हमारे कार्य का संबंध सीधे रेल उपभोक्ताओं के हित से जुड़ा है -आलोक सिंह

    पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा ‘कस्टमर रिलेसनशिप मैनेजमेंट एंड सॉफ्ट स्क्लिस’ पर ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ का आयोजन

    गोरखपुर ब्यूरो : भारतीय रेल प्रत्येक कार्यक्षेत्र में अपने ग्राहकों के प्रति मुख्य रूप से यात्रियों के प्रति अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रत्यनशील है. भारतीय रेल अपने ग्राहकों की सदभावना प्राप्त करने और अपनी कारोबारी छवि को और बेहतर बनाने हेतु नित-नए कदम उठा रही है. इसी क्रम में रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार रेल कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे वाणिज्य विभाग के तत्वाधान में रेलवे अधिकारी क्लब, गोरखपुर में मंगलवार, 2 जनवरी को ‘कस्टमर रिलेसनशिप मैनेजमेंट एंड सॉफ्ट स्क्लिस’ पर ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ का आयोजन किया गया.

    दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (प्रिंसिपल सीसीएम) एवं मुख्य अतिथि आलोक सिंह ने किया. इस अवसर सीसीएम/एफएम राधेश्याम सहित मंडलों एवं मुख्यालय के वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पर्यवेक्षक, टिकट जांच कर्मचारी, आरक्षण लिपिक, बुकिंग क्लर्क, कुली एवं अग्रिम पंक्ति के अन्य रेलकर्मी उपस्थित थे. कार्यक्रम का समन्वय भूपाल सिंह बृजवाल, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक/टिकट जांच द्वारा किया गया. इस अवसर पर कारपोरेट प्रशिक्षक कविन्द्र सिंह बृजवाल ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से सभी रेल कर्मियों को प्रशिक्षित किया.

    प्रिंसिपल सीसीएम आलोक सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड द्वारा लांच किया गया है, जिसका उद्देश्य यह है कि रेल परिसर एवं गाड़ियों में रेलकर्मियों द्वारा यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार किया जाए, जिससे उनका आकर्षण रेलयात्रा की ओर अधिकाधिक रूप से हो सके. उन्होंने कहा कि हमलोग जो भी कार्य करते हैं, उसका संबंध रेल उपभोक्ताओं के हित से जुड़ा रहता है. हमें अपने कार्यक्षेत्र की अद्यतन जानकारी होनी चाहिए और यात्रियों के साथ हमारा व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि हम अपने आचरण एवं व्यवहार से यात्रियों को प्रभावित कर सकें. हमें यात्री सुविधाओं और योजनाओं से भी यात्रियों को अवगत कराना चाहिए. इस प्रशिक्षण से वाणिज्य विभाग के कर्मचारी लाभांवित होंगे.

    डिप्टी सीसीएम/टीसी भूपाल सिंह बृजवाल ने कहा कि वाणिज्य विभाग सीधे रेल उपभोक्ताओं से जुड़ा है. हम उपभोक्ताओं से कैसा व्यवहार करें, उसके लिए यह प्रषिक्षण दिया जाता है. इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है कि कर्मचारी दिन-प्रतिदिन के कार्यों में अपनी दक्षता एवं कुशलता से कार्य करके अपने व्यक्तित्व एवं नेतृत्व क्षमता में निखार ला सकें तथा रेल उपभोक्ता संतुष्टि एवं संबंध का प्रबंधन कर सकें. एससीएम/एफएम देवानंद दुबे ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताई गई बातों को अमल में लाने से वाणिज्य विभाग की छवि और निखरेगी. एसीएम/लखनऊ मंडल एम. पी. सिंह ने ऐसे प्रशिक्षणों को मंडल स्तर पर भी कराए जाने की बात कही.

    कारपोरेट प्रशिक्षक कविन्द्र सिंह बृजवाल ने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम में ‘विल एंड स्किल्स’ विषय पर बात करते हुए कहा कि ‘सक्षम’ का मतलब होता है कि हम किसी कार्य को करने के लिए कितने काबिल या तत्पर हैं. रेलवे की अग्रिम पंक्ति का कर्मचारी हमेशा स्पाट लाइट में रहता है. रेलयात्री जिन्हें उम्मीद के रूप में देखते हैं. हमारी हर गतिविधि पर लोगों की निगाह रहती है. उन्होंने कहा कि हमें अपनी कार्य-क्षमता बढ़ानी चाहिए, जिससे यात्रियों को हम संतुष्ट कर सकें. सभी के सहयोग से कोई कार्य होता है, इसलिये हमें विभिन्न स्तरों पर सामंजस्य बनाकर चलना चाहिए. हमें गलत कार्यों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए, अपितु उसका समाधान करना चाहिए.

    बृजवाल ने कहा कि हमें आगे बढ़ कर जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा सबके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए. हमें यात्रियों की बातों को ध्यान से सुनते हुए कम शब्दों में ज्यादा जानकारी देने की कला आनी चाहिए. हमें हर यात्री को सम्मान देना चाहिए. निर्देष का इंतजार न करते हुए हमें अपने कार्य को आगे बढ़कर करना चाहिए. इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित रेलकर्मियों को सत्य-निष्ठापूर्वक कार्य करने, प्रत्येक क्षेत्र में ईमानदारी एवं पारदर्शिता बनाये रखने, संगठन के विकास, प्रतिष्ठा एवं यात्रियों के साथ सद्व्यवहार के प्रति सचेत रहने, दायित्वबोध से विचलित न होने तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करने की शपथ भी दिलाई. कार्यक्रम का संचालन कार्यालय अधीक्षक राकेश श्रीवास्तव ने किया.

सम्पादकीय