया लाइसेंस फीस के रूप में भुगतान नहीं किया जाता था. इससे रेलवे को अब तक लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो चुका है.

इस बात की लिखित शिकायत इस बार जहां दक्षिण पूर्व रेलवेमेंस कांग्रेस के महासचिव प्रहलाद सिंह द्वारा दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को की गई, वहीं इसके अध्यक्ष पी. पी. श्रीवास्तव ने भी इस मामले की जांच को लेकर प्रधानमंत्री, पीएमओ, विजिलेंस और रेलमंत्री सुरेश प्रभु को लिखित शिकायत भेजी थी. इस मामले को लेकर जब ‘रेलसामाचारडॉटकॉम’ में विस्तृत खबर प्रकाशित हुई, तो एक तरफ रेल प्रशासन की नींद खुली, तो दूसरी तरफ मामले की जांच शुरू होने पर आयोजकों में भारी हड़कम्प मच गया.

स्वच्छता, समयपालन और यात्री सुविधा को अपना ध्येय बनाएं रेलकर्मी

गणतंत्र दिवस पर महाप्रबंधक/पू.रे. आर. के. गुप्ता का रेलकर्मियों को संदेश

66वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को पूर्व रेलवे स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, जेम्स लॉन्ग सरणी, बेहाला, कोलकाता में ध्वजारोहण और राष्ट्रध्वज को सलामी देने के पश्चात् बड़ी संख्या में उपस्थित रेलकर्मियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक आर. के. गुप्ता ने कहा कि वे स्वच्छता, समयपालन और यात्री सुविधा को अपनी ड्यूटी का प्रमुख ध्येय बनाएं. इस अवसर पर श्री गुप्ता ने आरपीएफ की महिला सिपाहियों की गारद का निरीक्षण करते हुए उसकी सलामी भी ली.


इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित रेलकर्मियों एवं उनके पारिवारिक सदस्यों को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक श्री गुप्ता ने कहा कि चालू वित्तवर्ष के पहले 9 महीनों अप्रैल से दिसंबर के मध्य पूर्व रेलवे ने माल परिवहन आय से 3863 करोड़ रुपए हासिल किए हैं, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि के 3257 करोड़ रुपए से काफी अधिक है. उन्होंने कहा कि इस दरम्यान पूर्व रेलवे ने 13.11 प्रतिशत अधिक, 87 करोड़ यात्रियों का परिवहन करके कुल 1717 करोड़ रुपए की यात्री आय अर्जित की है.

श्री गुप्ता ने इस मौके पर पूर्व रेलवे द्वारा ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के अंतर्गत चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूर्व रेलवे के सभी रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों और रेल परिसरों में इस साफ-सफाई अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि समयपालन पूर्व रेलवे की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से पूर्व रेलवे ने समयपालन में मेल/एक्स. में 20 प्रतिशत और यात्री गाड़ियों में 28 प्रतिशत वृद्धि हासिल की है.

बरवाला-धांसू स्टेशन के बीच हुई रेल दुर्घटना की जांच शुरू

उत्तर रेलवे, अम्बाला मंडल के अंतर्गत हिसार जिले में जाखल-हिसार खंड के बरवाला-धांसू स्टेशनों के बीच मानवरहित समपार संख्या-43 पर 26 जनवरी की सुबह हुई भीषण रेल दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है. मंडल रेल प्रबंधक, अम्बाला ने इसकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है. घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ए. के. पुठिया अपने सभी सम्बंधित विभाग प्रमुखों के साथ दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर देखा तो वहां तमाम संरक्षा प्रबंधों को दुरुस्त पाया. रेल मंत्रालय सहित महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे श्री पुठिया और उनके सभी विभाग प्रमुखों ने इस दुर्घटना में मारे गए सभी लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की है. महाप्रबंधक ने दुर्घटना में घायल हुए लोगों को हिसार के सर्वोदय एवं सिविल हॉस्पिटल में जाकर देखा और उनके इलाज का उचित निर्देश भी दिया.

