पूर्वोत्तर रेलवे : पेंशन अदालत में किया गया 104 मामलों का तत्काल निपटारा

    गोरखपुर ब्यूरो : पूर्वोत्तर रेलवे रेलवे अधिकारी क्लब, गोरखपुर में सोमवार, 17 जुलाई को ‘पेंशन अदालत’ का आयोजन किया गया. पेंशन अदालत में कुल 96 मामले विचारार्थ प्राप्त हुए थे. इनमें से 52 मामलों का निस्तारण तत्काल कर दिया गया. शेष 44 मामलों में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है. इसके अलावा मुख्यालय से संबंधित प्राप्त कुल 53 मामलों में से 28 मामलों का निस्तारण किया गया. शेष 25 मामलों में नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है. इसी प्रकार यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर से संबंधित प्राप्त 43 मामलों में से 24 का निस्तारण इस मौके पर किया गया. बाकी 19 मामलों में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है. इस प्रकार उक्त पेंशन अदालत में कुल 104 मामलों का अंतिम निपटारा किया गया, जबकि कुल 88 मामलों में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है.

    इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक योगेश अस्थाना ने पेंशन अदालत के आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे सेवा निवृत्त कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों के परिवादों का निपटारा शीघ्रता से हो जाता है. मुख्य कार्मिक अधिकारी एल. बी. राय ने कहा कि अपने दायित्वों के प्रति सजग रहते हुए रेल प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों की समस्याओं का निपटारा टास्क फोर्स के रूप में किया जाता है, जिससे उन्हें अतिशीघ्र न्याय मिल सके. वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी/डब्लूएसटी जयराज ने कहा कि हर सरकारी कर्मचारी भविष्य का पेंशनर है. अतः हमें सेवानिवृत्त कर्मियों की पूरी तत्परता से सहायता करनी चाहिए.

    पेंशन अदालत की अध्यक्षता पूर्वोत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक योगेश अस्थाना ने की. इस मौके पर मुख्य कार्मिक अधिकारी एल. बी. राय, मुख्य कार्मिक अधिकारी/प्रशासन श्रीप्रकाश, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी/डब्लूएसटी जयराज, मुख्य कारखाना प्रबंधक, यांत्रिक कारखाना गोरखपुर बी. एस. दोहरे, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/अराजपत्रित ए. के. सिंह, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/राजपत्रित सी. पी. दुबे, सहायक कार्मिक अधिकारी आनंद कुमार, अध्यक्ष, पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन ब्रह्मानंद सिंह, महामंत्री अर्जुन कुमार कोहली, एन. ई. रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारी तथा भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

    पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह ने पेंशन अदालत को पेंशनर्स के लिए न्याय का मंदिर बताते हुए कहा कि इस अदालत में हुए निर्णयों का अनुपालन शीघ्रतापूर्वक सुनिष्चित किया जाए, जिससे पेंशनर्स को अन्य किसी परेशानी का सामना न करना पड़े. कार्यक्रम का संचालन उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/अराजपत्रित ए. के. सिंह ने किया तथा उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/राजपत्रित सी. पी. दुबे ने सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया.


    ‘इलेक्ट्रिकल इंटरलॉकिंग ट्रेनिंग सेंटर’ एवं ‘नवनिर्मित इंटीग्रेटेड लर्निंग सेंटर’ का उद्घाटन

    गोरखपुर ब्यूरो : पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक सत्य प्रकाश त्रिवेदी ने हाल ही में सिग्नल एवं दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र, गोरखपुर में ‘इलेक्ट्रिकल इंटरलॉकिंग ट्रेनिंग सेंटर’ एवं ‘नवनिर्मित इंटीग्रेटेड लर्निंग सेंटर’ का उद्घाटन किया. इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक एस. एल. वर्मा, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर आदित्य कुमार, सभी विभाग प्रमुख तथा सिगनल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे. इस मौके पर महाप्रबंधक द्वारा मॉडल क्लास रूम एवं डबल लाइन ब्लॉक पैनल यूजिंग यूएफएसबीआई के ट्रेनिंग मॉडल का भी उद्घाटन किया गया.

    इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री त्रिवेदी ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के सिगनल विभाग द्वारा विकसित एवं संवर्धित यह ट्रेनिंग सेंटर प्रशिक्षुओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने में सक्षम होगा. उन्होंने कहा कि रेल यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए सिगनल प्रणाली का आधुनिकीकरण करना नितांत आवश्यक हो गया है तथा इसके रख-रखाव एवं संचालन हेतु उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए इस संस्थान में आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण एक सार्थक पहल है.

    उन्होंने कहा कि इस संस्थान में प्रशिक्षित सिगनल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी दुर्घटनारहित रेल संचालन एवं शून्य सिगनल विफलता लाने में सफल होंगे. महाप्रबंधक ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे पर विकसित यह प्रशिक्षण संस्थान अन्य रेलों के लिए भी अनुकरणीय होगा. उन्होंने उपस्थित विभाग प्रमुखों को अपने-अपने विभाग के लिए इसी प्रकार का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने हेतु दिशा-निर्देश भी दिए. इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री त्रिवेदी ने प्रशिक्षण संस्थान के ‘स्थापना एवं अनुरक्षण‘ तथा ‘इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग’ पुस्तिका का विमोचन किया.

    इसके पूर्व, महाप्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों का स्वागत करते हुए मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर आदित्य कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण संस्थान में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कार्य में प्रशिक्षण देने हेतु आधुनिक उपकरणों की स्थापना की गई है, जिससे प्रशिक्षुओं को संरक्षा तकनीक की आधुनिक जानकारी मिलेगी. उन्होंने कहा कि इन आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सिगनल विफलताओं को नगण्य किया जा सकेगा. उन्होंने बताया कि इस संस्थान में रिमोट पर आधारित सिगनल पॉइंट्स को कंट्रोल करने तथा केंद्रीय ट्रैफिक कंट्रोल का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण संस्थान में माड्यूलर क्लास रूम की स्थापना की गई है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से कम समय में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा सकेगा.

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