सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारियां देना संवैधानिक दायित्व है-एजीएम

    पूर्वोत्तर रेलवे : ‘सूचना का अधिकार - एक चुनौती’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन

    गोरखपुर ब्यूरो : पूर्वोत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक एस. एल. वर्मा की अध्यक्षता में 30 अगस्त को ‘सूचना का अधिकार - एक चुनौती’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस अवसर पर वरिष्ठ उप महाप्रबंधक पी. एन. राय, मुख्य कार्मिक अधिकारी/प्रशासन श्रीप्रकाश, उप महाप्रबंधक/सामान्य राजेश तिवारी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव सहित सभी विभागों, कारखानों तथा मंडलों में नामित जनसूचना अधिकारी उपस्थित थे. कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर महाप्रबंधक एस. एल. वर्मा ने कहा कि सूचना के अधिकार के विभिन्न नियमों तथा उसकी क्रियान्वयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई, जिससे सभी नागरिकों को नियमसंगत सूचना देने में कोई कठिनाई नहीं होगी.

    उन्होंने कहा कि जनसूचना अधिकार के अंतर्गत मांगी गई जानकारियां देना हम सभी का संवैधानिक दायित्व है. यदि कोई जानकारी देने योग्य नहीं है, तो कारण एवं नियम का उल्लेख अवश्य किया जाए. उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार में हम सभी का हित समाहित है. इसके लागू होने से कार्य में तत्परता तथा पारदर्शिता बढ़ी है. श्री वर्मा ने कहा कि जानकारी मांगने वालों को स्पष्ट एवं पूरी जानकारी मदवार ढ़ग से दी जाए, ताकि उन्हें पुनः सूचना के अधिकार का सहारा नहीं लेना पड़े. उन्होंने उपस्थित जनसूचना अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूचना के अधिकार पर मंडलों एवं कारखानों में कार्यशाला का आयोजन करें तथा इसके नियमों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करें, जिससे सूचना के अधिकार से संबंधित मामलों का नियमानुसार और समय से निस्तारण किया जा सके.

    वरिष्ठ उप महाप्रबंधक पी. एन. राय ने अपने संबोधन में कहा कि हम भारत के नागरिकों के हर प्रश्न के प्रति उत्तरदायी हैं. नागरिकों को सूचना देना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी के साथ ही नैतिक कर्तव्य भी है. सूचना का अधिकार हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार भ्रष्टाचार में कमी लाने का एक कारगर हथियार है. इससे हमारे कार्यों में पारदर्शिता, तीव्रता और जिम्मेदारी आती है. श्री राय ने उपस्थित जनसूचना अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसूचना अधिकार के अंतर्गत मांगी गई जानकारी का प्रतियुत्तर स्पष्ट एवं नियमसंगत ढ़ग से दिया जाए, ताकि मांगकर्ता को अपीलीय अधिकारी के पास आवेदन देने की जरूरत न पड़े. उन्होंने नियमों के विश्लेषण पर उत्पन्न शंकाओं पर अपनी स्पष्ट राय रखी तथा नियमसंगत कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिए.

    उप महाप्रबंधक/सामान्य राजेश तिवारी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जनसूचना अधिकार के विभिन्न नियमों एवं पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने जनसूचना अधिकार के क्रियान्वयन के स्वरूप पर चर्चा करते हुए इसकी विभिन्न धाराओं के निहित अर्थों का उल्लेख किया. उन्होंने जनसूचना अधिकार के क्रियान्वयन हेतु नामित विभिन्न स्तरों के अधिकारियों को उनके कर्तव्य का बोध कराया. श्री तिवारी ने जनसूचना अधिकार के तहत जवाब देने में देरी होने पर अथवा नहीं देने पर लागू जुर्माना राशि के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ ही इससे संबंधित विषयों पर क्या करें, क्या नहीं करें, पर भी विस्तार से अपने विचार रखे. कार्यक्रम के समापन पर उप सचिव, जन-शिकायत ए. डी. अग्निहोत्री ने कार्यशाला का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन किया.


    सीपीओ द्वारा किया गया सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को समापक भुगतान

    पूर्वोत्तर रेलवे, कार्मिक विभाग द्वारा आयोजित एक समारोह में मुख्य कार्मिक अधिकारी एल. बी. राय द्वारा 31 अगस्त, 2017 को सेवा निवृत्त हुए 37 अराजपत्रित रेलकर्मियों को समापक राशि के प्रपत्र एवं सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और उन्हें स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर मुख्य कार्मिक अधिकारी/प्रशासन श्रीप्रकाश एवं उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/अराजपत्रित ए. के. सिंह भी उपस्थित थे.

    उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/अराजपत्रित ए. के. सिंह ने सेवानिवृत्त हो रहे रेलकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी अपनी दिनचर्या नियमित रखते हुए अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें. उन्होंने सेवानिवृत्त हुए रेलकर्मियों के दीर्घायु होने की कामना की. इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी/समापक आनंद कुमार, सहायक वित्त सलाहकार एवं लेखाधिकारी संजय मिश्र तथा कार्मिक विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.

सम्पादकीय