पूर्वोत्तर रेलवे हिंदी के प्रयोग-प्रसार में अन्य रेलों की मार्गदर्शक है -एस.पी.त्रिवेदी

    पूर्वोत्तर रेलवे की क्षेत्रीय रेलवे राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक संपन्न

    गोरखपुर ब्यूरो : पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक सत्य प्रकाश त्रिवेदी की अध्यक्षता में क्षेत्रीय रेलवे राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक हाल ही में महाप्रबंधक बैठक कक्ष, गोरखपुर में संपन्न हुई. बैठक में अपर महाप्रबंधक एस. एल. वर्मा, सभी विभाग प्रमुख, रेलवे हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य सुनील योगी तथा मंडलों के अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं राजभाषा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे. बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक श्री त्रिवेदी ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे हिंदी के प्रयोग-प्रसार की दिशा में सदैव अग्रणी रहा है तथा अन्य रेलों की मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत भी है.

    उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे वार्षिक कार्यक्रम में दी गई अधिकांश मदों में अपना लक्ष्य प्राप्त कर चुका है, फिर भी राजभाषा विभाग द्वारा इसका गहन निरीक्षण कराया जाए और जहां कहीं कमी रह गई हो, उसे दूर किया जाए. महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार इस रेलवे पर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ विषय पर हिंदी में निबंध, वाक् तथा काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया. इस अवसर पर महाप्रबंधक ने वर्ष 2016 के लिए सामूहिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत चिकित्सा विभाग, इज्जतनगर मंडल तथा यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर को प्रशस्ति-पत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर पुरस्कृत किया.

    इससे पहले मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर ए. के. सिंह ने समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार के हर क्षेत्र में काफी आगे है. उन्होंने कहा कि हम नवीन क्षेत्रों में भी राजभाषा के प्रसार का प्रयोग कर रहे हैं. मुख्य राजभाषा अधिकारी ने कहा कि इस रेलवे के सभी कम्प्यूटरों पर यूनीकोड सक्रिय करा दिया गया है तथा कम्प्यूटर प्रयोगकर्ताओं को हिंदी कार्य में प्रशिक्षण देने के लिए राजभाषा विभाग द्वारा कार्यशालाओं का नियमित आयोजन किया जा रहा है.

    बैठक में रेलवे हिंदी सलाहाकार समिति के सदस्य सुनील योगी ने पूर्वोत्तर रेलवे पर राजभाषा प्रयोग-प्रसार की स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की. श्री योगी ने राजभाषा हिंदी को सर्वसामान्य लोगों तक पहुंचाने के लिए कई सुझाव भी दिए. वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने पिछली बैठक के कार्यवृत्त के प्रमुख निर्णयों के अनुपालन की स्थिति से सदस्यों को अवगत कराया. इस अवसर पर उन्होंने रेलवे बोर्ड की संशोधित मानक कार्य सूची के अनुसार चर्चा की. इस मौके पर सभी विभाग प्रमुखों, मंडलों के अपर मंडल रेल प्रबंधकों तथा यांत्रिक, सिगनल, पुल कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधकों ने अपनी-अपनी इकाईयों में राजभाषा के प्रयोग-प्रसार की स्थिति से महाप्रबंधक को अवगत कराया. वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बैठक का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन किया.


    हिंदी के प्रथम उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री की जयंती पर परिचर्चा का आयोजन

    गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण एल. एम. झा की अध्यक्षता में 4 जुलाई को निर्माण संगठन सभाकक्ष में विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही की समीक्षात्मक बैठक और विशेष हिंदी कार्यशाला का आयोजन तथा हिंदी के पहले उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री की जयंती पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण श्री झा द्वारा 20 हजार शब्दों का प्रयोग, डिक्टेशन देने एवं टिप्पणी आलेखन राजभाषा हिंदी में करने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया.

    कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी संजय सिंह ने उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. वरिष्ठ अनुवादक श्याम बाबू शर्मा ने विशेष हिंदी कार्यशाला के अंतर्गत ऑफ लाइन वायस टाइपिंग एवं कम्प्यूटरों पर यूनीकोड सक्रिय करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उप मुख्य इंजीनियर/निर्माण/सामान्य वी. के. सिंह एवं उप मुख्य राजभाषा अधिकारी पी. के. पाठक तथा सचिव/मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण प्रदीप कुमार, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी/निर्माण संजय सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया. राजभाषा अधिकारी/निर्माण श्रीमती कमलासिनी तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापित किया. इस अवसर पर निर्माण विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.


    परिचालन विभाग की क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक

    गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में परिचालन विभाग के सभाकक्ष में 27 जून को परिचालन विभाग की क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई. मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे यात्री प्रधान रेलवे है, अतः यहां यात्रियों से हिंदी में संपर्क स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि फाइलों में नोटिंग हिंदी में दी जाए. कम्प्यूटरों में हिंदी यूनीकोड सक्रिय करके हिंदी में काम किया जाए.

    इस अवसर पर वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक राममूर्ति ने स्वागत संबोधन किया. वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ध्रुव कुमार श्रीवास्तव ने राजभाषा विषयक सांविधिक व्यवस्थाओं का जिक्र किया. बैठक में राजभाषा के प्रमुख मदों पर चर्चा की गई. सचिव/मुख्य परिचालन प्रबंधक राजन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा बैठक का संचालन श्याम बाबू शर्मा, वरिष्ठ अनुवादक ने किया. इस अवसर पर परिचालन विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया.


    महाप्रबंधक ने किया एसएमएस आधारित विद्युत परिवाद प्रणाली का उदघाटन

    गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक सत्य प्रकाश त्रिवेदी ने 4 जुलाई को एसएमएस आधारित विद्युत परिवाद प्रणाली का केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष, गोरखपुर में उदघाटन किया. इस अवसर पर प्रमुख विद्युत इंजीनियर योगेश अस्थाना, सभी विभाग प्रमुख तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.

    महाप्रबंधक श्री त्रिवेदी ने इस एसएमएस आधारित विद्युत परिवाद प्रणाली की कार्य-प्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रणाली से स्टेशनों, कार्यालयों एवं रेलकर्मियों के आवासों में विद्युत शिकायत पर तत्काल कार्यवाही की जा सकेगी. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था इंजीनियरिंग एवं अन्य कार्यालयों में भी की जाए, जिससे समस्याओं का निस्तारण त्वरित गति से हो. उन्होंने केंद्रीय नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया तथा इसके विस्तारीकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने नियंत्रण कक्ष में प्रसाधन के प्रावधान तथा उच्च कोटि का फर्नीचर उपलब्ध कराने को कहा.

    इसके पूर्व, मुख्य विद्युत इंजीनियर योगेश अस्थाना ने महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत करते हुए एसएमएस आधारित विद्युत परिवाद प्रणाली की कार्य-प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि इस कार्य-प्रणाली के शुरू हो जाने से विद्युत आपूर्ति के संबंध में दर्ज शिकायत शीघ्र निस्तारण किया जा सकेगा. इसके साथ ही शिकायतकर्ता को एसएमएस के माध्यम से सूचित कर संतुष्ट किया जा सकेगा.

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