इस भीषण दुर्घटना में कुल 12 यात्रियों के मारे जाने और 3 यात्रियों के घायल होने की खबर है. यह घटना गाड़ी संख्या 54632 से टाटा मैजिक नंबर एचआर-39बी/9529 के टकरा जाने से हुई है. प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त रेलगाड़ी का ड्राइवर उक्त मानवरहित समपार से पहले लगातार हॉर्न बजा रहा था, क्योंकि टाटा मैजिक समपार पर कुछ खराबी के चलते अटकी हुई थी. गाड़ी के नजदीक आने पर टाटा मैजिक स्टार्ट होकर चलने ही लगी थी कि ट्रेन ने उससे टकरा गई. इस दुर्घटना में टाटा मैजिक करीब 190 मीटर तक घिसटतीचली गई थी. उल्लेखनीय है कि सड़क वाहन कानून 1988 और रेलवे कानून की धारा 161 के अनुसार सड़क उपयोगकर्ताओं को रेल समपार पर होने वाली दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना गया है, क्योंकि समपार से पर्याप्त दूरी पर अपने वाहन को रोकना उनकी जिम्मेदारी है.

रेलवे में फिजूल खर्ची रोकने और वास्तविक सुधार किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव

उपमुख्य अभियंता-1 एवं 2 जैसे फालतू पदों को मर्ज किया जाना चाहिए
अनावश्यक सीएओ/नार्थ एवं
सीएओ/साऊथ जैसे पदों का कोई औचित्य नहीं है
बिना किसी तकनीकी डिग्री/डिप्लोमा वाले पीडब्ल्यूएस को एसएसई बनाए जाने और उनके पद खत्म किए जाने के औचित्य की पुनर्समीक्षा की जाए

1. किसी भी अवस्था में एक पद पर पांच साल से कम सेवा अवधि पूरा हुए बिना किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की अगले पद पर पदोन्नति नहीं होनी चाहिए. यदि पद रिक्त है, तो उस पद की योग्यता के अनुरूप क्वालीफाइड एवं योग्य व्यक्ति/कर्मचारी को आरआरबी के अधीन चयन कर उक्त पद को भरा जाए. वर्तमान में बिना किसी तकनीकी योग्यता और पांच साल के कार्य अनुभव के ही पिछली तारीख (बैक डेट) से जूनियर इंजीनियर मानते हुए सभी रेलपथ पर्यवेक्षकों (पीडब्ल्यूएस) को सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) बना दिया गया है और उक्त पद पर कार्य किए बिना ही उक्त अवधि के वेतन एरियर का भी भुगतान करके देश का और रेलवे का भारी आर्थिक नुकशान भी किया गया है. रेलवे बोर्ड के पत्र संख्या पीसी-III/2013/सीआरसी/4, दि. 8.10.2013 एवं पत्र संख्या पीसी-III/2013/सीपीसी/4, दि. 8.10.2013 के तहत सभी पर्यवेक्षकों को 01.11.2013 की तारीख से एसएसई में सीधी पदोन्नति दे दी गई है. रेलवे ट्रेक के दैनिक रख-रखाव हेतु रेल पथ पर्यवेक्षक का पद अत्यंत आवश्यक था, लेकिन फंड को जस्टिफाइड करने के लिए यह गलत फैसला लिया गया. इसके बदले कार्यालय क्लर्क और बंगला प्यून तथा आवश्यकता से अधिक हो चुके रेल अधिकारियों के पदों को सरेंडर किया जाना चाहिए था. इस पूरे मामले की पुनर्समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है.

2. किसी भी निर्माण कार्य की डिजाइन और एस्टीमेट बनाने के लिए सम्बंधित रेल अधिकारी को ही बाध्य किया जाना चाहिए, क्योंकि ये इसका काम बाहरी एजेंसी को देने के लिए पहले से ही इसमें अपने मन-मुताबिक करीब 40% का हेर-फेर तय कर लेते हैं. यदि कोई प्राइवेट एजेंसी इसमें अपनी ईमानदारी दिखाती है, तो उसे बदल दिया जाता है और दूसरी एजेंसी को हायर कर लिया जाता है. फिर भी यदि ऐसा किया जाना आवश्यक है, तो इसे भी बड़े पैमाने पर ओपन टेंडर के तहत ही स्वीकार किया जाना चाहिए. तथापि इसके सत्यापन की जिम्मेदारी सम्बंधित रेल अधिकारी पर दंड के प्रावधान के साथ होनी चाहिए.

