ट्रैक पर कार्यरत रेलकर्मियों की संरक्षा/सुरक्षा के साथ खिलवाड़

    रेल प्रशासन की असुरक्षित कार्य-प्रणाली से भयभीत हैं रेलकर्मी

    कोरापुट : कोरापुट रेलवे स्टेशन पर देर रात यूनिमेट (टीटीएम) के अनुरक्षण कार्य के दौरान बगल की रनिंग लाइन से जा रहे एक लाइट इलेक्ट्रिक इंजन की चपेट में आकर 9 नवंबर को कोरापुट, विशाखापत्तनम मंडल, पूर्व तट रेलवे के एक संकेत अनुरक्षक बी. भट्टाचार्य की रनओवर होने से मृत्यु हो गई, जबकि एक ट्रैकमैन एवं एक ट्रैक मशीन कर्मचारी गंभीर रुप से घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही भारतीय रेल के संकेत एवं दूरसंचार कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई. इस घटना से संकेत एवं दूरसंचार कर्मियों में भयंकर घबराहट पैदा हुई है तथा वे कार्य के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

    भारतीय रेलवे संकेत एवं दूरसंचार अनुरक्षक संघ (आईआरएसटीएमयू) ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. संघ का कहना है कि प्रस्तुत घटना में संरक्षा एवं सुरक्षा के साथ जबरदस्त खिलवाड़ किया गया है. संघ ने सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर रात में यूनिमेट मशीन चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी, क्या इसके लिए आवश्यक मंजूरी ली गई थी? यदि यह सब किया गया था, तो रात में यूनिमेट मशीन पर कार्य कराने के लिए जरुरी सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे? बगल की रनिंग लाइन से हो रही मूवमेंट की सूचना साईट पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को समय पर क्यों नहीं दी गई? उन्हें समय रहते सचेत क्यों नहीं किया गया? रात्रि में यूनिमेट पर कार्य कराने के लिए जरुरी लाईट की व्यवस्था आखिर क्यों नहीं की गई? पास की रनिंग लाइन पर हो रहे मूवमेंट के लिए जरुरी हूटर क्यों नहीं बजाया गया? यूनिमेट पर कार्य के दौरान वरिष्ठ या कनिष्ठ अनुभाग अभियंता (संकेत) एवं अनुभाग अभियंता (रेलपथ) साइट पर मौजूद क्यों नहीं थे? जबकि जीएंडएसआर के पैरा नंबर एसआर 15.06(1) के अनुसार अनुभाग अभियंता (संकेत) तथा अनुभाग अभियंता (रेलपथ) दोनों को कार्यस्थल पर कार्य की समाप्ति तक मौजूद होना चाहिए.

    आईआरएसटीएमयू के पदाधिकारियों का कहना है की जीएंडएसआर के पैरा नंबर एसआर 15.06(1) में बताए नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है. ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर तथा पॉइंट्स मैन (पीपी) क्या कर रहे थे? उन्होंने पास की रनिंग लाइन पर हो रही मूवमेंट की जानकारी समय रहते प्रसारित क्यों नहीं की? संकेत अनुरक्षक बी. भट्टाचार्य को अकेले यूनिमेट पर कार्य के लिए क्यों बुक किया गया? इस दौरान संकेत विभाग की हैवी रिपेयरिंग गैंग कहां थी? आईआरएसटीएमयू के उपरोक्त सभी प्रश्न इस ओर इशारा करते हैं कि ट्रैक पर कार्य के दौरान रेलकर्मियों की संरक्षा एवं सुरक्षा के साथ जबरदस्त खिलवाड़ किया जा रहा है.

    इसके अलावा यह कोई पहली और आखिरी घटना नहीं है. जून 2016 से अब तक दो दर्जन से अधिक संकेत एवं दूरसंचार कर्मियों सहित सैकड़ों रेलकर्मी अत्यधिक कार्य के दबाव में अपनी जान गवां चुके हैं. परंतु लगता है कि रेल प्रशासन को इस बात की कोई चिंता है, ऐसा उसकी किसी भी गतिविधि से साबित नहीं हो रहा है. हालांकि रेलकर्मियों से सुरक्षित कार्य करने के बारे में अधिकारीगण जबानी-जमाखर्च अवश्य करते रहते हैं, मगर इस बारे में उनके द्वारा न तो कोई ठोस उपाय किए गए हैं, और न ही रेल प्रशासन में कोई सुरक्षित कार्य-प्रणाली अपनाए जाने की इच्छाशक्ति नजर आ रही है. इसके साथ ही संकेत एवं दूरसंचार कर्मियों को “जोखिम भत्ते से भी वंचित रखा गया है. उनके साथ यह घोर अन्याय है.


    एसएंडटी अनुरक्षकों को भी संरक्षा एवं जोखिम भत्ता दिए जाने की मांग

    सीनियर डीएसटीई/धनबाद को सौंपा गया एसएंडटी अनुरक्षकों की समस्याओं पर ज्ञापन

    धनबाद : भारतीय रेलवे संकेत एवं दूरसंचार अनुरक्षक संघ (आईआरएसटीएमयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल 21 नवंबर को पूर्व मध्य रेलवे, धनबाद मंडल के वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार अभियंता (सीनियर डीएसटीई) अजीत कुमार से मिला. इस मौके पर नवीन कुमार ने धनबाद मंडल के संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं पर अजीत कुमार से चर्चा की और एक ज्ञापन भी सौंपा.

    ज्ञापन में संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर बनाए जाने, संकेत विभाग में नाईट गैंग में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, वायरलेस अनुरक्षकों एवं लाइनमैन को शीघ्र दूरसंचार अनुरक्षकों में शामिल कर प्रोन्नति के लाभ दिए जाने, यूनिफॉर्म कोड को शीघ्र बदलकर संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को अलग यूनिफॉर्म कोड दिए जाने, कर्मचारियों को हो रही रेलवे आवास की समस्याओं का समाधान करने, सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति किए जाने, कर्मचारियों को सेफ्टी शू के लिए निर्धारित किए गए मूल्य को शीघ्र भुगतान किए जाने, कर्मचारियों के साथ सेफ्टी मीटिंग में फेलियर के दौरान हो रही समस्याओं का समाधान करने, कर्मचारियों को सेफ्टी एवं रिस्क अलाउंस दिए जाने तथा कर्मचारियों को दिए जा रहे टूल्स की गुणवत्ता में सुधार किए जाने इत्यादि समस्याओं का उल्लेख किया गया है और उन पर सीनियर डीएसटीई के साथ चर्चा भी की गई. इस अवसर पर अनुरक्षक संघ, धनबाद मंडल के अध्यक्ष अनूप राज एवं अन्य सदस्य भी उपस्थित थे.

सम्पादकीय