पूर्वोत्तर रेलवे पर वर्ष 2024-25 में कुल 105 किमी मल्टी-ट्रैकिंग का कार्य पूरा कर यात्री यातायात के लिए खोला गया

गोरखपुर ब्यूरो : पूर्वोत्तर रेलवे पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने एवं परिचालनिक बाधाओं; जैसे- ट्रैक्शन में बदलाव, इंजन रिवर्सल की समस्या तथा भविष्य में आने वाली अन्य परिचालनिक चुनौतियों से निपटने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। फलस्वरूप पूर्वोत्तर रेलवे पर वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 105 किमी. मल्टी-ट्रैकिंग का कार्य पूर्ण कर यात्री यातायात के लिये खोला गया।

पूर्वोत्तर रेलवे पर भटनी-औंड़िहार दोहरीकरण परियोजना के अन्तर्गत बेलथरा रोड-कीड़िहरापुर (13.85 किमी.) एवं दुल्लहपुर-सादात (18.26 किमी.) तथा मऊ-शाहगंज दोहरीकरण परियोजना के अन्तर्गत खोरासन रोड-दीदारगंज रोड-शाहगंज (18.22 किमी.) एवं फरिहा-खोरासन रोड (19.8 किमी.) और गंगा नदी पर दोहरी लाइन के रेल पुल निर्माण सहित झूसी-प्रयागराज (7.68 किमी.) खंडों के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का कार्य तथा बुढ़वल-गोंडा तीसरी लाइन परियोजना के अन्तर्गत गोंडा कचहरी-करनैलगंज (23.65 किमी.) तीसरी लाइन एवं ऐशबाग-मानक नगर (3.5 किमी.) स्वतंत्र बाईपास लाइन का कार्य पूर्ण किया गया। डोमिनगढ़-गोरखपुर जं.-गोरखपुर कैंट तीसरी लाइन निर्माण परियोजना के अन्तर्गत गोरखपुर कैंट-गोरखपुर जं. तीसरी लाइन निर्माण के अन्तिम चरण में नॉन-इंटरलॉक कार्य के लिए ब्लॉक लिया गया है।

पूर्वोत्तर रेलवे पर मल्टी-ट्रैकिंग के सभी कार्य विद्युतीकरण के साथ कमीशन किए जा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि पूर्वोत्तर रेलवे के ब्रॉड गेज नेटवर्क को पूरी तरह से विद्युतीकृत कर दिया गया है। रेलवे विद्युतीकरण से पर्यावरण अनुकूल, ऊर्जा दक्ष एवं कम लागत का प्रभावी तरीका उपलब्ध हुआ है, इससे उच्च अश्वशक्ति के इंजनों के संचालन से थ्रू-पुट में वृद्धि होती है, जो तीव्र गति से भारी माल ढुलाई तथा लम्बी यात्री ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाता है।

पूर्वोत्तर रेलवे को स्क्रैप निस्तारण से ₹218.28 करोड़ की आय

पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया जा रहा है। स्क्रैप निस्तारण से रेल राजस्व की प्राप्ति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नई गति मिली है।

स्क्रैप निस्तारण के परिणामस्वरूप रेल परिसर एवं रेल लाइनों के किनारे पड़ी निराकृत सामग्रियों के निस्तारण से यह स्थल स्वच्छ एवं साफ-सुथरे हो रहे हैं। गत वित्त वर्ष 2024-25 में ‘मिशन ज़ीरो स्क्रैप‘ के तहत स्क्रैप निस्तारण से ₹218.28 करोड़ की आय प्राप्त हुई।

भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत रेल परिसरों तथा रेल पटरियों के किनारे पड़ी अवांछित एवं निष्प्रयोज्य सामग्री, परित्यक्त इमारतों एवं आवासों की पहचान कर निस्तारण किया गया है, जिससे रेल राजस्व प्राप्त होने के साथ ही रेल परिसर तथा रेल पटरियों को स्वच्छ रखने में भी सफलता मिली है।