3. निर्माण प्रोजेक्ट में उपमुख्य अभियंता (डिप्टी सीई) और मुख्य अभियंता (सीई) के पद तथा ऐसे सभी विभागीय पदों को औचित्यपूर्ण कार्य के अनुरूप मर्ज कर दिया जाना चाहिए. बिना काम के प्रतिमाह दो कार्यालय खोलकर रखने से रेलवे को करोड़ों रुपए का नुकशान हो रहा है. उपमुख्य अभियंता-1 एवं 2 को भी आपस में मर्ज कर दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही विभिन्न रेलों में चल रहे सीएओ/नार्थ एवं सीएओ/साऊथ जैसे पदों को भी आपस में मर्ज किया जा सकता है, क्योंकि किसी भी रेलवे में ऐसे दो पदों के अनुरूप पर्याप्त काम नहीं है.

आरपीएफ के उच्च पदों पर हुई अदला-बदली

यू. एस. शुक्ला का ट्रांसफर आदेश बदले जाने पर उठ रहे हैं सवाल
महिम स्वामी की ओपन लाइन पोस्टिंग की सीबीआई से मिली क्लीन चिट!

आरपीएफ के जोनल स्तर के सात उच्च पदों पर अदला-बदली की गई. 16 जनवरी को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त (सीएससी) पी. के. अग्रवाल को एस. के. परही की जगह सीएससी/कोर/इलाहाबाद की पोस्ट पर और एस. के. परही को सीएससी, पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर की खाली पोस्ट पर भेजा गया है. जबकि श्री अग्रवाल की जगह दक्षिण पूर्व रेलवे की सीएससी पोस्ट पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सीएससी एस. के. सिन्हा की पोस्टिंग की गई है. द.पू.म.रे. में बतौर डीआईजी कार्यरत मुनव्वर खुर्शीद अब इसके साथ ही सीएससी का भी अतिरिक्त चार्ज संभालेंगे.

इस पोस्टिंग ऑर्डर में सबसे बड़ी विसंगति यह है कि मध्य रेलवे के एडिशनल सीएससी यू. एस. शुक्ला की बतौर सीएससी प्रमोशनल पोस्टिंग पहले पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के लिए की गई थी, जिसे बदलकर अब पश्चिम रेलवे में कर दिया गया है. जबकि अब तक सीएससी/प.रे. का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे डीआईजी डी. बी. कासार को वहीं डीआईजी एवं एडिशनल सीएससी ही रहने दिया गया है. श्री शुक्ला का यह पोस्टिंग ऑर्डर क्यों बदला गया, यह किसी की समझ में नहीं आया है, क्योंकि श्री शुक्ला काफी लम्बे समय से मुंबई में ही पदस्थ हैं. इससे पहले वह पश्चिम रेलवे में ही पदस्थ थे.

पपिया लाहिड़ी के जाने से कटा द.पू.रे. के अधिकारियों/कर्मचारियों का पाप

भारतीय रेल में पिछले करीब पन्द्रह दिनों में हुए दर्जनों तबादले
ज्यादातर अधिकारियों को जहां की तहां दी गई पोस्टिंग
अधिकारियों का पद जरुर बदला, मगर शहर नहीं बदला गया
रेलवे बोर्ड की इसी भ्रष्ट नीति के कारण हुआ है भारतीय रेल का बंटाधार

इंडियन रेलवे एकाउंट्स सर्विस की वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती पपिया लाहिड़ी के ट्रांसफर से दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों का लगभग 10 साल से चला आ रहा ‘पाप’ कट गया है. श्रीमती लाहिड़ी को अब कोलकाता में ही पूर्व रेलवे में एफए एंड सीएओ बना दिया गया है. दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है की वास्तव में यह उनका कोई न कोई पाप ही था, जो कि पपिया लाहिड़ी दक्षिण पूर्व रेलवे में करीब 10 साल तक लगातार वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (एसडीजीएम/सीवीओ) के पद जमीं रहीं.

