रिटायर्ड आरपीएफ कर्मी 24 मई को करेंगे मंडल कार्यालय, लखनऊ के समक्ष प्रदर्शन

    पेंशन अदालत के निर्देश के बावजूद गलत पीपीओ मामलों का नहीं किया गया निपटारा

    रिटा.आरपीएफ कर्मियों को 1.1.06 से 29.3.12 के एरियर्स का नहीं किया गया भुगतान

    भ्रष्ट चीफ ओएस/सीनि.डीएससी ऑफिस, लखनऊ का अविलंब अन्यत्र ट्रांसफर किया जाए

    लखनऊ : रेल प्रशासन द्वारा रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के तमाम रिटायर्ड रेलकर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं किए जाने से उनमें भारी असंतोष व्याप्त है. रिटायर्ड रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स एम्प्लाइज एसोसिएशन, उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल कार्यकारिणी की 23-24 मार्च को रिजर्व लाइन, आलमबाग, लखनऊ में हुई मीटिंग में 24 मई को मंडल प्रबंधक कार्यालय, लखनऊ के समक्ष लंच टाइम में बड़ी संख्या में रिटायर्ड आरपीएफ कर्मियों का एक धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया. एसोसिएशन के महामंत्री एस. के. शुक्ला के अनुसार उक्त बैठक के दौरान उपस्थित रिटायर्ड बल सदस्यों की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया और कहा गया कि रिटायर्ड बल सदस्य समय-समय पर संबंधित रेल अधिकारियों को अवगत कराते हुए समाधान की मांग करते रहे हैं, परंतु सिर्फ आश्वासन के अलावा आज तक व्याप्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया है.

    श्री शुक्ला का कहना है कि इस कारण से रिटायर्ड बल सदस्यों, जो अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव पर हैं, में अब इतनी क्षमता नहीं रह गई है कि बार-बार दूर-दराज से आकर मंडल कार्यालय के चक्कर लगा सकें. उन्होंने कहा कि रिटायर्ड बल सदस्यों में घोर असंतोष और गहरी निराशा है. इसके चलते बैठक में उन्होंने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि यदि उनकी ज्वलंत समस्याओं का निराकरण 23 मई 2017 से पहले मंडल रेल प्रशासन, लेखा एवं सुरक्षा विभाग द्वारा नहीं किया गया, तो 24 मई 2017 को रिटायर्ड बल सदस्य भारी संख्या में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में भोजनावकाश के समय धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे.

    उन्होंने कहा कि यदि तब भी कोई सुनवाई नहीं होती है, तो आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिसमें धरना-मोर्चा आदि करने को हम बाध्य होंगे. इस निर्णय की जानकारी रेल प्रशासन को देने तथा अग्रिम कार्यवाही करने के सभी अधिकार कार्यकारिणी द्वारा उन्हें सौंपे गए हैं.

    रिटायर्ड आरपीएफ कर्मियों की ज्वलंत समस्याएं

    1. दि. 1 जनवरी 2006 से पूर्व सेवानिवृत्त रेलवे सुरक्षा बल के लगभग 200 सदस्यों, जिनके पीपीओ गलत बने हैं, की सूची समय-समय पर लगातार वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त कार्यालय एवं लेखा कार्यालय और मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय को भेजी गई है, उनमें ग्रेड-पे का सुधार करके नया पीपीओ बनाया जाए और सभी देय एरियर्स का शीघ्र भुगतान किया जाए.

    2. दि. 15 जनवरी 2017 को पेंशन अदालत में लगभग 61 मामले प्रस्तुत हुए थे, जिनके पीपीओ गलत बने थे, पेंशन अदालत ने 3 दिन के अंदर समाधान की बात कही थी और वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त कार्यालय के लोगों को 3 दिन के अंदर निपटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक एक भी मामले का निपटारा नहीं किया गया.

    3. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 1 जनवरी 2006 के पूर्व सेवानिवृत्त रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों का एरियर 1 जनवरी 2006 से 29 मार्च 2012 तक का मिलना था, जो अभी तक नहीं दिया गया, इसका भुगतान अतिशीघ्र कराया जाए.

