रेलवे (संशोधन) विधेयक-2025 राज्य सभा से भी पारित

प्रधानमंत्री मोदी के विजन ‘विकसित भारत’ के लिए तीन गुना परिश्रम करने का संकल्प –अश्विनी वैष्णव, रेलमंत्री

नई दिल्ली: राज्य सभा ने भारतीय रेल के संचालन को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 10 मार्च 2025 को एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया। सदन को संबोधित करते हुए, रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह विधेयक रेलवे क्षेत्र में सशक्तिकरण, दक्षता में वृद्धि और सहकारी संघवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने चर्चा में भाग लेने वाले 25 सांसदों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह विधेयक मौजूदा कानूनों को सरल बनाने के लिए लाया गया है, जिससे राज्य सरकारों की शक्तियां कम नहीं होंगी, बल्कि विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को अब ₹1,000 करोड़ तक की परियोजनाओं को स्वीकृत करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है।

श्री वैष्णव ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा उन राज्यों में भी रेलवे के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है, जहां सत्ताधारी दल की सरकार नहीं है। केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को पूर्व की सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक बजट मिला है।

रेलवे क्षेत्र में प्रमुख सुधार और उपलब्धियां:

बुनियादी ढांचा विकास

  • पिछले 11 वर्षों में 34,000 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गईं, जो जर्मनी के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है।
  • 45,000 किलोमीटर रेलवे का विद्युतीकरण पूरा किया गया, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता में कमी आई।
  • 50,000 किलोमीटर पुरानी पटरियों को नई, उच्च गुणवत्ता वाली पटरियों से बदला गया।

सुरक्षा में सुधार

  • रेलवे सुरक्षा में निवेश बढ़कर ₹1.14 लाख करोड़ हुआ, जो पिछली सरकारों में केवल ₹8,000 करोड़ था।
  • रेल फ्रैक्चर की घटनाओं में 91% की कमी आई—2013-14 में 2,548 घटनाएं होती थीं, जो अब न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
  • ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली लागू की गई, जिसे SIL-4 प्रमाणन प्राप्त है, जो रेलवे संचालन के लिए उच्चतम सुरक्षा स्तर सुनिश्चित करता है।

रोजगार और क्षमता निर्माण

  • एनडीए सरकार के दौरान 5,02,000 नौकरियां दी गईं, जबकि यूपीए शासन में यह संख्या 4,11,000 थी।
  • लाखों अभ्यर्थियों की भागीदारी के साथ रेलवे भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी रूप से आयोजित की गईं।
  • आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर रेलवे कर्मचारियों के लिए उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए गए।

यात्री सुविधाएं और आधुनिकीकरण

  • 3,10,000 आधुनिक शौचालय रेलवे कोचों में स्थापित किए गए, जिससे स्वच्छता मानकों में जबरदस्त सुधार हुआ।
  • लोको पायलटों के लिए 558 रनिंग रूम अब पूरी तरह वातानुकूलित हैं।
  • नई पीढ़ी के इंजन अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर कार्य वातावरण के साथ निर्मित किए जा रहे हैं।

श्री वैष्णव ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर उठाई गई चिंताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने घोषणा की कि 60 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पूर्ण एक्सेस कंट्रोल लागू किया जाएगा, जिससे केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, उच्च भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर यात्रियों की अप्रत्याशित संख्या को समायोजित करने के लिए विशेष ट्रेनों की तैनाती की जाएगी।

अपने संबोधन के अंत में, मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को दोहराया और रेलवे कर्मचारियों और सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे पिछले एक दशक में रखी गई मजबूत नींव पर तीन गुना अधिक मेहनत करें। इस विधेयक का पारित होना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के सफर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, कुशल और सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित करेगा।

रेलवे एक्ट, 2025 का संक्षिप्त विवरण

रेलवे बोर्ड की देखरेख में रेलवे अपने जोन, डिवीजन और उत्पादन इकाईयों आदि के माध्यम से काम करता है। रेलवे बोर्ड रेलवे संचालन के लिए सभी नीतिगत निर्णय भी लेता है। अब रेलवे संशोधन अधिनियम 2025 बिल औपनिवेशिक काल के प्रावधानों की जगह लेगा। अब रेलवे बोर्ड के प्रावधान रेलवे अधिनियम, 1989 में शामिल किए गए हैं। नए अधिनियम बिल से दो अधिनियमों का संदर्भ कम हो जाएगा। अब केवल एक अधिनियम का संदर्भ देने की आवश्यकता होगी। रेलवे बोर्ड, जोन, डिवीजन, उत्पादन इकाईयों आदि की प्रकृति, दायरा और कार्यप्रणाली वही रहेगी।

  • 09 अगस्त, 2024 को यानी 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ पेश करने का प्रस्ताव रखा गया।
  • ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ (2024 का विधेयक संख्या 113-सी) 11.12.2024 को लोकसभा में पारित हुआ।
  • यह विधेयक 10.03.2025 को राज्य सभा की कार्यसूची में मद संख्या 10 के रूप में आया और ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2025’ के रूप में पारित हुआ।