तथापि वर्ष 2008 से 2011 के बीच आयरन ओर की ढुलाई मामले में हुए भयानक भ्रष्टाचार और महाघोटाले को न तो वह अंजाम तक पहुंचा पाईं और न ही किसी कंपनी से रेलवे द्वारा इसके मालभाड़े का अंतर आज तक वसूला जा सका है. जबकि बताते हैं कि ऐसी करीब 18 से 20 कंपनियों की शार्ट लिस्टिंग की गई थी, जिन्होंने घरेलू दरों पर आयरन ओर की ढुलाई करके उसका निर्यात कर दिया था, जो कि एक भारी भ्रष्टाचार था और इससे रेलवे को हजारों करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ था. इसमें से सिर्फ एक कंपनी पर माल भाड़े का यह अंतर खुद रेलवे ने ही करीब 800 करोड़ का निकाला था. यह मामला अभी तक अदालत में विचाराधीन है. श्रीमती लाहिड़ी का यह ट्रांसफर आदेश रेलवे बोर्ड से 16 जनवरी को जारी किया गया था.

रिंकेश राय, सीएफटीएम/पू.त.रे. को प्रतिनियुक्ति पर जीएम/ऑपरेशंस/क्रिस/दिल्ली में पदस्थ किया गया है. 23 जनवरी को जारी आदेश में रेलवे बोर्ड ने उनके साथ ही उदय वी. बोभाटे, डिप्टी सीओएम/कोचिंग/म.रे. मुंबई सीएसटी को भी प्रतिनियुक्ति पर जीएम/क्रिस/मुंबई में पदस्थ किया गया है. इसके साथ ही के. सम्भासिवा राव, सीपीआरओ/द.म.रे. के आंध्र प्रदेश सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने के आदेश भी जारी किए हैं. इसके अलावा 20 जनवरी को जारी एक आदेश में क्रिस में सीएमएम/डीएलडब्ल्यू आर. के. सक्सेना को जीएम/ईपीएस और रेलवे बोर्ड में कार्यरत रहे मनोज कुमार गुप्ता (आईआरएसएस) को चीफ मैनेजर/ईपीएस बनाया गया है.

रेलवे बोर्ड ने 23 जनवरी को रमेश कुमार शर्मा, एडीआरएम/मुंबई सेंट्रल, प.रे. को मुंबई मेट्रो रेल कारपोरेशन (एमएमआरसी) के कार्यकारी निदेशक/विद्युत् के पद पर तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर जाने का आदेश जारी किया है. 20 जनवरी को जारी एक अन्य आदेश के अनुसार ट्रैफिक अधिकारी एस. एल. शर्मा (डिप्टी सीपीएम/सीएमएस, उत्तर रेलवे) डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (डीएफसीसीआईएल) में प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं.

तीव्र ढ़ांचागत विकास हेतु सभी संभावित स्रोतों से निवेश लाने की जरुरत है -सुरेश प्रभु

‘सीट्रैम’ का ‘पीपीपी एंड एफडीआई इन इंडियन रेलवेज’ विषय पर 15वां राष्ट्रीय सेमिनार संपन्न

भारतीय रेल को अपने तीव्र ढ़ांचागत विकास के लिए सभी संभावित स्रोतों से बड़े और आवश्यक निवेश की जरुरत है. यह बात रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने 19 जनवरी को सेंटर फॉर ट्रांसपोर्टेशन रिसर्च एंड मैनेजमेंट (सीट्रैम) द्वारा तारनाका, सिकंदराबाद स्थित इंडियन रेलवे इंस्टिट्यूट ऑफ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्यूनिकेशन (इरिसेट) सभागार में ‘पीपीपी एंड एफडीआई इन इंडियन रेलवेज’ विषय पर आयोजित 15वें राष्ट्रीय सेमिनार में कही है. उल्लेखनीय है कि ‘सीट्रैम’ अनुभवी इंडियन ट्रांसपोर्ट प्रोफेशनल्स की एक स्वायत्त संस्था है. सेमिनार का उदघाटन मुख्य अतिथि आंध्र प्रदेश और नवनिर्मित तेलंगाना राज्य के राज्यपाल ई.एल.एस. नरसिम्हन ने किया. इस अवसर पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु, मेंबर ट्रैफिक, रेलवे बोर्ड एवं ‘सीट्रैम’ के पदेन अध्यक्ष देवीप्रसाद पांडेय, दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक पी. के. श्रीवास्तव और सीट्रैम के सभी पदाधिकारीगण तथा पब्लिक/प्राइवेट सेक्टर की तमाम बड़ी-बड़ी कॉर्पोरेट हस्तियों सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित थे.