    4. दि. 1 जनवरी 2006 से पूर्व के सभी सेवानिवृत्ति रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों का नया पीपीओ बनाया जाए, जिनका अब तक नहीं बनाया गया है और जिनकी सूची भेजी जा चुकी है, उनके पीपीओ शीघ्र बनाकर दिए जाएं तथा उनके एरियर्स का भुगतान तत्काल किया जाए.

    5. चूंकि रेलवे सुरक्षा बल वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के अधीन नहीं आता है. इसी कारण रेलवे सुरक्षा बल में अलग से हित निरीक्षक (प्रोटोकाल निरीक्षक) नियुक्त हैं, परंतु लेखा विभाग द्वारा सभी पीपीओ तथा अनपेड की सूची वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी कार्यालय भेज दी जाती है, जिनको सुरक्षा अनुभाग द्वारा कभी भी संकलित नहीं किया जाता है, जबकि पहले लेखा विभाग द्वारा सुरक्षा विभाग को भेजा जाता रहा है. इसको तत्काल लागू किया जाए, ताकि रेलवे सुरक्षा बल के रिटायर्ड कर्मियों को उनके पीपीओ समय से मिल सकें और अनपेड हुए मामलों की जानकारी सेवानिवृत्त एवं सेवारत कर्मियों को समय पर मिल सके.

    6. विगत दिनों मेंबर स्टॉफ, रेलवे बोर्ड, लखनऊ आए थे. उन्होंने घोषित किया था कि रेलवे बोर्ड से सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने हेतु आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसके लिए उन्होंने मंडल अधिकारियों को सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों के लिए स्मार्ट मेडिकल कार्ड बनाने के लिए निर्देशित किया है. अतः अतिशीघ्र स्मार्ट कार्ड बनवाए जाएं, ताकि वरिष्ठ नागरिक नकदरहित मेडिकल सुविधा का लाभ दिल्ली मंडल की भांति प्राप्त कर सकें.

    7. सेवानिवृत्त बल सदस्यों, जो शारीरिक रुप से अपनी उम्र के कारण अथवा अन्य कारण से कमजोर हैं, को पास लेने के लिए मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में सुरक्षा अनुभाग में जाना पड़ता है, परंतु वहां जाने के लिए लगी लोहे की सीधी खड़ी हुई सीढ़ियां उनके लिए एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के समान हैं और तनिक भी असावधानी होने से किसी भी वरिष्ठ नागरिक के साथ कोई भी गंभीर घटना घट सकती है. अतः पास मैनुअल के अनुसार सेवानिवृत्त बल सदस्य को मानार्थ पास उनके निवास स्थान के नजदीक रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट से प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की जाए.

    8. वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त कार्यालय में कार्यरत राम शंकर सिंह, मुख्य कार्यालय अधीक्षक का स्थानांतरण अतिशीघ्र किया जाए, क्योंकि उनकी संदिग्ध गतिविधियां और कार्य-कलाप उनके निजी स्वार्थ से संचालित होते हैं. सेवानिवृत्ति रेलवे सुरक्षा बल सदस्यों की समस्याओं के निराकरण में अवरोध डालने में उनकी परोक्ष अथवा अपरोक्ष रुप से सक्रिय भूमिका रहती है, अन्यथा क्या कारण है कि 3 वर्षों से लगातार किए जा रहे पत्राचार पर कोई भी कार्यवाही परिलक्षित नहीं हुई और न ही किसी भी पत्राचार पर की गई कार्यवाही से एसोसिएशन को मंडल स्तर अथवा क्षेत्रीय स्तर से सूचित किया गया. ऐसा क्यों है, इस पर गंभीर और खुली जांच की आवश्यकता है, जो अतिशीघ्र की जाए.

    रिटायर्ड रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स एम्प्लाइज एसोसिएशन के महामंत्री एस. के. शुक्ला ने रेल प्रशासन सहित मंडल प्रशासन से आग्रह किया है कि उपरोक्त समस्याओं के अति शीघ्र निराकरण हेतु लखनऊ मंडल, उत्तर रेलवे के लेखा एवं सुरक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए, जिससे कि वह अपने स्तर पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को सही समय और तरीके से समस्याओं का निराकरण करवाएं, ताकि दीर्घकालीन लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके और वरिष्ठ नागरिकों का जो आर्थिक नुकसान हो रहा है उससे उन्हें राहत मिल सके.

सम्पादकीय