भविष्य की परिकल्पनाओं को साकार करने में रेलवे के साथ सहयोग करें रेलयात्री

    समयपालन और संरक्षित रेल परिचालन भारतीय रेल की पहली प्राथमिकता

    निर्माणाधीन डीएफसी पर बन रहे सब-वे प्रशस्त करेंगे सुचारु यातायात का मार्ग

    नई दिल्ली : रेल प्रशासन अपने रेलयात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित एवं समयबद्ध रेलयात्रा प्रदान करने के लिए सतत तत्पर है. समयपालन और संरक्षित रेल परिचालन भारतीय रेल की पहली प्राथमिकता है. रेल प्रशासन द्वारा संचालन क्षमता में विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में रेलमार्गों पर बने समपार फाटकों, स्टेशन प्लेटफार्मों का उच्चीकरण, यार्डों की रिमॉडलिंग, रेल लाइनों का दोहरी एवं तिहरीकरण तथा विद्युतीकरण जैसे कार्यों को तीव्र गति से किया जा रहा है.

    रेल समपारों से संरक्षा के साथ–साथ गाड़ियों का समयपालन भी प्रभावित होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल के सभी मुख्य मार्गों पर स्थित समपारों को हटाने का कार्य चल रहा है. निर्माणाधीन समर्पित मालभाड़ा गलियारे (डीएफसी) पर उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल में पड़ने वाले चार समपार फाटकों पर वर्तमान में यह कार्य प्रगति पर है.

    डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर निगम लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) द्वारा लगभग 3360 किमी. लंबे पूर्वी एवं पश्चिमी समर्पित मालभाड़ा गलियारों के निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है. इस निर्माण कार्य से मालभाड़ा यातायात के लिए एक अलग मार्ग मिलेगा, जिससे कि रेलयात्रियों के लिए अधिक से अधिक यात्री गाड़ियों के संचालन, रेलगाड़ियों का समयपालन एवं सुरक्षित रेल यात्रा प्रदान की जा सकेगी.

    इसी क्रम में पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल के दंकुनी तक बनाया जा रहे पूर्वी समर्पित मालभाड़ा गलियारे का कुछ हिस्सा भारतीय रेल के व्यस्ततम रेल मार्गों में से एक, उत्तर मध्य रेलवे के गाजियाबाद–मुगलसराय खंड के समानांतर बन रहा है. इस गलियारे के कार्य के पूरा हो जाने से उत्तर मध्य रेलवे के इस व्यस्ततम रेल खंड से एक ओर जहां माल यातायात का बोझ समाप्त होगा, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक यात्री सेवाओं का विस्तार किया जा सकेगा तथा रेलयात्रियों को समयबद्ध तरीके से उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुचाया जा सकेगा.

    उत्तर मध्य रेलवे के रेलसमपारों में इलाहाबाद–कानपुर खंड के खागा–कटोघन के मध्य समपार सं. 35-सी पर भूमिगत पुल (आरयूबी), कानपुर–टुंडला खंड के मेथा–रूरा स्टेशन के मध्य समपार सं. 90-सी पर लिमिटेड हाइट सब-वे एवं टुंडला–गाजियाबाद खंड के पोरा-हाथरस एवं सासनी–मंडराक स्टेशनों के मध्य स्थित समपारों पर आरयूबी का निर्माण किया जा रहा है. इन पुलों के निर्माण से एक ओर जहां सड़क यातायात सुचारू होगा, आम जनता बिना किसी व्यवधान के आ-जा सकेगी, वहीं दूसरी ओर रेल यातायात सुरक्षित होगा और रेलगाड़ियों के समयपालन में भी पर्याप्त सुधार होगा. इन रेल समपारों पर कार्य प्रगति पर होने के कारण रेल परिचालन कॉशन लगाकर किया जा रहा है, जिससे वर्तमान में रेलगाड़ियों का समयपालन प्रभावित हो रहा है.

    आधुनिक कालखंड में विकास के दौरान रेलमार्गों का विकास पहले हुआ तथा इसके सड़क मार्गों का विकास बाद में हुआ, जिससे कई स्थानों पर रेलमार्गों को सड़क मार्गों द्वारा काटा गया. उन स्थानों पर समपार फाटकों का निर्माण किया गया, जिससे सड़क यातायात एवं रेल यातायात का संचालन किया जा सके. रेल प्रशासन एवं डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर निगम द्वारा किए जा रहे इन निर्माण कार्यों से वर्तमान समय में रेलयात्रियों को रेलगाड़ियों के आवागमन में विलम्ब का सामना करना पड़ सकता है. रेल प्रशासन रेलयात्रियों से अनुरोध करता है कि भविष्य की परिकल्पनाओं को साकार करने में रेलवे के साथ सहयोग करें.

सम्पादकीय