अतीत के पन्नों में 15 जून से हमेशा के लिए गुम हो जाएगी धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन

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    धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल और विधायक राज सिन्हा ने की पुष्टि

    धनबाद : गुरुवार, 15 जून 2017 से धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बंद होने जा रहा है. पीएमओ को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस), धनबाद जिला प्रशासन और रेलवे बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार उक्त लाइन पर ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगाने का यह अपरिहार्य निर्णय लेना पड़ा है. पीएमओ के इस आदेश के साथ ही धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन अब अतीत के पन्नों में दफन हो जाएगी. ज्ञातव्य है कि धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन के दोनों तरफ घनी आबादी है. इस लाइन पर धनबाद जिले के गोधर, केंदुआ, कतरास, फुलवारटांड जैसे छोटे-बड़े 13 स्टेशन पड़ते हैं. इस रेल लाइन के दोनों ओर कोयला खदानों के अलावा बीसीसीएल की कॉलोनियां भी हैं, अतएव सरकार के इस फैसले से रोजाना हजारों यात्री प्रभावित होंगे.

    डीजीएमएस की रिपोर्ट के आधार पर उक्त रेल लाइन को बंद करने की यह अपरिहार्य कार्रवाई की गई है. बताया जा रहा है कि हर दिन लाखों यात्रियों के जान-माल पर खतरा बना रहता है. इस मार्ग पर शताब्दी एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस, कामख्या एक्सप्रेस, धनबाद-इंटरसिटी एक्सप्रेस सहित कुल 17 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं. इस लाइन के बंद होने से कुसुंडा, बसेरिया, बांसजोड़, सिजुआ, अंगारपथरा, कतरासगढ़, सोनारडीह, फुलवारटांड़, जमुनियाटांड़ जैसे स्टेशन प्रभावित होंगे.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन को बंद करने का अंतिम निर्णय 22 मई 2017 की बैठक में लिया गया था. प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में हुई उक्त बैठक में धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई थी. उक्त बैठक में केंद्रीय कोयला सचिव सुशील कुमार, झारखंड की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीएमएस के महानिदेशक पी. के. सरकार, डीडीजी संजीवन राय और चेयरमैन, रेलवे बोर्ड ए. के. मितल सहित केंद्र एवं राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. बैठक में धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन शिफ्ट करने के डीजीएमएस के प्रस्ताव पर सभी ने सहमति जताई थी.

    इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक, धनबाद मनोज कुमार अखौरी ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार 15 जून से मौर्य एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, शक्तिपुंज एक्सप्रेस एवं एलेप्पी एक्सप्रेस ट्रेनों को वैकल्पिक गोमो रुट से चलाया जाएगा. जबकि पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, धनबाद-रांची इंटरसिटी और दुमका-रांची इंटरसिटी वाया आसनसोल चलेंगी. श्री अखौरी ने कहा कि मौर्य एवं शक्तिपुंज एक्स. में बोगियों की संख्या बढ़ाई जाएगी. उन्होंने बताया कि कोयले की धुलाई भी बाधित होगी. उनका कहना था कि धनबाद मंडल को सालाना 1.25 करोड़ पैसेंजर अर्निंग से और 2.5 हजार करोड़ रुपए कोयला लोड़िग से होने वाली आय का नुकसान होगा.

    श्री अखौरी ने बताया कि रेलवे बोर्ड के आदेश से धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग पर 15 जून से रेल परिचालन बंद करने से पूर्व मध्य रेलवे को हर साल 2,625 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा. इसके अलावा बीसीसीएल की 13 मिलियन टन एवं ईसीएल की 12 मिलियन टन कोयले की ढुलाई प्रभावित होगी. उन्होंने बताया कि कोयले की ढुलाई से रेलवे को प्राप्त होने वाले 2,500 करोड़ रुपए के राजस्व का भी नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि धनबाद, चंद्रपुरा, फुलारीटांड तथा कतरासगढ़ के प्रति दिन यात्रा करने वाले 2,500 दैनिक यात्री भी प्रभावित होंगे. इससे यहां से टिकट राजस्व के रूप में प्राप्त होने वाले 125 करोड़ रुपए के सालाना राजस्व का भी नुकसान होगा.

    उन्होंने कहा कि इस रूट पर प्रतिदिन कोयला लोड करने वाली लगभग 10 रेक भी प्रभावित होंगी. इसके साथ ही बांसजोरा, सिजुआ, जोगता, साउथ गोविंदपुर, नोर्थ गोविंदपुर साइडिंग भी बंद हो जाएंगी. इसके अलावा इस रूट पर चलने वाली 13 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 6 पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन भी हमेशा के लिए रुक जाएगा. श्री अखौरी का कहना था कि डीसी रूट पर चलने वाली 7 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा, जबकि नई रेलवे लाइन स्थापित करने पर 3,200 करोड़ रुपए का खर्च होगा. उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन स्थापित करने में कम से कम 4-5 वर्ष का समय लग जाएगा.

    श्री अखौरी ने बताया कि धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग 34 किमी. का है. 2-3 स्थानों पर माइनिंग के कारण भूमिगत आग रेल लाइन के करीब पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि रेल परिचालन सुगमता से हो सके तथा किसी भी अनहोनी से बचने के लिए रेलवे द्वारा चौबीसों घंटे इस मार्ग में भूमिगत आग की स्थिति को जांचा जाता है. हर 10 किमी. पर रेलवे ट्रेक के नीचे का तापमान लिया जाता है. परंतु अब डीजीएमएस की रिपोर्ट के आधार पर रेलवे बोर्ड ने इस लाइन पर रेल परिचालन 15 जून से बंद करने का आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि डीजीएमएस ने इस रूट पर 14 किमी. के क्षेत्र को अत्यंत खतरनाक घोषित किया है.

    उन्होंने बताया कि डीसी रूट पर चलने वाली हावड़ा-रांची शताब्दी एक्सप्रेस, मोर्य एक्सप्रेस, धनबाद-एलेप्पी, शक्तिपुंज एक्सप्रेस को धनबाद, गोमो, चंद्रपुरा तथा पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, दुमका-रांची तथा धनबाद-रांची इंटरसिटी को चित्तरंजन, आसनसोल (रिवर्सल), जयचंदनगर, भोजुडीह, तेलघरिया, बोकारो के परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा. जिन मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बंद होगा, उसमें से वनांचल एक्सप्रेस, रांची-जयनगर एक्सप्रेस, रांची-हावड़ा इंटरसिटी, गरीब रथ, रांची-भागलपुर, रांची-कामाख्या, दरभंगा-सिकंदराबाद, रांची-नयू जलपाईगुड़ी, हैदराबाद-रक्सौल, भोपाल-हावड़ा, कोलकाता-अहमदाबाद, कोलकाता-अजमेर तथा सूरत-मालदा एक्सप्रेस शामिल हैं. जबकि मुरी-धनबाद, चंद्रपुरा-भोजुडीह, बोकारो-हावड़ा, रांची-धनबाद, चंद्रपुरा-धनबाद तथा झारग्राम-धनबाद पैसेंजर ट्रेनें 15 जून से बंद हो जाएंगी. इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में डीआरएम श्री अखौरी के साथ सीनियर डीसीएम आशीष कुमार झा और सीनियर डीओएम संजय कुमार भी उपस्थित थे.

सम्पादकीय