वर्ष 2017 में माल लदान एवं आय के लक्ष्‍यों से आगे रही उ.म.रे.

    अत्‍यधिक प्रतिस्‍पर्धा वाले कंटेनर सेगमेंट में प्रगति पर है उ.म.रे.

    इलाहाबाद : उत्‍तर मध्‍य रेलवे वर्ष ने बीते वर्ष 2017 के दौरान नई उपलब्धियां हासिल की हैं. वर्ष के अंत तक उत्‍तर मध्‍य रेलवे ने माल लदान एवं राजस्‍व अर्जन के लक्ष्‍यों को पीछे छोड़ कर नए कीर्तिमान स्‍थापित किए हैं. नवंबर 2017 से आगे बढ़ते हुए उ.म.रे. ने दिसंबर 2017 के दौरान दिसंबर 2016 के तुलना में 45.05% की वृद्धि दर्ज की है. इसी प्रकार दिसंबर 2017 में पिछले वर्ष की तुलना में इसकी आय में भी 41.39% की बढ़त परिलक्षित हुई है.

    दिसंबर 2017 के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्‍य को भी पीछे छोड़ते हुए उ.म.रे. ने माल लदान में 18.29% एवं आय में 34.67% की बढ़त अर्जित की है. इस संबंध में सबसे महत्‍पवूर्ण तथ्य यह है कि चालू वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में दिसंबर 2017 तक उ.म.रे. ने पिछले वर्ष 2016-17 की तुलना में समान अवधि की संचयी आय में 15.59% एवं माल लदान में 18.19% में वृद्धि अर्जित की है. रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित अप्रैल से दिसंबर 2017 के लिए निर्धारित संचयी लक्ष्‍य की तुलना में भी उ.म.रे. ने माल लदान में 13.89% एवं आय में 10.09% की वृद्धि दर्ज की है.

    उ.म.रे. की यह उपलब्धि इस संदर्भ में और अधिक उल्‍लेखनीय हो जाती है कि इस क्षेत्रीय रेल के परिक्षेत्र में रेलवे के माल लदान में मुख्‍य योगदान करने वाले प्राकृतिक संसाधन जैसे कोयला या लौह अयस्‍क आदि नहीं पाए जाते हैं. उ.म.रे. की इस उपलब्धि पर महाप्रबंधक एम. सी. चौहान ने कहा कि उ.म.रे. द्वारा लिए गए सक्रिय प्रयासों का ही यह प्रतिफल है कि इसके वर्तमान ग्राहकों द्वारा प्रेरित होकर अधिक माल लदान किया गया.

    महाप्रबंधक श्री चौहान ने कहा कि उ.म.रे. के अधिकारियों द्वारा विभिन्‍न मालभाड़ा ग्राहकों जैसे पेट्रोलियम पदार्थो, सरसों का तेल, चीनी, खाद्यान, बलास्‍ट आदि का लदान करने वालों से मिलकर उनके विषयों का समाधान किया गया, विशेष तौर पर उनको समुचित संख्‍या एवं समय पर लदान के लिए खाली रेक उपलब्‍ध कराए गए. इसी के साथ उ.म.रे. के झांसी मंडल के बिजौली एवं शनीचरा तथा इलाहाबाद मंडल के मांडा स्‍टेशन को बलास्‍ट की आउटवर्ड लोडिंग के नए ट्रैफिक के लिए खोला गया.

    उन्होंने बताया कि इन तीन साइडिगों से उ.म.रे. को अब तक बलास्‍ट के 170 रेक की लोडिंग मिल चुकी है, जो कि इसकी उपलब्‍ध लोडिंग के ऊपर इंक्रीमेंटल लोडिंग है. इलाहाबाद मंडल के दादरी एवं कानपुर, आगरा मंडल के यमुना ब्रिज तथा झांसी मंडल के मालनपुर कंटेनर डिब्बों में भी कंटेनर ट्रैफिक की वृद्धि दर्ज की गई है, क्योंकि पश्चिम रेलवे से उ.म.रे. के लिए आने वाली कंटेनर ट्रेनों का संचालन सुचारू किया गया है. उ.म.रे. का माल लदान में लक्ष्‍यों को पार करना इस परिक्षेत्र की अर्थ व्‍यवस्‍था के लिए एक अच्‍छा संकेत है, जो कि यह दर्शाता है कि अत्‍यधिक प्रतिस्‍पर्धा वाले इस सेगमेंट में उ.म.रे. प्रगति पर है.

सम्पादकीय