मध्य रेलवे, माटुंगा वर्कशॉप में अशांति

    कामचोर कर्मचारियों से डरते हैं भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ अकर्मण्य अधिकारी

    मुंबई : मध्य रेलवे की माटुंगा वर्कशॉप के अधिकारियों की निष्क्रियता से शनिवार, 7 अक्टूबर को माटुंगा वर्कशॉप की ईआर शॉप के करीब सभी कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया. पता चला है कि कई कर्मचारी दोपहर 12-1 बजे तक घर चले जाते हैं, जो कि यहां की एक सामान्य परंपरा बनी हुई है और इस पर वर्कशॉप प्रशासन का कोई वश नहीं है. यह भी ज्ञात हुआ है कि शुक्रवार को एक स्थानीय गैर-मान्यताप्राप्त संगठन से जुड़े एक कर्मचारी सहित कई अन्य कर्मचारी भी जल्दी चले गए थे, जबकि पंखा रिपेयरिंग का अर्जेंट काम आया हुआ था.

    बताते हैं कि शॉप इंचार्ज ने जब उपस्थित कर्मचारियों को पंखा रिपेयरिंग का काम सौंपा, तो कुछ कर्मचारियों ने इस बात पर ऐतराज जताया कि ‘जो लोग जल्दी चले जाते हैं उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती है? उनके कारण उन्हें अतिरिक्त काम करना पड़ता है.’ बताते हैं कि इस बात की भनक शनिवार को ड्यूटी पर आने के बाद जब गैर-मान्यताप्राप्त संगठन के उक्त कामचोर कर्मचारी को लगी, तो उसने ईआर शॉप के अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज किया. इनमें कुछ महिला कर्मचारी भी थीं, उन्हें भी उसने भद्दी-भद्दी गालियों से शर्मसार किया.

    इस घटना की लिखित शिकायत ईआर शॉप के कई कर्मचारियों ने वर्कशॉप प्रशासन से की है. महिला कर्मियों ने भी उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने की अलग शिकायत की है. परंतु अकर्मण्य वर्कशॉप प्रशासन संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कोई कारगर कार्रवाई करने के बजाय अपनी दुम दबाकर चुपचाप बैठ गया. इससे ईआर शॉप के नाराज कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया. मध्य रेल मुख्यालय को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की जरूरत है.

    ‘रेलवे समाचार’ को माटुंगा वर्कशॉप के उन सभी कर्मचारियों के नाम प्राप्त हुए हैं, जो कि रोजाना दोपहर के समय लगभग 12-1 बजे तक वर्कशॉप से गायब हो जाते हैं. उनकी इस कामचोरी के कारण न सिर्फ कुछ कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ पड़ रहा है, बल्कि वेतन और इंसेंटिव के रूप में इन कामचोर कर्मचारियों को दिए जा रहे लाभ से रेलवे को भारी नुकसान हो रहा है. इसके अलावा उन अधिकारियों के बारे में भी पता चला है, जो कि न सिर्फ इन कामचोर और तथाकथित दबंग कर्मचारियों से डरकर इनके खिलाफ कोई कारगर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि कथित रूप से भारी भ्रष्टाचार में भी लिप्त हैं. यह सूची शीघ्र ही महाप्रबंधक, मध्य रेलवे को सौंपी जाएगी.

सम्पादकीय