इस अवसर पर प्राइवेट/पब्लिक कॉर्पोरेट सेक्टर सहित तमाम अन्य कॉर्पोरेट हस्तियों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित वरिष्ठ रेल अधिकारियों को संबोधित करते हुए रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने भारतीय रेल के तीव्र विकास का एक मजबूत ढ़ांचा प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय रेल को अपने तीव्र ढ़ांचागत विकास के लिए सभी संभावित स्रोतों से बड़े पैमाने पर आवश्यक निवेश की जरुरत है. उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारतीय रेल के कमजोर होने के कारणों का पता लगाया जाना जरुरी है. इसके बाद समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान किए जाने और उनका सही इलाज करने के आवश्यकता है.

श्री प्रभु ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों और जन-प्रतिनिधियों द्वारा नई रेल लाइनों और नई ट्रेनों को चलाए जाने की मांग की जा रही है, मगर भारतीय रेल के वर्तमान ढ़ांचे में उनकी इन सभी मांगों को पूरा कर पाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि आज सबसे पहली जरुरत रेलवे की गति क्षमता बढ़ाए जाने और विभिन्न शहरों में रेलवे के ऊर्ध्व बुनियादी एवं ढ़ांचागत विस्तार की आवश्यकता है, जिससे रेल मार्गों की क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा. इसके लिए भारतीय रेल का तेजी से आधुनिकीकरण किया जाना जरुरी है.

रेलवे में समाप्त होनी चाहिए अंग्रेजों की बंगला प्यून की कुप्रथा

बंगला प्यून के रूप में अधिकारियों के साथ हो रहा है भारी भेदभाव
बंगला प्यून प्रथा से रेलवे को हो रहा है सालाना करोड़ों रुपए का भारी नुकसान
बंगला प्यून के रूप में रेलवे में चल रहा है पिछले दरवाजे से भर्ती का भारी भ्रष्टाचार
बंगला प्यून न तो रेलवे का कोई काम करते हैं, और न ही उनसे लिया जाता है उनका निर्धारित काम

सुरेश त्रिपाठी

भारतीय रेल में बहुत से ऐसी नीतियां (पॉलिसी) और ऐसे तमाम काम हैं, जिन पर चलना और जिनका किया जाना रेलवे हित में बिल्कुल नहीं है. ऐसे कामों और पॉलिसी का फायदा रेलवे में सिर्फ कुछ लोग ही उठा रहे हैं, बाकी कर्मचारी और अधिकारी पात्रता रखते हुए भी, खासतौर पर कार्मिक और लेखा विभाग की दादागीरी और मनमानी की वजह से ऐसे लाभों से वंचित रह जाते हैं. जैसे कि रेलवे में बंगला प्यून की नियुक्ति करवाकर इसका लगभग सभी अधिकारी दुरूपयोग कर रहे हैं. इससे रेलवे को हर साल करोड़ों रुपए का चूना लग रहा है. बंगला प्यून रेलवे से सम्बंधित कोई काम नहीं करता है, बल्कि रेल अधिकारी उनसे घर का सारा काम (जैसे खाना बनाना, बर्तन धोना, झाड़ू-पोंछा करना, बच्चों को स्कूल से लाना-लेजाना, यहाँ तक कि कपड़े और टॉयलेट धोना आदि) करवाते हैं. इसके अलावा उनके साथ अमानवीय बर्ताव और उनका शोषण भी करते हैं.

