रेलकर्मियों को ‘विदाई चंदा’ देने से निजात दिलाए रेल प्रशासन

    सीनियर डीएमई/कोटा मंडल की विदाई पार्टी के लिए दबाव डालकर उगाहा गया चंदा

    कोटा : पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल के एक रेल अधिकारी के स्थानांतरण पर उसकी विदाई पार्टी और गिफ्ट देने के लिए कर्मचारियों से दबाव डालकर चंदा उगाहने का मामला सामने आया है. उक्त अधिकारी को यह विदाई पार्टी शुक्रवार, 29 सितंबर को कोटा स्टेशन के पास स्थित एक निजी होटल में दी गई.

    विश्वसनीय सूत्रों ने ‘रेलवे समाचार’ को बताया कि कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (सीनियर डीएमई) मणि भूषण का पिछले दिनों कोटा से जबलपुर के लिए तबादला हो गया था. उनकी विदाई पार्टी के लिए मातहत विभागीय कर्मचारियों ने स्टॉफ से चंदा उगाना शुरु कर दिया. चंदा नहीं देने पर कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया. विभाग में करीब 37 सुपरवाइजर कार्यरत हैं. इन सुपरवाइजरों पर भी चंदा उगाही के लिए दबाव डाला गया.

    हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि दबाव के बाद भी करीब आधे सुपरवाइजरों ने चंदा नहीं दिया. चंदा एकत्रित होने के बाद स्टॉफ द्वारा मणि भूषण को स्टेशन के पास स्थित लिलेक होटल में विदाई पार्टी दी गई. पार्टी के बाद उनको एक मंहगा गिफ्ट भी सौंपा गया. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अधिकारियों की विदाई पार्टी और गिफ्ट के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाकर चंदा उगाहने के मामले सामने आते रहे हैं.

    कोटा मंडल के कर्मचारियों का कहना है कि रेल प्रशासन को चाहिए कि वह इस संबंध में कोई यथोचित दिशा-निर्देश जारी करे, जिससे कर्मचारियों को इन मुफ्तखोर अफसरों की विदाई पार्टी का चंदा देने से निजात मिल सके.


    3.44 लाख की रिश्वत लेते एसएसई को सीबीआई ने रंगेहाथ पकड़ा

    बड़े अधिकारी के लिए ली जा रही थी रिश्वत, डीआरएम कार्यालय में मचा हड़कम्प

    86 लाख का बिल पास करने की एवज में मांगी गई थी 30 लाख रुपए की रिश्वत

    रांची (झारखंड): सीबीआई की एक टीम ने दक्षिण पूर्व रेलवे, रांची मंडल के डीआरएम ऑफिस में 26 सितंबर को छापा मारकर विद्युत् विभाग के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) विजय यादव को 3.44 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया. इससे डीआरएम ऑफिस में हड़कंप मच गया. सीबीआई ने अगले दिन सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में विजय यादव को पेश किया, कोर्ट ने उसे 11 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. रेल प्रशासन ने एसएसई विजय यादव को सस्पेंड कर दिया है. बताते हैं कि उक्त रिश्वत मांगे जाने की शिकायत एक बेड रोल ठेकेदार प्रकाश उर्फ चटनी सिंह ने की थी.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बेड रोल ठेकेदार प्रकाश सिंह उर्फ चटनी सिंह ने शिकायत की थी कि डीआरएम ऑफिस के एक ब्रांच अधिकारी ने 86 लाख रुपए का बिल पास करने की एवज में उससे 30 लाख रुपए की मांग की थी. इसी मांग के तहत उसने एडवांस के रूप में बिल की 4% राशि (3.44 लाख रु.) एसएसई विजय कुमार को दिए. बाकी 26.56 लाख रुपए अभी और देने थे. यह राशि किस अफसर को दी जानी थी, इस बारे में सीबीआई ने कुछ नहीं बताया.

    तथापि, सूत्रों का कहना है कि डीआरएम ऑफिस के एक बड़े ऑफिसर को यह राशि दी जानी थी, जो कि संबंधित ब्रांच अफसर और खुद डीआरएम के अलावा अन्य कोई नहीं हो सकता है. यह रिश्वत विजय यादव के माध्यम से ली जा रही थी. एसएसई/इले. विजय यादव को सीबीआई रंगेहाथ पकड़ा है. पूछताछ में इस मामले में विद्युत् विभाग के एक अधिकारी का भी नाम आया है. सीबीआई अधिकारी बेड रोल के बिल भुगतान से संबंधित सभी कागजात साथ ले गए हैं. सीबीआई अधिकारियों ने कोर्ट में कहा कि गिरफ्तार विजय यादव इस मामले में सबसे छोटा कर्मचारी है, जांच के बाद पता चलेगा कि उक्त रिश्वत वास्तव में किस अधिकारी के लिए या किसके कहने पर ली जा रही थी. सीबीआई ने कोर्ट में यह भी कहा है कि आरोपी बड़े अधिकारियों के नाम पर पैसा ले रहा था.

सम्पादकीय