उ. म. रे. का कार्य-निष्पादन प्रमुख संकेतकों में निर्धारित लक्ष्यों से बेहतर

    गाड़ियों का समयपालन बनाए रखना बेहद दुष्कर और चुनौतीपूर्ण कार्य है -चौहान

    समयपालन, संरक्षा, लदान, आय, यात्री सुविधाओं में उ. म. रे. का बेहतर प्रदर्शन

    चालू वर्ष में अब तक उ.म.रे. में ‘सिग्नल पासिंग ऐट डेंजर' का कोई मामला नहीं

    5% ट्रैक पर देश के 15% रेल ट्रैफिक का परिचालन करती है उत्तर मध्य रेलवे

    अगस्त अंत तक उ.म.रे. का ऑपरेटिंग रेश्यो 74.09% की अपेक्षा 73.98% रहा

    इलाहाबाद : महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे, एम. सी. चौहान के कुशल एवं सक्रिय नेतृत्व के फलस्वरूप चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में उत्तर मध्य रेलवे ने अपने कार्य-निष्पादन का उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया है. सवारी गाड़ियों का समयपालन (पंक्चुअलिटी), रेल संरक्षा (सेफ्टी), लदान (लोडिंग), आय (अर्निंग), यात्री सुविधाओं (पैसेंजर एमेनिटीज) इत्यादि सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों  में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा पिछले वर्ष की अपेक्षा चालू वर्ष में बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है. इनमें से कई क्षेत्रों में उत्तर मध्य रेलवे ने अपने बेहतर प्रदर्शन से रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को भी पीछे छोड़ दिया है.

    चालू वर्ष में अगस्त 2017 के अंत तक उत्तर मध्य रेलवे की कुल लोडिंग 5.573 मिलियन टन रही है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि की अपेक्षा 10 प्रतिशत अधिक और रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य से 13.3 प्रतिशत अधिक है. इसी प्रकार अगस्त अंत तक उत्तर मध्य रेलवे की ओरिजिनेटिंग अर्निंग 1705.5 करोड़ रुपये रही, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की ओरिजिनेटिंग अर्निंग से 7.07 प्रतिशत अधिक है.

    किसी भी जोनल रेलवे का परिचालन अनुपात (ऑपरेटिंग रेश्यो) उसके समग्र प्रदर्शन का द्योतक होता है. महाप्रबंधक/उ.म.रे. एम. सी. चौहान के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर मध्य रेलवे ने इस अत्यंत महत्वपूर्ण सूचकांक में भी दिए गए लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करते हुए अगस्त अंत तक 73.98% का परिचालन अनुपात हासिल किया है, जो कि रेलवे बोर्ड द्वारा दिए गए लक्ष्य (74.09%) के एकदम करीब रहा है. उल्लेखनीय है कि जिस रेलवे का परिचालन अनुपात सूचकांक जितना कम होता है, उसका प्रदर्शन उतना बेहतर माना जाता है).

    रेल परिचालन में संरक्षा के क्षेत्र में भी उत्तर मध्य रेलवे ने पिछले वर्ष से बेहतर प्रदर्शन किया है. चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त अंत तक उत्तर मध्य रेलवे में कुल 10 दुर्घटनाएं हुईं, जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 14 दुर्घटनाओं से 28.6 प्रतिशत कम हैं.

    यहां महाप्रबंधक/उ.म.रे. श्री चौहान द्वारा इस वर्ष अप्रैल में शुरू किए गए 'मिशन जीरो स्पैड' का उल्लेख आवश्यक है. 'स्पैड' यानि ‘सिग्नल पासिंग ऐट डेंजर'. स्पैड एक प्रकार की दुर्घटना है, जिसमें ट्रेन का चालक लाल सिग्नल को पार कर जाता है. पिछले वर्ष उत्तर मध्य रेलवे में स्पैड की 8 घटनाएं हुईं थीं. महाप्रबंधक/उ.म.रे. का कार्यभार संभालने के बाद एम. सी. चौहान ने स्पैड की घटनाओं को सिरे से खत्म करने के लिए 'मिशन जीरो स्पैड' लांच किया था. इस मिशन का जबरदस्त और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुआ है.

    उल्लेखनीय है कि चालू वर्ष में अब तक उत्तर मध्य रेलवे में स्पैड की एक भी घटना नहीं हुई है. यह सराहनीय तो है ही, बल्कि उत्तर मध्य रेलवे के लिए यह एक कीर्तिमान भी है. लोको पायलट्स और असिस्टेंट लोको पायलट्स के परिवारों के साथ किए गए 'पारिवारिक सम्मेलनों और उनकी बड़े पैमाने पर की गई काउंसलिंग तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान से उत्तर मध्य रेलवे ने यह उपलब्धि हासिल की है.

    उत्तर मध्य रेलवे में इस वर्ष यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. प्रमुख स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्कलेटर्स, स्वचालित वाटर वेंडिंग मशीनें, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें, सीसीटीवी से निगरानी, स्टेशनों पर खोये हुए/बेसहारा बच्चों के लिए हेल्प डेस्क, स्टेशनों पर नई स्टेनलेस स्टील की कुर्सियां, पहले से बेहतर साफ-सफाई इत्यादि विभिन्न यात्री सुविधाओं के कार्य इस समय उत्तर मध्य रेलवे का स्वरुप बदल रहे हैं, जिनकी सराहना अनेक महत्वपूर्ण  मंचों पर हो चुकी है और हो रही है.

    यह सर्वविदित है कि उत्तर मध्य रेलवे देश की व्यस्ततम रेलवे जोनों में से एक है. देश के सिर्फ 5% ट्रैक को रखने वाला यह जोन देश के 15% रेल ट्रैफिक का परिचालन करता है. ट्रैफिक के इतने दबाव वाले इस महत्वपूर्ण जोन में सवारी गाड़ियों का बेहतर समयपालन बनाए रखना अपने आप में एक बेहद दुष्कर और चुनौतीपूर्ण कार्य है. महाप्रबंधक श्री चौहान के नेतृत्व में उत्तर मध्य रेलवे ने इस चुनौती में भी स्वयं को सिद्ध किया है.

    चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त अंत तक उत्तर मध्य रेलवे की सवारी गाड़ियों का समयपालन पिछले वर्ष इसी अवधि की अपेक्षा 12.4% अधिक रहा है, जो कि भारतीय रेल के सभी रेलवे जोनों में इस क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार है और उत्तर मध्य रेलवे के लिए यह एक कीर्तिमान है. महाप्रबंधक/उ.म.रे. श्री चौहान ने उपरोक्त सभी उपलब्धियों का सारा श्रेय 'टीम-एनसीआर' को दिया है. ‘रेलवे समाचार’ से एक खास बातचीत में यह जानकारी देते हुए उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी गौरव कृष्ण बंसल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में उत्तर मध्य रेलवे जो अग्रणी भूमिका निभा रही है, उसकी वास्तविकता उत्तर मध्य रेलवे की उपलब्धियां और आंकड़े स्वयं ही बयान कर रहे हैं.

सम्पादकीय