कुछ रेल अधिकारियों का कहना है कि कार्मिक और लेखा विभाग के अधिकारी अपने लिए तो तुरंत कोशिश करके बंगला प्यून रखवा लेते हैं, लेकिन अन्य विभागों के अधिकारियों को इसके लिए बेहद परेशान करते हैं. वे उनके लिए बंगला प्यून पाने की वाजिब कोशिश भी नहीं करते हैं, बल्कि इसमें कई अड़चनें भी पैदा करते हैं, ताकि उन्हें बंगला प्यून न मिल सके. उनका कहना है कि इसके चलते ऐसे पात्र अधिकारियों को बिना बंगला प्यून के ही रहना पड़ता है, जो  वास्तव में फील्ड वर्क पर रहते हैं, वे कार्मिक और लेखा विभाग के अधिकारियों को कोसते रहते हैं. उनका यह भी कहना है कि इस सुविधा का लाभ भी चुनिंदा लोग ही ले रहे हैं. अंग्रेजों वाली इस बंगला प्यून की कुप्रथा को तुरंत बंद करना देना चाहिए, जिससे रेलवे को हर साल हो रहा करोड़ों रुपए का नुकसान बचेगा और लोगों में भेदभाव भी नहीं होगा.

उल्लेखनीय है कि पूर्व सीआरबी अरुणेंद्र कुमार, जिन्होंने कभी अपना बंगला प्यून नहीं रखा, मगर उन्होंने न सिर्फ दूसरे अधिकारियों पर दबाव डाल-डालकर तमाम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का अपने बंगले पर शोषण किया, बल्कि अपने मातहत दूसरे अधिकारियों के बंगला प्युनों का भी बहुत दुरुपयोग किया था, ने सीआरबी बनते ही न सिर्फ एक आदेश निकालकर बंगला प्युनों को रेलवे में स्थाई किए जाने की समयावधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी थी, बल्कि इस पर रेलवे बोर्ड के तीन अधिकारियों की एक कमेटी भी बनाई थी, जो कि इस बात की समीक्षा करने वाली थी कि अधिकारियों को बंगला प्यून की जगह उतनी ही राशि का हर माह भुगतान कर दिया जाए, जितनी राशि उनके लिए एक बंगला प्यून रखने हेतु रेलवे द्वारा भुगतान की जा रही है. परंतु इस कमेटी की कोई सिफारिश अब तक नहीं आई है.

रेल परिसर में राजीव गांधी के नाम पर कथित मेले के आयोजन से करोड़ों का घोटाला

मंडल रेल प्रबंधन एवं कुछ मंडल अधिकारियों की मिलीभगत का संदेह
प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, महाप्रबंधक और विजिलेंस को भेजी गई है लिखित शिकायत
मेले में इस्तेमाल होती है रेलवे की जमीन, बिजली, पानी और अन्य सभी संसाधन
मेले के लिए आवश्यक रेल प्रशासन एवं स्थानीय जिला प्रशासन से नहीं ली गई अनुमति

संतोष वर्मा, विशेष प्रतिनिधि/जमशेदपुर

एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में और रेलमंत्री सुरेश प्रभु रेलवे में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं. वहीं दक्षिण पूर्व रेलवे, आद्रा मंडल के अनारा रेलवे स्टेशन परिसर में एक मान्यताप्राप्त रेल संगठन के कुछ भ्रष्ट तत्वों द्वारा 15वें राजीव गांधी मेमोरियल यूथ फेस्टिवल के नाम पर एक मेले का आयोजन करके करोड़ों रुपए की उगाही की जा रही है. इस कथित फेस्टिवल के नाम पर रेलवे की जमीन, पानी और बिजली सहित रेलवे के तमाम संसाधनों का दुरुपयोग करके रेलवे को ही लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है.

आद्रा मंडल, दक्षिण पूर्व रेलवे के अनारा रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे की जमीन पर 26 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित होने वाले 15वें राजीव गांधी मेमोरियल यूथ फेस्टिवल के चंदे की रसीद.

