संरक्षा और समयबद्धता में संकेत एवं दूरसंचार विभाग की अहम भूमिका -पी.बी.निनावे

    संकेत एवं दूरसंचार कर्मचारियों को दबावमुक्त होकर कार्य करना चाहिए-रूपेश चांदेकर

    बिना ड्यूटी रोस्टर के ही संकेत एवं दूरसंचार कर्मचारियों से कराया जा रहा है काम

    मुख्यालय में उपस्थिति की बाध्यता के बावजूद नहीं उपलब्ध कराए जाते हैं आवास

    राजकोट : भारतीय रेलवे संकेत एवं दूरसंचार अनुरक्षक संघ (आईआरएसटीएमयू) ने 24 जून को राजकोट में एक इंटर जोनल महासम्मेलन का आयोजन किया. इस अवसर पर ‘भारतीय रेलवे में संकेत एवं दूरसंचार विभाग के लिए संरक्षा एवं समयबद्धता का महत्व’ विषय पर विशेष चर्चा की गई. सभा को संबोधित करते हुए अमित भार्गव ने बताया कि किस प्रकार संरक्षा और सुरक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण विभाग होते हुए भी संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को मकान जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रखा जाता है. इसके साथ ही उन्हें मुख्यालय में रहने के लिए बाध्य भी किया जाता है. जो आवास उपलब्ध कराए भी गए हैं, उनकी हालत अत्यंत जर्जर है और वह किसी इंसान के लिए रहने योग्य नहीं हैं.

    मुख्य अतिथि पी. बी. निनावे, मंडल रेल प्रबंधक, राजकोट ने संकेत एवं दूरसंचार विभाग की संरक्षा और समयबद्धता में अहम भूमिका की चर्चा की तथा रूपेश चांदेकर, वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार अभियंता ने सभी संकेत एवं दूरसंचार कर्मचारियों को दबावमुक्त होकर कार्य करने की सलाह दी. इसके साथ ही उन्होंने रेलवे की संरक्षा एवं सुरक्षा के साथ-साथ खुद की संरक्षा एवं सुरक्षा का ध्यान रखने पर ज्यादा जोर दिया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बी. के. सिंह, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी ने संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को शार्टकट नहीं अपनाने का प्रण दिलाया.

    संगठन के महासचिव आलोक चंद्रप्रकाश ने एक बार पुन: सिग्नल इंजीनियरिंग मैन्युअल (एसईएम) पार्ट-2 पैरा 11.1 और 11.5.1 की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें तुरंत सुधार करने किया जाए तथा ‘ए मेंटेनर’ की जगह ‘ऐन ऑन ड्यूटी मेंटेनर’ जोड़ने पर बल दिया. इसके अलावा अहमदाबाद मंडल के मंडल अध्यक्ष अजीत बारड ने संकेत एवं दूरसंचार विभाग में संरक्षा एवं सुरक्षा से हो रहे खिलवाड़ की चर्चा करते हुए बताया कि बिना योग्यता प्रमाण-पत्र के भी कर्मचारियों से संकेत एवं दूरसंचार उपकरणों का अनुरक्षण तथा फेलियर ठीक कराए जा रहे हैं और कर्मचारियों को जानबूझकर परेशान करने तथा वित्तीय नुकसान पहुँचाने के लिए मनमर्जी से चार्जसीटें दी जा रही हैं.

    अजमेर मंडल सचिव अब्बास अली ने पी-वे मैन्युअल की एडवांस करेक्शन स्लिप सं. 103 दि. 01.06.2007 को तुरंत लागू करने की मांग की. इसके अलावा स्टाफ की कमी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों के ऊपर कार्य का अत्यधिक दबाव है. इस दबाव के कारण कर्मचारियों की हालत दयनीय है. अत: अत्यधिक कार्य भत्ता दिया जाना चाहिए.

    राष्ट्रीय उपप्रमुख महबूब संधी ने संकेत एवं दूरसंचार विभाग में ड्यूटी रोस्टर लागू करने की मांग करते हुए कहा कि ड्यूटी रोस्टर तो है मगर उस पर अमल नहीं किया जा रहा है, जिसके अभाव में कर्मचारियों से नींद में काम लिया जा रहा है. तमाम प्रयासों के बावजूद नाइट ड्यूटी फेलियर गैंग की व्यवस्था नहीं की जा रही है. एचओईआर रूल, 2005 की खुलेआम अवहेलना की जा रही है. इस विभाग के कर्मचारियों को किसी प्रकार का जोखिम भत्ता या संरक्षा भत्ता अथवा तकनीकी भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है और न ही ओवर टाइम दिया जाता है. जून, 2016 से लेकर आज तक संकेत एवं दूरसंचार विभाग के 19 कर्मचारी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गवां चुके हैं. फिर भी प्रशासन इसका कोई संज्ञान नहीं ले रहा है.

    सभा में उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर से संकेत एवं दूरसंचार विभाग के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा बनाए गए यार्ड स्टिक (पत्र सं. 2007/सिगनल/नॉन गजटेड-1/नॉर्म्स, दि. 16.08.2010) को तुरंत लागू करने की मांग की तथा रेलवे बोर्ड द्वारा दि. 30.06.2015 को जारी किए गए दिशा-निर्देशों (पत्र सं. 2015/सिगनल/ई/नॉन गजटेड/1) पर कर्यवाही करते हुए संकेत एवं दूरसंचार विभाग के सभी टेक्निशियनों के लिए ड्यूटी रोस्टर बनाने सहित लीव रिजर्व, रेस्ट गिवर एवं ट्रेनी रिजर्व इत्यादि पदों का तुरंत सृजन करने की मांग की तथा जोनल रेल प्रशासन को संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों की भी सुध लेने को कहा गया.

    इस मौके पर जोनल चौधरी, मंडल संकेत एवं दूरसंचार अभियंता एवं सी. सूरेशन, सहायक मंडल संकेत एवं दूरसंचार अभियंता ने संकेत एवं दूरसंचार विभाग के लिए काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी और अपने विचार प्रस्तुत किए. सम्मेलन को योगेन्द्र परिहार, विमल कुमार जाटव, मगन लाल पटेल, महेन्द्र डी. मेकवान, मोहन प्रजापति, नेमचन्द मीणा, प्रवीण कुमार गंगवाड़ तथा अन्य कई गणमान्य सदस्यों ने संबोधित किया. इस कार्यशाला को सफल बनने हेतु सभी संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों ने सहयोग प्रदान किया. अंत में सभी अतिथियों और सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया.

सम्पादकीय