आद्रा मंडल, दक्षिण पूर्व रेलवे के अनारा रेलवे स्टेशन के समीप 15वें राजीव गांधी मेमोरियल यूथ फेस्टिवल द्वारा स्टेशन परिसर में रेलवे जमीन पर 26 जनवरी से 2 फरवरी तक मेले के आयोजन की तैयारी की जा रही है. जबकि किसी भी स्थान पर मेला लगाने से पूर्व स्थानीय जिला प्रशासन की अनुमति और रेल प्रशासन की एनओसी लेना अनिवार्य है. लेकिन तथाकथित राजीव गांधी मेमोरियल यूथ फेस्टिवल के प्रमुख कर्ताधर्ताओं ने इस मेले के आयोजन हेतु किसी भी प्रबंधन से अनुमति लेना जरुरी नहीं समझा है. जबकि इसके लिए रेलवे का बिजली, पानी और जमीन का अवैघ रुप से उपयोग किया जा रहा है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मेले में स्टॅाल लगाने के नाम पर स्टॉल संचालकों से 20-20 हजार रुपए प्रति स्टॉल के हिसाब से उगाही की जा रही है. इन तमाम अनियमितताओं और विसंगतियों की लिखित शिकायत साउथ ईस्टर्न रेलवेमेंस कांग्रेस के महामंत्री प्रहलाद सिंह द्वारा 14 जनवरी को महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व रेलवे, गार्डन रीच कोलकाता और मंडल रेल प्रबंधक, आद्रा से की गई है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री, पीएमओ सेल, रेलमंत्री तथा उनके निगरानी विभाग को भी लिखित शिकायत भेजकर इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है.

फिरोजपुर मंडल, उत्तर रेलवे के पांच अधिकारियों के घरों पर सीबीआई का छापा

विज्ञापन एजेंसियों के साथ मिलीभगत करके रेलवे को लगाया गया था करोड़ों का चूना
एक डीसीएम पूर्णचंद डूडी सहित पांच वाणिज्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज

विशष प्रतिनिधि, फिरोजपुर

फिरोजपुर मंडल, उत्तर रेलवे में हुए करीब 6.09 करोड़ रुपए के विज्ञापन घोटाले को लेकर सीबीआई ने मामला दर्ज करते हुए सोमवार, 19 जनवरी को फिरोजपुर मंडल के एक डीसीएम सहित पांच रेल कर्मचारियों के फिरोजपुर, जालंधर, लुधियाना, जम्मू और जोधपुर स्थिति घरों पर छापामारी की है. उल्लेखनीय है कि फिरोजपुर मंडल के इस घोटाले के संबंध में ‘रेलवे समाचार’ ने दि. 1 से 15 जून 2014 के अंक में ‘फिरोजपुर मंडल में करोड़ों का विज्ञापन घोटाला’ शीर्षक से विस्तृत खबर प्रकाशित की थी.

फिरोजपुर में सीएमआई अरविंद शर्मा के नवनिर्मित आलीशान बंगले के बाहर खड़े डीएसपी/सीबीआई सत्येंद्र बिष्ट.

प्राप्त जानकारी के अनुसार सीबीआई ने जिन लोगों के घरों पर छापे मारे गए हैं, उनमें तत्कालीन डीसीएम/फिरोजपुर मंडल पूर्णचंद डूडी, जो कि आजकल उत्तर रेलवे मुख्यालय, बड़ोदा हाउस, नई दिल्ली में एससीएम/प्लानिंग के पद पर पदस्थ हैं, सीएमआई अरविंद शर्मा, हेड क्लर्क नरेश शर्मा, क्लर्क मोहम्मद याकूब और लुधियाना में पदस्थ स्टेशन मास्टर आर. के. शर्मा के खिलाफ विज्ञापन एजेंसियों के साथ साठ-गांठ करके रेलवे को 6.09 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने यह छापे 19 जनवरी की सुबह सभी जगह एक साथ डाले थे. सीबीआई टीम की अगुआई डीएसपी सत्येंद्र बिष्ट कर रहे थे. सीबीआई ने सभी जगहों से तमाम दस्तावेज सहित सभी आरोपियों के मोबाइल भी जप्त किए हैं.

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